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चार ग्रहों का संयोग दीपावली को बनाएगा खास
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पानीपत। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या 4 नवंबर वीरवार को दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। इस बार दीपावली बहुत खास और शुभ लाभ देने वाली होगी। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। दीपावली के दिन ग्रह-गोचरों का भी दुर्लभ शुभ संयोग व चर्तुग्रही योग बन रहा है। दीपावली पर एक ही राशि में चार ग्रहों के होने से चर्तुग्रही योग व महालक्ष्मी योग का दुर्लभ संयोग बना है। दोनों योग दीपावली के मौके पर पूरे दिन और रात रहेंगे।
मंगल, सूर्य, बुध और चंद्रमा ग्रहों का यह संयोग बहुत ही शुभ माना जा रहा है। चर्तुग्रही योग के साथ महालक्ष्मी योग का निर्माण चंद्र एवं मंगल के साथ मिलने से बन रहा है। मां लक्ष्मी और गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा और जातकों को लाभ लाभ मिलेगा। एक ही राशि में चार ग्रहों की युति बनेगी, सूर्य, बुध, मंगल व चंद्र तुला राशि में रहेंगे और गुरु व शनि मकर राशि में एक साथ होंगे। इस वजह से ये दिवाली लोगों के लिए अत्यंत शुभ रहेगी। मां लक्ष्मी और गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा और जातकों को लाभ मिलेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित दाउजी महाराज और पंडित राधे-राधे ने बताया कि इस वर्ष की दीपावली बेहद खास होने वाली है क्योंकि इस दिन चार ग्रह एक ही राशि में रहेंगे और ऐसा संयोग दुर्लभ ही बनता है। दीपावली के दिन सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे क्योंकि तुला राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं और वह भौतिक सुख-सुविधाओं के कारक हैं। ऐसे में यह दुर्लभ संयोग लोगों पर महालक्ष्मी की जमकर कृपा बरसाएगा। वहीं, कई राशियों के जातकों के लिए यह संयोग किस्मत बदलने वाला साबित होगा। उन्होंने बताया कि तुला राशि में इन चारों ग्रहों के रहने से शुभ परिणाम देखने को मिलेंगे। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा, मंगल को ग्रहों का सेनापति, बुध को ग्रहों का राज कुमार और चंद्रमा को मन का कारक माना गया है।
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लक्ष्मी पूजा का 2 घंटे 10 मिनट रहेगा शुभ मुहूर्त
पांच दिवसीय पर्व के तीसरे दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जिसे दीपावली कहते हैं। इस वर्ष कार्तिक महीने की अमावस्या चार नवंबर को सुबह 6.03 बजे से पांच नवंबर को सुबह 2.44 तक रहेगी। वहीं, धन की देवी लक्ष्मी की पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त चार नवंबर को शाम 6.09 से रात्रि 8.20 तक रहेगा। इस तरह लक्ष्मी पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त की अवधि तकरीबन दो घंटे 10 मिनट की रहेगी। इसमें लोगों को मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इस बार चौदस तिथि का क्षय हो रहा है। इसलिए नरक चौदस और छोटी दीपावली 3 नवंबर को मनाई गई। 5 नवंबर को अन्नकूट व गोवर्धन पूजा होगी, और 6 नवंबर को भाई दूज मनाई जाएगी।
इन राशियों पर मां लक्ष्मी की रहेगी विशेष कृपा
दीपावली पर वृषभ, कर्क, तुला और धनु राशि पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरस सकती है। इस दिन लक्ष्मी जी का विधि-विधान के साथ पूजन करना चाहिए। दान-पुण्य भी करना चाहिए। मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ राशि वालों को दीपावली के दिन लक्ष्मी जी की प्रतिमा के सामने मंत्र का जाप करना चाहिए। मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालों को भगवान गणेश व शिव परिवार की पूजा करना उत्तम रहेगा।
दीपावली पर कैसे करें पूजन
पंडित राधे-राधे महाराज ने बताया कि पूजा के दिन सबसे पहले एक बड़ी और साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां स्थापित करें। लक्ष्मी जी के पास एक जल से भरा कलश व उस पर नारियल जरूर रखें। कलश के पास दो बड़े दीपक रखें, जिसमें एक घी का और दूसरा तेल का दीपक हो। एक दीपक चौकी के दाईं ओर रखें और दूसरा मूर्तियों के चरणों में।
थालियों में पूजा की इन जरूरी चीजों को रखें
ग्यारह या इक्कीस दीपक, खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चंदन का लेप, कुंकुम, सुपारी, पान, फूल, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक। पूरे विधि-विधान से महालक्ष्मी और गणेश कर पूजन करें। पूजा के बाद पूरे घर में कपूर की धूप दिखाएं और गंगाजल छिड़कें।
कल होगी गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा वाले दिन भगवान कृष्ण की पूजा होती है। साथ ही गाय के गोबर से गोवर्धन देव बनाकर उन्हें पूजने की परंपरा है। गोवर्धन पूजा 5 नवंबर को सुबह 5.28 बजे से सुबह 7.55 बजे तक शुभ मुहूर्त में होगी। दूसरा मुहूर्त शाम 5.16 बजे से 5.43 बजे तक रहेगा। हालांकि गोवर्धन पूजन पूरे दिन किया जाना भी शुभकारी होगा। इस दिन अन्नकूट का आयोजन भी कई स्थानों पर किया जाता है। इस दिन गोवर्धन पर्वत, गाय, भगवान विश्वकर्मा और श्रीकृष्ण की पूजा का विधान है। लोग घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाते हैं और उसे फूलों से सजा कर पर्वत के बीच में एक मिट्टी के मटके में दूध, दही, बताशे आदि डालकर रख देते हैं। पूजा करने के बाद इसे प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। पूजा के दौरान गोबर द्वारा बनाए गोवर्धन पर्वत पर धूप, दीप आदि जलाया जाता है ऐसा सुबह और शाम दोनों समय किया जाता है।
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मंगल, सूर्य, बुध और चंद्रमा ग्रहों का यह संयोग बहुत ही शुभ माना जा रहा है। चर्तुग्रही योग के साथ महालक्ष्मी योग का निर्माण चंद्र एवं मंगल के साथ मिलने से बन रहा है। मां लक्ष्मी और गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा और जातकों को लाभ लाभ मिलेगा। एक ही राशि में चार ग्रहों की युति बनेगी, सूर्य, बुध, मंगल व चंद्र तुला राशि में रहेंगे और गुरु व शनि मकर राशि में एक साथ होंगे। इस वजह से ये दिवाली लोगों के लिए अत्यंत शुभ रहेगी। मां लक्ष्मी और गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा और जातकों को लाभ मिलेगा।
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ज्योतिषाचार्य पंडित दाउजी महाराज और पंडित राधे-राधे ने बताया कि इस वर्ष की दीपावली बेहद खास होने वाली है क्योंकि इस दिन चार ग्रह एक ही राशि में रहेंगे और ऐसा संयोग दुर्लभ ही बनता है। दीपावली के दिन सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे क्योंकि तुला राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं और वह भौतिक सुख-सुविधाओं के कारक हैं। ऐसे में यह दुर्लभ संयोग लोगों पर महालक्ष्मी की जमकर कृपा बरसाएगा। वहीं, कई राशियों के जातकों के लिए यह संयोग किस्मत बदलने वाला साबित होगा। उन्होंने बताया कि तुला राशि में इन चारों ग्रहों के रहने से शुभ परिणाम देखने को मिलेंगे। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा, मंगल को ग्रहों का सेनापति, बुध को ग्रहों का राज कुमार और चंद्रमा को मन का कारक माना गया है।
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लक्ष्मी पूजा का 2 घंटे 10 मिनट रहेगा शुभ मुहूर्त
पांच दिवसीय पर्व के तीसरे दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जिसे दीपावली कहते हैं। इस वर्ष कार्तिक महीने की अमावस्या चार नवंबर को सुबह 6.03 बजे से पांच नवंबर को सुबह 2.44 तक रहेगी। वहीं, धन की देवी लक्ष्मी की पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त चार नवंबर को शाम 6.09 से रात्रि 8.20 तक रहेगा। इस तरह लक्ष्मी पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त की अवधि तकरीबन दो घंटे 10 मिनट की रहेगी। इसमें लोगों को मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इस बार चौदस तिथि का क्षय हो रहा है। इसलिए नरक चौदस और छोटी दीपावली 3 नवंबर को मनाई गई। 5 नवंबर को अन्नकूट व गोवर्धन पूजा होगी, और 6 नवंबर को भाई दूज मनाई जाएगी।
इन राशियों पर मां लक्ष्मी की रहेगी विशेष कृपा
दीपावली पर वृषभ, कर्क, तुला और धनु राशि पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरस सकती है। इस दिन लक्ष्मी जी का विधि-विधान के साथ पूजन करना चाहिए। दान-पुण्य भी करना चाहिए। मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ राशि वालों को दीपावली के दिन लक्ष्मी जी की प्रतिमा के सामने मंत्र का जाप करना चाहिए। मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालों को भगवान गणेश व शिव परिवार की पूजा करना उत्तम रहेगा।
दीपावली पर कैसे करें पूजन
पंडित राधे-राधे महाराज ने बताया कि पूजा के दिन सबसे पहले एक बड़ी और साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां स्थापित करें। लक्ष्मी जी के पास एक जल से भरा कलश व उस पर नारियल जरूर रखें। कलश के पास दो बड़े दीपक रखें, जिसमें एक घी का और दूसरा तेल का दीपक हो। एक दीपक चौकी के दाईं ओर रखें और दूसरा मूर्तियों के चरणों में।
थालियों में पूजा की इन जरूरी चीजों को रखें
ग्यारह या इक्कीस दीपक, खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चंदन का लेप, कुंकुम, सुपारी, पान, फूल, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक। पूरे विधि-विधान से महालक्ष्मी और गणेश कर पूजन करें। पूजा के बाद पूरे घर में कपूर की धूप दिखाएं और गंगाजल छिड़कें।
कल होगी गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा वाले दिन भगवान कृष्ण की पूजा होती है। साथ ही गाय के गोबर से गोवर्धन देव बनाकर उन्हें पूजने की परंपरा है। गोवर्धन पूजा 5 नवंबर को सुबह 5.28 बजे से सुबह 7.55 बजे तक शुभ मुहूर्त में होगी। दूसरा मुहूर्त शाम 5.16 बजे से 5.43 बजे तक रहेगा। हालांकि गोवर्धन पूजन पूरे दिन किया जाना भी शुभकारी होगा। इस दिन अन्नकूट का आयोजन भी कई स्थानों पर किया जाता है। इस दिन गोवर्धन पर्वत, गाय, भगवान विश्वकर्मा और श्रीकृष्ण की पूजा का विधान है। लोग घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाते हैं और उसे फूलों से सजा कर पर्वत के बीच में एक मिट्टी के मटके में दूध, दही, बताशे आदि डालकर रख देते हैं। पूजा करने के बाद इसे प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। पूजा के दौरान गोबर द्वारा बनाए गोवर्धन पर्वत पर धूप, दीप आदि जलाया जाता है ऐसा सुबह और शाम दोनों समय किया जाता है।