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बच्चा चोर गिरोह के तीन सदस्य काबू
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
Updated Mon, 23 Nov 2015 11:12 PM IST
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जिला पुलिस ने गाजियाबाद से बच्चा चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक दंपति भी शामिल है। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से पानीपत के एक किशोर को भी बरामद किया है। साथ ही तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपियों ने 15 नवंबर को सोमबीर (14) निवासी राजनगर का नशीला पदार्थ सुंघाकर अपहरण कर लिया था।
किशोर अपनी मां मीना के पास अनाज मंडी में जा रहा था। मंडी में न पहुंचने पर मीना ने सोमबीर को हर संभव जगह तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। 15 नवंबर को सोमबीर ने मां मीना के पास फोन करके इस बात की सूचना दी कि उसको किसी ने एक कमरे में बंद कर दिया है। उसको नहीं पता कि वह कहां है। इसके बाद फोन कट गया।
मीना ने फोन पर वापस संपर्क किया तो फोन किसी महिला ने उठाया। महिला ने मीना को बताया कि उसे उसका बच्चा भटकता हुआ मिला है। वह बच्चे को सोनीपत लेकर आएगी। वहां से वो अपने बच्चे को ले जाए। 17 अक्तूबर को मीना सोमबीर को लेने के लिए सोनीपत गई, लेकिन न तो वह फोन नंबर मिला और न ही सोमबीर आया। इसके बाद पुलिस में मामले की शिकायत दी गई।
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पुलिस ने मामले की जांच की और गाजियाबाद से दंपति समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों के पास से ही सोमबीर को भी बरामद किया। पुलिस प्रवक्ता अनिल कुमार ने बताया कि 17 नवंबर को आठ मरला चौकी में राजनगर निवासी मीना ने पुलिस में शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उस फोन नंबर की जांच की जिस नंबर से फोन आया था। पुलिस को जांच के दौरान नंबर गाजियाबाद के सज्जन कुमार का मिला।
पुलिस ने गाजियाबाद जाकर सज्जन कुमार से बातचीत की। सज्जन कुमार ने बताया कि यह सिम उसका दोस्त आशु इस्तेमाल करता है। पुलिस ने सज्जन की निशानदेही पर आशु उसकी पत्नी उमा और राहुल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर ले लिया गया है।
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किशोर अपनी मां मीना के पास अनाज मंडी में जा रहा था। मंडी में न पहुंचने पर मीना ने सोमबीर को हर संभव जगह तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। 15 नवंबर को सोमबीर ने मां मीना के पास फोन करके इस बात की सूचना दी कि उसको किसी ने एक कमरे में बंद कर दिया है। उसको नहीं पता कि वह कहां है। इसके बाद फोन कट गया।
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मीना ने फोन पर वापस संपर्क किया तो फोन किसी महिला ने उठाया। महिला ने मीना को बताया कि उसे उसका बच्चा भटकता हुआ मिला है। वह बच्चे को सोनीपत लेकर आएगी। वहां से वो अपने बच्चे को ले जाए। 17 अक्तूबर को मीना सोमबीर को लेने के लिए सोनीपत गई, लेकिन न तो वह फोन नंबर मिला और न ही सोमबीर आया। इसके बाद पुलिस में मामले की शिकायत दी गई।
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पुलिस ने मामले की जांच की और गाजियाबाद से दंपति समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों के पास से ही सोमबीर को भी बरामद किया। पुलिस प्रवक्ता अनिल कुमार ने बताया कि 17 नवंबर को आठ मरला चौकी में राजनगर निवासी मीना ने पुलिस में शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उस फोन नंबर की जांच की जिस नंबर से फोन आया था। पुलिस को जांच के दौरान नंबर गाजियाबाद के सज्जन कुमार का मिला।
पुलिस ने गाजियाबाद जाकर सज्जन कुमार से बातचीत की। सज्जन कुमार ने बताया कि यह सिम उसका दोस्त आशु इस्तेमाल करता है। पुलिस ने सज्जन की निशानदेही पर आशु उसकी पत्नी उमा और राहुल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर ले लिया गया है।