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73 रिहायशी, व्यावसायिक प्लॉट की बोली 15 फरवरी को
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पानीपत। आर्थिक मंदी से गुजर रहा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण काफी तेजी से अपनी भूमि बेचकर खजाना भर रहा है। वर्ष 2021 में विभाग ने शहर में 220 करोड़ रुपये की भूमि बेची है। दो साल में विभाग 500 करोड़ रुपये से अधिक की भूमि बेच चुका है।
विभाग अपने सभी सेक्टर को आबाद करना चाहता है ताकि सरकारी भूमि से कब्जा भी हटे । अब विभाग 15 फरवरी को शहर के नौ सेक्टरों में 73 रिहायशी और व्यावसायिक प्लॉट की बोली लगाने जा रहा है। ये बोली भी ऑनलाइन होगी। विभाग ये 73 प्लॉट बेचकर साढ़े 26 करोड़ रुपये एकत्रित करना चाहता है।
एचएसवीपी के मामलों के विशेषज्ञ अमित कुमार के अनुसार इन प्लॉट की बोली 40 करोड़ तक जा सकती है। विभाग यहां से लगभग 14 करोड़ रुपये अतिरिक्त कमा सकता है। लोगों की पहली पसंद सेक्टर 12 और सेक्टर 13 है। इन दोनों सेक्टर के आठ रिहायशी व 12 व्यावसायिक प्लॉट की बोली होगी। विभाग चार सेक्टरों के 48 व्यावसायिक प्लॉट बेचकर सवा 11 करोड़ रुपये कमाना चाहता है। जबकि छह रिहायशी सेक्टर 25 रिहायशी प्लॉट बेचकर सवा 15 करोड़ रुपये कमाना चाहता है।
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व्यावसायिक प्लॉट-
सेक्टर प्लॉट
6 10
12 8
13 12
29 18
रिहायशी प्लॉट-
सेक्टर प्लॉट
12 1
13 12
17 2
18 5
24 2
25 पार्ट टू- 3
मार्च तक बेचने है एक हजार करोड़ की भूमि-
2019 में सरकार ने प्रदेश के सभी एचएसवीपी विभाग को अपनी अपनी भूमि बेचने का टॉरगेट मिला था। इसके अनुसार, पानीपत को मार्च 2022 तक एक हजार करोड़ रुपये की भूमि बेचनी थी। विभाग ने अब तक 500 करोड़ रुपये की भूमि बेची है। कोरोना के कारण विभाग तेजी से बोली नहीं कर पाया। दो सालों के पांच महीने बिना बोली के ही गुजर गए। अब विभाग फरवरी माह में अधिक से अधिक प्लॉट की बोली करना चाहता है।
अधिक से अधिक प्लॉट बेचकर सेक्टरों को आबाद करने का लक्ष्य
विभाग का लक्ष्य अपनी भूमि को कब्जा मुक्त कराना और जल्द बोली करना है। 15 जनवरी को ऑनलाइन बोली होगी। इसके बाद भी जल्द दूसरी बोली का शेडयूल जारी होगा। -अनुपमा मलिक, ईओ, एचएसवीपी
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विभाग अपने सभी सेक्टर को आबाद करना चाहता है ताकि सरकारी भूमि से कब्जा भी हटे । अब विभाग 15 फरवरी को शहर के नौ सेक्टरों में 73 रिहायशी और व्यावसायिक प्लॉट की बोली लगाने जा रहा है। ये बोली भी ऑनलाइन होगी। विभाग ये 73 प्लॉट बेचकर साढ़े 26 करोड़ रुपये एकत्रित करना चाहता है।
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एचएसवीपी के मामलों के विशेषज्ञ अमित कुमार के अनुसार इन प्लॉट की बोली 40 करोड़ तक जा सकती है। विभाग यहां से लगभग 14 करोड़ रुपये अतिरिक्त कमा सकता है। लोगों की पहली पसंद सेक्टर 12 और सेक्टर 13 है। इन दोनों सेक्टर के आठ रिहायशी व 12 व्यावसायिक प्लॉट की बोली होगी। विभाग चार सेक्टरों के 48 व्यावसायिक प्लॉट बेचकर सवा 11 करोड़ रुपये कमाना चाहता है। जबकि छह रिहायशी सेक्टर 25 रिहायशी प्लॉट बेचकर सवा 15 करोड़ रुपये कमाना चाहता है।
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व्यावसायिक प्लॉट-
सेक्टर प्लॉट
6 10
12 8
13 12
29 18
रिहायशी प्लॉट-
सेक्टर प्लॉट
12 1
13 12
17 2
18 5
24 2
25 पार्ट टू- 3
मार्च तक बेचने है एक हजार करोड़ की भूमि-
2019 में सरकार ने प्रदेश के सभी एचएसवीपी विभाग को अपनी अपनी भूमि बेचने का टॉरगेट मिला था। इसके अनुसार, पानीपत को मार्च 2022 तक एक हजार करोड़ रुपये की भूमि बेचनी थी। विभाग ने अब तक 500 करोड़ रुपये की भूमि बेची है। कोरोना के कारण विभाग तेजी से बोली नहीं कर पाया। दो सालों के पांच महीने बिना बोली के ही गुजर गए। अब विभाग फरवरी माह में अधिक से अधिक प्लॉट की बोली करना चाहता है।
अधिक से अधिक प्लॉट बेचकर सेक्टरों को आबाद करने का लक्ष्य
विभाग का लक्ष्य अपनी भूमि को कब्जा मुक्त कराना और जल्द बोली करना है। 15 जनवरी को ऑनलाइन बोली होगी। इसके बाद भी जल्द दूसरी बोली का शेडयूल जारी होगा। -अनुपमा मलिक, ईओ, एचएसवीपी