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बिजली उपभोक्ताओं के लिए संकट: अब दो साल से ज्यादा लंबित शिकायतों को बिजली निगम के खुले दरबार में नहीं मिलेगी जगह
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बिजली उपभोक्ताओं के लिए संकट
अब दो साल से ज्यादा लंबित शिकायतों को बिजली निगम के खुले दरबार में नहीं मिलेगी जगह
बिजली निगम के खुले दरबार मे आईं 20 शिकायतें, दस का मौके पर समाधान, दस का बनाया केस
ज्यादातर शिकायतें गलत बिल से संबंधित रहीं, अधिकारियों की बेरुखी का करना पड़ा उपभोक्ताओं को सामना
फोटो-5 से 8
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अब बिजली निगम के खुले दरबार की बैठक में दो साल से ज्यादा लंबित शिकायतों को नहीं सुना जाएगा। इनमें सीएम विंडो पर डाली गईं शिकायतें, कोर्ट केस, पुलिस केस और बिजली चोरी के केस भी शामिल रहेंगे। यह प्रावधान बिजली निगम एक्ट में भी है। इससे लंबित शिकायतों वाले उपभोक्ताओं के लिए संकट खड़ा हो गया है। अब उनके पास कोर्ट या मुख्यालय में ही शिकायत का समाधान करवाने का रास्ता बचता है। सीजीआरएफ के इस एलान का शिकायतकर्ताओं ने जमकर विरोध किया।
बिजली निगम के सीजीआरएफ यानी उपभोक्ता कष्ट निवारण संघ की ओर से बुुधवार को सेक्टर 6, लघु सचिवालय के पीछे 33 केवी पावर हाउस में खुले दरबार का आयोजन किया गया। इसमें कुल 20 शिकायतें आईं, जिसमें दस का मौके पर समाधान किया गया, बाकी के दस का केस बनाकर अधिकारियों को सौंपते हुए समाधान के निर्देश दिए गए। इस दौरान एक 2016 की शिकायत पर सुनवाई करते हुए सीजीआरएफ टीम के अध्यक्ष आरके शर्मा ने कहा कि वे उन शिकायत का समाधान नहीं करेंगे, क्योंकि मामला काफी समय से लंबित है, इसकी शिकायतें भी उपभोक्ता ने कई जगहों पर कर रखी हैं। सीजीआरएफ टीम के इस बयान के बाद बिजली संबंधित शिकायत लेकर पहुंचे कई उपभोक्ताओं को लौटना पड़ा।
उपभोक्ता बोले-
ज्यादा बिल वसूला, तीन एंट्री की, रिफंड नहीं कर रहे : बवेजा
देवी मूर्ति कॉलोनी के केआर बवेेजा ने बताया कि बिजली निगम ने उनसे ज्यादा बिल वसूल लिया। उनके करीब 2232 रुपये बिजली निगम की तरफ बकाया निकलते हैं। निगम अधिकारियों को शिकायत की तो उन्होंने इसकी तीन बार एंट्री की, लेकिन उनको उनका पैसा रिफंड नहीं किया जा रहा है। इसके लिए बार-बार निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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नया मीटर रजिस्टर्ड नहीं, पुराने का थमाया बिल : इंद्रजीत
जाटल रोड निवासी इंद्रजीत ने बताया कि उनका मीटर खराब हुआ, इसकी शिकायत की तो उसे करनाल लैब भेजकर नया मीटर लगाया दिया गया। सात माह से पुुुराना मीटर तो आया नहीं, लेकिन बिल पुराने मीटर का दिया जा रहा है। नया मीटर रजिस्टर्ड तक नहीं किया और बिल पुराने के हिसाब से ज्यादा बनाकर दिया जाता है। इसकी शिकायत की है, समाधान का केवल आश्वासन मिला है।
बिजली वालों ने घर की छत पर रखे खुले तार, करंट का बना डर : अशोक
गांधी नगर, कुटानी रोड निवासी अशोक कुमार ने बताया कि बिजली वालों ने ही उनके घर की छत पर खुले तारों की लाइन सटा दी है। जबकि पूरी कॉलोनी में एलटी लाइन बिछाई गई हैं। अब हर वक्त घर में करंट आने का खतरा बना रहता है। बार-बार इसकी शिकायत की भी, लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही है। निगम कर्मी जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। इसकी शिकायत सीएम विंडो को भी दी है।
वर्जन
अब से खुले दरबार में दो साल से ज्यादा लंबित मामलों की सुनवाई नहीं होगी। इसमें पुलिस, कोर्ट, सीएम विंडों के केस भी शामिल रहेंगे। ऐसा एक्ट भी है। इसके अलावा मौके पर बीस शिकायतों में से दस का समाधान किया है। दस का केस बनाकर अधिकारियों को दिया गया है।
आरके शर्मा, चेयरमैन, सीजीआरएफ।
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अब दो साल से ज्यादा लंबित शिकायतों को बिजली निगम के खुले दरबार में नहीं मिलेगी जगह
बिजली निगम के खुले दरबार मे आईं 20 शिकायतें, दस का मौके पर समाधान, दस का बनाया केस
ज्यादातर शिकायतें गलत बिल से संबंधित रहीं, अधिकारियों की बेरुखी का करना पड़ा उपभोक्ताओं को सामना
फोटो-5 से 8
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अब बिजली निगम के खुले दरबार की बैठक में दो साल से ज्यादा लंबित शिकायतों को नहीं सुना जाएगा। इनमें सीएम विंडो पर डाली गईं शिकायतें, कोर्ट केस, पुलिस केस और बिजली चोरी के केस भी शामिल रहेंगे। यह प्रावधान बिजली निगम एक्ट में भी है। इससे लंबित शिकायतों वाले उपभोक्ताओं के लिए संकट खड़ा हो गया है। अब उनके पास कोर्ट या मुख्यालय में ही शिकायत का समाधान करवाने का रास्ता बचता है। सीजीआरएफ के इस एलान का शिकायतकर्ताओं ने जमकर विरोध किया।
बिजली निगम के सीजीआरएफ यानी उपभोक्ता कष्ट निवारण संघ की ओर से बुुधवार को सेक्टर 6, लघु सचिवालय के पीछे 33 केवी पावर हाउस में खुले दरबार का आयोजन किया गया। इसमें कुल 20 शिकायतें आईं, जिसमें दस का मौके पर समाधान किया गया, बाकी के दस का केस बनाकर अधिकारियों को सौंपते हुए समाधान के निर्देश दिए गए। इस दौरान एक 2016 की शिकायत पर सुनवाई करते हुए सीजीआरएफ टीम के अध्यक्ष आरके शर्मा ने कहा कि वे उन शिकायत का समाधान नहीं करेंगे, क्योंकि मामला काफी समय से लंबित है, इसकी शिकायतें भी उपभोक्ता ने कई जगहों पर कर रखी हैं। सीजीआरएफ टीम के इस बयान के बाद बिजली संबंधित शिकायत लेकर पहुंचे कई उपभोक्ताओं को लौटना पड़ा।
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उपभोक्ता बोले-
ज्यादा बिल वसूला, तीन एंट्री की, रिफंड नहीं कर रहे : बवेजा
देवी मूर्ति कॉलोनी के केआर बवेेजा ने बताया कि बिजली निगम ने उनसे ज्यादा बिल वसूल लिया। उनके करीब 2232 रुपये बिजली निगम की तरफ बकाया निकलते हैं। निगम अधिकारियों को शिकायत की तो उन्होंने इसकी तीन बार एंट्री की, लेकिन उनको उनका पैसा रिफंड नहीं किया जा रहा है। इसके लिए बार-बार निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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नया मीटर रजिस्टर्ड नहीं, पुराने का थमाया बिल : इंद्रजीत
जाटल रोड निवासी इंद्रजीत ने बताया कि उनका मीटर खराब हुआ, इसकी शिकायत की तो उसे करनाल लैब भेजकर नया मीटर लगाया दिया गया। सात माह से पुुुराना मीटर तो आया नहीं, लेकिन बिल पुराने मीटर का दिया जा रहा है। नया मीटर रजिस्टर्ड तक नहीं किया और बिल पुराने के हिसाब से ज्यादा बनाकर दिया जाता है। इसकी शिकायत की है, समाधान का केवल आश्वासन मिला है।
बिजली वालों ने घर की छत पर रखे खुले तार, करंट का बना डर : अशोक
गांधी नगर, कुटानी रोड निवासी अशोक कुमार ने बताया कि बिजली वालों ने ही उनके घर की छत पर खुले तारों की लाइन सटा दी है। जबकि पूरी कॉलोनी में एलटी लाइन बिछाई गई हैं। अब हर वक्त घर में करंट आने का खतरा बना रहता है। बार-बार इसकी शिकायत की भी, लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही है। निगम कर्मी जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। इसकी शिकायत सीएम विंडो को भी दी है।
वर्जन
अब से खुले दरबार में दो साल से ज्यादा लंबित मामलों की सुनवाई नहीं होगी। इसमें पुलिस, कोर्ट, सीएम विंडों के केस भी शामिल रहेंगे। ऐसा एक्ट भी है। इसके अलावा मौके पर बीस शिकायतों में से दस का समाधान किया है। दस का केस बनाकर अधिकारियों को दिया गया है।
आरके शर्मा, चेयरमैन, सीजीआरएफ।