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मांगों को लेकर गरजे केंद्रीय कर्मचारी
ब्यूरो पानीपत
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:28 AM IST
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जिले के केंद्रीय कर्मचारियों ने मांगों को लेकर अपने संस्थानों के बाहर हड़ताल पर बैठकर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में आयकर विभाग, रेलवे की सभी यूनियनों व डाकघर के कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वे मांगों को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन सरकार मांगे नहीं मान रही। वीरवार सुबह आयकर विभाग के कार्यालय में उत्तर पश्चिम सर्कल के सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे, वहीं रेलवे की यूनियनों ने दो भागों में बंटकर पूरे रेलवे स्टेशन पर यूनियन जिंदाबाद और सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए। रेल मजदूर यूनियन के हड़ताल पर जाने से वीरवार को रेलवे में मेंटिनेंस का काम नहीं हो सका। वहीं जिले के सभी डाकघरों में भी कार्य ठप रहा। जिस कारण जिले भर के उपभोक्ता परेशान दिखे। डाकघरों के एटीएम भी बंद रखे गए।
डीए व दूसरे भत्ते अपेक्षाकृत कम बढ़ाने पर हैं नाराज
कर्मचारी केंद्र सरकार द्वारा डीए व दूसरों भत्ते अपेक्षाकृत कम बढ़ाए जाने पर नाराज है। दूसरी ओर सभी केंद्र संस्थानों में ठेकेदारी प्रथा लागू किए जाने का भी विरोध किया जा रहा है। वेतन भत्ता अपेक्षाकृत कम मिलने पर कर्मचारियों को घर चलाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि भत्तों को पुराने तरीके से ही दिया जाए।
आयकर कर्मचारी महासंघ उत्तर-पश्चिम सर्कल के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
कंफडरेशन ऑफ केंद्रीय कर्मचारी एवं वर्कर्स एवं आयकर कर्मचारी महासंघ, मुख्यालय, नई दिल्ली के आह्वान पर सभी केंद्रीय कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहे। आयकर कर्मचारी महासंघ, उत्तर-पश्चिम सर्कल के आयकर कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। महासचिव डीएस नरवाल ने बताया कि यह हड़ताल केंद्रीय कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ की जा रही है। जिसमें मुख्य सातवें वेतन आयोग लागू करने की खामियों को दूर करने और सभी जायज मांगों को मानने की मांग शामिल है।
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पानीपत रेलवे यूनियनों ने लिया हड़ताल में भाग
पानीपत रेलवे स्टेशन पर स्टेशन परिसर में रेल कर्मचारियों के नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन के बैनर तले सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने रेल मंत्रालय द्वारा 30 जनवरी 2017 को जारी पत्र में संरक्षण कोटे में कार्यरत 4200 व 4600 ग्रेड पे के सुपरवाइजर को यूनियन का पदाधिकारी न बनाए जाने का बयान बिना मान्यता प्राप्त फेडरेशन से बात किए जारी किया गया। यह देश के ट्रेड यूनियन का उल्लंघन है तथा यूनियन इसका विरोध करती हैैैै।
डाककर्मी भी रहे हड़ताल पर
एनएफपीओ व एफएनपीओ के आह्वान पर केंद्रीय कर्मचारियों के साथ डाक कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के बाद एचआरए 30, 20 व 10 प्रतिशत अभी तक नहीं दिया गया है, जिसे जनवरी 2016 से दिया जाना चाहिए। जनवरी 2004 से केंद्रीय कर्मचारियों की फैमिली पेंशन व पेंशन बंद कर दी गई है। उसे दोबारा लागू की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण डाक सेवक को केंद्रीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उनको वह सभी सुविधाएं दी जाए जो केंद्रीय कर्मचारी को मिलती है।
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डीए व दूसरे भत्ते अपेक्षाकृत कम बढ़ाने पर हैं नाराज
कर्मचारी केंद्र सरकार द्वारा डीए व दूसरों भत्ते अपेक्षाकृत कम बढ़ाए जाने पर नाराज है। दूसरी ओर सभी केंद्र संस्थानों में ठेकेदारी प्रथा लागू किए जाने का भी विरोध किया जा रहा है। वेतन भत्ता अपेक्षाकृत कम मिलने पर कर्मचारियों को घर चलाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि भत्तों को पुराने तरीके से ही दिया जाए।
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आयकर कर्मचारी महासंघ उत्तर-पश्चिम सर्कल के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
कंफडरेशन ऑफ केंद्रीय कर्मचारी एवं वर्कर्स एवं आयकर कर्मचारी महासंघ, मुख्यालय, नई दिल्ली के आह्वान पर सभी केंद्रीय कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहे। आयकर कर्मचारी महासंघ, उत्तर-पश्चिम सर्कल के आयकर कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। महासचिव डीएस नरवाल ने बताया कि यह हड़ताल केंद्रीय कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ की जा रही है। जिसमें मुख्य सातवें वेतन आयोग लागू करने की खामियों को दूर करने और सभी जायज मांगों को मानने की मांग शामिल है।
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पानीपत रेलवे यूनियनों ने लिया हड़ताल में भाग
पानीपत रेलवे स्टेशन पर स्टेशन परिसर में रेल कर्मचारियों के नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन के बैनर तले सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने रेल मंत्रालय द्वारा 30 जनवरी 2017 को जारी पत्र में संरक्षण कोटे में कार्यरत 4200 व 4600 ग्रेड पे के सुपरवाइजर को यूनियन का पदाधिकारी न बनाए जाने का बयान बिना मान्यता प्राप्त फेडरेशन से बात किए जारी किया गया। यह देश के ट्रेड यूनियन का उल्लंघन है तथा यूनियन इसका विरोध करती हैैैै।
डाककर्मी भी रहे हड़ताल पर
एनएफपीओ व एफएनपीओ के आह्वान पर केंद्रीय कर्मचारियों के साथ डाक कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के बाद एचआरए 30, 20 व 10 प्रतिशत अभी तक नहीं दिया गया है, जिसे जनवरी 2016 से दिया जाना चाहिए। जनवरी 2004 से केंद्रीय कर्मचारियों की फैमिली पेंशन व पेंशन बंद कर दी गई है। उसे दोबारा लागू की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण डाक सेवक को केंद्रीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उनको वह सभी सुविधाएं दी जाए जो केंद्रीय कर्मचारी को मिलती है।