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कंपनी में करोड़ों अटके तो 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ा ‘वीरू’
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sat, 01 Apr 2017 11:53 PM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सेक्टर-12 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी एक कांट्रेक्टर कंपनी में अटके करोड़ों रुपये निकालने के लिए सेक्टर-7 में कंपनी की साइट पर स्थित करीब 100 ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। वहां से वह आत्महत्या की धमकी देने लगा। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उसे नीचे आने के लिए मनाने लगे। नीचे आने की बजाय कांट्रेक्टर ने दो पन्नों का सुसाइड नोट नीचे फेंक दिया। इसमेें कंपनी अधिकारियों पर दो साल से करोड़ों रुपये न देने का आरोप लगाते हुए उन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार भी ठहराया था। कांट्रेक्टर के दोस्त, भाई और अन्य लोग उसे नीचे आने के लिए मिन्नतें करते रहे। करीब पांच घंटे बाद परिवार के लोगों ने उसे समझाकर नीचे उतरा। इस दौरान प्रशासन और पुलिस आपातकालीन प्रबंध तक नहीं कर सका। प्रशासनिक अधिकारी कई घंटे बाद पहुंचे। इससे पहले पहुंचे पुलिस अधिकारी भी खाली हाथ थे। पुलिस ने कांट्रेक्टर को उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए थाने में शिकायत देने के लिए कहा है। इस दौरान नायब तहसीलदार आशा रानी, डीएसपी बली सिंह, थाना शहर प्रभारी अमित कुमार पुलिस बल सहित मौके पर मौजूद रहे। थाना मॉडल टाउन पुलिस ने कांट्रेक्टर पर आत्महत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है। कांट्रेक्टर और उसके भाई की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-12 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी देवदत्त पाल सेक्टर-37 स्थित साइट पर शनिवार सुबह पहुंचे। वे करीब दस बजे पानी की टंकी पर चढ़ गए। वहां से उन्होंने नीचे काम कर रहे लोगों से कहा कि कंपनी उसके करोड़ों रुपये दबाए बैठी है। अब उसके पास मरने के सिवाय कोई और रास्ता नहीं है। सिक्योरिटी अधिकारी लहणा सिंह ने उनसे नीचे आने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं माने। इसकी सूचना देवदत्त पाल के भाई रणबीर को दी गई। परिवारिजन भी उनसे नीचे उतरने के लिए कहते रहे, लेकिन वे नहीं माने। परिवार के लोग ऊपर जाने लगे तो उन्हाेंने कूदने की धमकी दे दी। सूचना पर थाना मॉडल टाउन पुलिस पहुंच गई। थाना प्रभारी अमित कुमार ने देवदत्त से उतरने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। इस दौरान मौके पर भीड़ जमा हो गई। कंपनी के एजीएम भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने की बात कही, लेकिन देवदत्त नहीं माने।
मामला बढ़ता देख डीएसपी बली सिंह मौके पर पहुंचे। देवदत्त के दोस्त रविंद्र ने उनसे फोन पर संपर्क किया और आश्वासन दिया कि उसके साथ न्याय होगा। इसके बाद ही वह नीचे आने के लिए राजी हुए। वह करीब तीन बजे नीचे उतारे। पुलिस ने कांट्रेक्टर को नीचे आते ही गिरफ्तार कर लिया।
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घंटों बाद नायब तहसीलदार पहुंची
पुलिस का कहना है कि मौके पर पहुंचने के बाद कांट्रेक्टर के नीचे न आने की सूचना एसडीएम को दे दी थी, लेकिन एसडीएम पानीपत मौके पर नहीं पहुंचे। करीब चार घंटे बाद नायब तहसीलदार आशा रानी मौके पर पहुंची। उस समय तक देवदत्त को आश्वस्त किया जा चुका था।
छह घंटे तक चला ड्रामा, नहीं पहुंची फायरबिग्रेड
देवदत्त पाल सुबह करीब दस बजे टंकी पर चढ़े। इसकी सूचना तुरंत थाना मॉडल टाउन पुलिस को दी गई। इसके बाद भी देवदत्त को बचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए। करीब ढाई घंटे बाद पहुंचे डीएसपी बली सिंह ने इंस्पेक्टर अमित कुमार से बचाव के संसाधनों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड को फोन किया था, लेकिन अभी तक नहीं पहुंची। डीएसपी के जाल के बारे में पूछने पर थाना प्रभारी ने उसके न होने के बारे में बताया।
धूप बत्ती जलाकर पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा
टंकी के ऊपर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने वाले देवदत्त पाल के मन में भी घमासान था। ऊपर चढ़ने के बाद वह अपने मन को शांत करने के लिए धूप बत्ती जलाकर हनुमान चालीसा पढ़ते रहे। बीच-बीच मं लोगों से बात भी करते।
ऐसे चला घटनाक्रम
09:30 बजे : सेक्टर 12 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी देवदत्त पाल सेक्टर 37 पहंचे।
10:00 बजे : देवदत्त 100 फुट ऊंची टंकी पर चढ़े और आत्महत्या की धमकी दी।
10:30 बजे : देवदत्त पाल के भाई रणबीर, कंपनी के अधिकारी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे।
11:00 बजे : थाना मॉडल टाउन पुलिस पहुंची और देवदत्त पाल को नीचे के लिए कहा। करीब दो घंटे तक देवदत्त पाल फोन पर पुलिस और अन्य से बात करते रहे।
02:25 बजे : लोगों के समझाने पर वह नीचे आने लगे, लेकिन लोगों की भीड़ देख दोबारा चढ़ गए।
02:30 बजे : देवदत्त का भाई अंदर गया और समझाने का प्रयास किया।
02:35 बजे : डीएसपी बली सिंह मौके पर पहुंचे।
02:40 बजे : डीएसपी बली सिंह ने थाना मॉडल टाउन प्रभारी अमित कुमार से रेस्क्यू के बारे में पूछा और प्रबंध करने को कहा।
02:50 बजे : टंकी पर चढ़े देवदत्त पाल से डीएसपी बली सिंह ने बात की और कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
02:55 बजे : नायब तहसीलदार आशा रानी मौके पर पहुंचीं।
03:00 बजे : देवदत्त पाल नीचे उतरे और रोते हुए पुलिस को आपबीती बताई।
03:05 बजे : थाना मॉडल टाउन पुलिस ने देवदत्त को लेकर थाने चली गई।
यह है मामला
दिल्ली की एक कंपनी की पानीपत में 1200 एकड़ जमीन है। इसमें सेक्टर बनाए जाने के लिए बॉम्बे की एक कंपनी को वर्ष 2012 में 85 करोड़ रुपये में ठेका दिया गया। 28 करोड़ रुपये का पेमेंट कर दिया गया। बॉम्बे की कंपनी ने पानीपत में कुछ लोगों को ठेका देकर काम शुरू करवा दिया। सेक्टर-12 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी देवदत्त पाल ने अपने भाई रणबीर, वीरेंद्र शर्मा और मेहर सिंह के साथ मिलकर सिविल कार्य का ठेका लिया। देवदत्त ने बैंक से लोन लेकर काम शुरू कर दिया। वर्ष 2014 में दोनों कंपनियों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दिल्ली की कंपनी ने बॉम्बे की कंपनी की सिक्योरिटी राशी करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये जब्त कर ली। दोनों ही कंपनियों ने एक दूसरे के खिलाफ केस कर दिया। इसके बाद साइट पर काम बंद हो गया। छोटे कांट्रेक्टर का सारा पैसा अटक गया। देवदत्त पाल का कहना है कि उनका करीब 12 करोड़ रुपये थे, जिनमें से करीब आधा पैसा आ गया था। करीब छह करोड़ रुपये बकाया थे। यह अभी तक नहीं मिला है। लोन की रकम बढ़ती जा रही है। उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। उसके पास आत्महत्या के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा।
टंकी पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास कर रहे कांट्रेक्टर सेक्टर 12 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी देवदत्त पाल के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। देवदत्त पाल और उसके भाई रणबीर ने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ दो साल से पैसे न देने की शिकायत दी है। मामले की जांच की जाएगी।
बली सिंह, डीएसपी, पानीपत।
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पानीपत। सेक्टर-12 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी एक कांट्रेक्टर कंपनी में अटके करोड़ों रुपये निकालने के लिए सेक्टर-7 में कंपनी की साइट पर स्थित करीब 100 ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। वहां से वह आत्महत्या की धमकी देने लगा। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उसे नीचे आने के लिए मनाने लगे। नीचे आने की बजाय कांट्रेक्टर ने दो पन्नों का सुसाइड नोट नीचे फेंक दिया। इसमेें कंपनी अधिकारियों पर दो साल से करोड़ों रुपये न देने का आरोप लगाते हुए उन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार भी ठहराया था। कांट्रेक्टर के दोस्त, भाई और अन्य लोग उसे नीचे आने के लिए मिन्नतें करते रहे। करीब पांच घंटे बाद परिवार के लोगों ने उसे समझाकर नीचे उतरा। इस दौरान प्रशासन और पुलिस आपातकालीन प्रबंध तक नहीं कर सका। प्रशासनिक अधिकारी कई घंटे बाद पहुंचे। इससे पहले पहुंचे पुलिस अधिकारी भी खाली हाथ थे। पुलिस ने कांट्रेक्टर को उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए थाने में शिकायत देने के लिए कहा है। इस दौरान नायब तहसीलदार आशा रानी, डीएसपी बली सिंह, थाना शहर प्रभारी अमित कुमार पुलिस बल सहित मौके पर मौजूद रहे। थाना मॉडल टाउन पुलिस ने कांट्रेक्टर पर आत्महत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है। कांट्रेक्टर और उसके भाई की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-12 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी देवदत्त पाल सेक्टर-37 स्थित साइट पर शनिवार सुबह पहुंचे। वे करीब दस बजे पानी की टंकी पर चढ़ गए। वहां से उन्होंने नीचे काम कर रहे लोगों से कहा कि कंपनी उसके करोड़ों रुपये दबाए बैठी है। अब उसके पास मरने के सिवाय कोई और रास्ता नहीं है। सिक्योरिटी अधिकारी लहणा सिंह ने उनसे नीचे आने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं माने। इसकी सूचना देवदत्त पाल के भाई रणबीर को दी गई। परिवारिजन भी उनसे नीचे उतरने के लिए कहते रहे, लेकिन वे नहीं माने। परिवार के लोग ऊपर जाने लगे तो उन्हाेंने कूदने की धमकी दे दी। सूचना पर थाना मॉडल टाउन पुलिस पहुंच गई। थाना प्रभारी अमित कुमार ने देवदत्त से उतरने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। इस दौरान मौके पर भीड़ जमा हो गई। कंपनी के एजीएम भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने की बात कही, लेकिन देवदत्त नहीं माने।
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मामला बढ़ता देख डीएसपी बली सिंह मौके पर पहुंचे। देवदत्त के दोस्त रविंद्र ने उनसे फोन पर संपर्क किया और आश्वासन दिया कि उसके साथ न्याय होगा। इसके बाद ही वह नीचे आने के लिए राजी हुए। वह करीब तीन बजे नीचे उतारे। पुलिस ने कांट्रेक्टर को नीचे आते ही गिरफ्तार कर लिया।
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घंटों बाद नायब तहसीलदार पहुंची
पुलिस का कहना है कि मौके पर पहुंचने के बाद कांट्रेक्टर के नीचे न आने की सूचना एसडीएम को दे दी थी, लेकिन एसडीएम पानीपत मौके पर नहीं पहुंचे। करीब चार घंटे बाद नायब तहसीलदार आशा रानी मौके पर पहुंची। उस समय तक देवदत्त को आश्वस्त किया जा चुका था।
छह घंटे तक चला ड्रामा, नहीं पहुंची फायरबिग्रेड
देवदत्त पाल सुबह करीब दस बजे टंकी पर चढ़े। इसकी सूचना तुरंत थाना मॉडल टाउन पुलिस को दी गई। इसके बाद भी देवदत्त को बचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए। करीब ढाई घंटे बाद पहुंचे डीएसपी बली सिंह ने इंस्पेक्टर अमित कुमार से बचाव के संसाधनों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड को फोन किया था, लेकिन अभी तक नहीं पहुंची। डीएसपी के जाल के बारे में पूछने पर थाना प्रभारी ने उसके न होने के बारे में बताया।
धूप बत्ती जलाकर पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा
टंकी के ऊपर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने वाले देवदत्त पाल के मन में भी घमासान था। ऊपर चढ़ने के बाद वह अपने मन को शांत करने के लिए धूप बत्ती जलाकर हनुमान चालीसा पढ़ते रहे। बीच-बीच मं लोगों से बात भी करते।
ऐसे चला घटनाक्रम
09:30 बजे : सेक्टर 12 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी देवदत्त पाल सेक्टर 37 पहंचे।
10:00 बजे : देवदत्त 100 फुट ऊंची टंकी पर चढ़े और आत्महत्या की धमकी दी।
10:30 बजे : देवदत्त पाल के भाई रणबीर, कंपनी के अधिकारी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे।
11:00 बजे : थाना मॉडल टाउन पुलिस पहुंची और देवदत्त पाल को नीचे के लिए कहा। करीब दो घंटे तक देवदत्त पाल फोन पर पुलिस और अन्य से बात करते रहे।
02:25 बजे : लोगों के समझाने पर वह नीचे आने लगे, लेकिन लोगों की भीड़ देख दोबारा चढ़ गए।
02:30 बजे : देवदत्त का भाई अंदर गया और समझाने का प्रयास किया।
02:35 बजे : डीएसपी बली सिंह मौके पर पहुंचे।
02:40 बजे : डीएसपी बली सिंह ने थाना मॉडल टाउन प्रभारी अमित कुमार से रेस्क्यू के बारे में पूछा और प्रबंध करने को कहा।
02:50 बजे : टंकी पर चढ़े देवदत्त पाल से डीएसपी बली सिंह ने बात की और कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
02:55 बजे : नायब तहसीलदार आशा रानी मौके पर पहुंचीं।
03:00 बजे : देवदत्त पाल नीचे उतरे और रोते हुए पुलिस को आपबीती बताई।
03:05 बजे : थाना मॉडल टाउन पुलिस ने देवदत्त को लेकर थाने चली गई।
यह है मामला
दिल्ली की एक कंपनी की पानीपत में 1200 एकड़ जमीन है। इसमें सेक्टर बनाए जाने के लिए बॉम्बे की एक कंपनी को वर्ष 2012 में 85 करोड़ रुपये में ठेका दिया गया। 28 करोड़ रुपये का पेमेंट कर दिया गया। बॉम्बे की कंपनी ने पानीपत में कुछ लोगों को ठेका देकर काम शुरू करवा दिया। सेक्टर-12 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी देवदत्त पाल ने अपने भाई रणबीर, वीरेंद्र शर्मा और मेहर सिंह के साथ मिलकर सिविल कार्य का ठेका लिया। देवदत्त ने बैंक से लोन लेकर काम शुरू कर दिया। वर्ष 2014 में दोनों कंपनियों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दिल्ली की कंपनी ने बॉम्बे की कंपनी की सिक्योरिटी राशी करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये जब्त कर ली। दोनों ही कंपनियों ने एक दूसरे के खिलाफ केस कर दिया। इसके बाद साइट पर काम बंद हो गया। छोटे कांट्रेक्टर का सारा पैसा अटक गया। देवदत्त पाल का कहना है कि उनका करीब 12 करोड़ रुपये थे, जिनमें से करीब आधा पैसा आ गया था। करीब छह करोड़ रुपये बकाया थे। यह अभी तक नहीं मिला है। लोन की रकम बढ़ती जा रही है। उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। उसके पास आत्महत्या के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा।
टंकी पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास कर रहे कांट्रेक्टर सेक्टर 12 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी देवदत्त पाल के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। देवदत्त पाल और उसके भाई रणबीर ने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ दो साल से पैसे न देने की शिकायत दी है। मामले की जांच की जाएगी।
बली सिंह, डीएसपी, पानीपत।