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सीबीएसई का नया पैटर्न : रटने की आदत से सोचने की क्षमता तक का सफर

Thu, 25 Dec 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Thu, 25 Dec 2025 01:21 AM IST
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CBSE's new pattern: A journey from rote learning to thinking skills
प्राचार्या सुनीता मान। - फोटो : सर्दी से बच्चे को बचाती मां।
पानीपत। सीबीएसई ने अलग-अलग विषयों के प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव किए हैं जिनके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। बोर्ड का लक्ष्य छात्रों को रटने की बजाय सोचने और समझने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित करना है, जो नई शिक्षा नीति के अनुरूप है।
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सीबीएसई ने अंग्रेजी के प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव किए हैं। नए पैटर्न में 50 प्रतिशत से ज्यादा प्रश्न दक्षता-आधारित होंगे जो छात्रों की समझ और ज्ञान के उपयोग पर आधारित होंगे। ये प्रश्न केस-स्टडी, डेटा इंटरप्रिटेशन और सिचुएशनल प्रॉब्लम-सॉल्विंग सवाल होंगे। शॉर्ट या लॉन्ग आंसर टाइप प्रश्नों का वेटेज कम किया गया है ताकि रटने की बजाय कॉन्सेप्ट पर जोर दिया जा सके। बोर्ड ने नए पैटर्न के सैंपल पेपर जारी किए हैं, जिनमें प्रश्न-पत्र का फॉर्मेट, सेक्शन और अंक विभाजन बताया गया है। स्कूलों को इस नए पैटर्न के अनुसार छात्रों को पढ़ाने और खंडवार उत्तर लिखने का अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सैंपल पेपर और मार्किंग स्कीम जरूर देखें। कॉन्सेप्ट्स को समझें और उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं पर लागू करने का अभ्यास करें।
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- सुनीता मान, प्राचार्या, सर छोटूराम हेरिटेज स्कूल, विकास नगर।



शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार होना है। हाल ही में सीबीएसई द्वारा परीक्षा पैटर्न में किए बदलाव इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप यह बदलाव हमारी शिक्षा व्यवस्था को ''''रटने'''' के बोझ से मुक्त कर ''''योग्यता'''' की ओर ले जाने का प्रयास है। नए पैटर्न के अनुसार, अब कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रश्न-पत्रों में 50 प्रतिशत प्रश्न योग्यता-आधारित होंगे। इसका मतलब है कि अब छात्र केवल गाइड या किताबों से उत्तर याद करके अंक नहीं ला पाएंगे। उन्हें केस स्टडी, स्रोत-आधारित प्रश्न और वास्तविक स्थितियों को समझना होगा। यह बदलाव छात्रों की तार्किक सोच और विश्लेषणात्मक क्षमता को बढ़ाएगा।
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- राजेश कुमार, पीजीटी अंग्रेजी, सर छोटूराम हेरिटेज स्कूल, विकास नगर।

प्राचार्या सुनीता मान।

प्राचार्या सुनीता मान।- फोटो : सर्दी से बच्चे को बचाती मां।

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