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बतरा कॉलोनी : 15 परिवारों का पलायन, 250 से ज्यादा बीमार
Wed, 03 May 2023 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Wed, 03 May 2023 02:32 AM IST
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पानीपत। निगम अधिकारियों की लापरवाही की वजह से एक बार फिर वार्ड 22 की बतरा कॉलोनी नरक बन गई। हालात ऐसे हैं कि सीवर जाम हैं और नाले गंदगी से भरे हैं। ऐसे में दूषित पानी लोगों के घरों में घुसने लगा है। करीब 15 परिवार पलायन कर चुके हैं और कुछ इसकी तैयारी में हैं।
कॉलोनी में 250 से ज्यादा लोग बीमार हैं। जबकि निगम हर माह लाखों रुपये खर्च के बाद भी पिछले चार साल में सीवर और नालों की सफाई नहीं करा पाया है। कॉलोनी के लोगों ने निगम अधिकारियों के आवास पर प्रदर्शन की तैयारी कर ली है। इस बारे में जब एक्सईएन राजेश कौशिक से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
अमर उजाला ने मंगलवार को कॉलोनी की ग्राउंड रिपोर्ट की तो दृश्य दिल को दहला देने वाले सामने आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे दो दिन से निगम कार्यालय और लाल टंकी स्थित जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और न ही सफाई करा रहे हैं। कॉलोनीवासियों ने बताया कि घरों में नाली और सीवर का दूषित पानी घुस जाता है। इससे बचने के लिए घरों में फर्श पर रोड़े तक डलवाने पड़े हैं। दीवारों में सीलन आले से दरार नींव तक आ गई है। घरों में खाना बनाना और खाना आफत बना हुआ है।
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खुद की मशीन फिर भी लाखों का टेंडर
पार्षद पति योगेश डावर ने कहा कि निगम के पास सीवर साफ करने की मशीन हैं। इसके बाद भी करीब 18 लाख रुपये महीने का सफाई का टेंडर दिया गया है। बतरा कॉलोनी में पिछले चार साल से सफाई नहीं हो रही। कॉलोनी में दो साल के सीवर मेंटनेंस के बिल तो भेज दिए। इन पर ब्याज तक लगा दिया, लेकिन सफाई नहीं की जा रही। अधिकारी किसी का फोन तक नहीं उठाते।
कॉलोनी में 250 से ज्यादा लोग बीमार हैं। जबकि निगम हर माह लाखों रुपये खर्च के बाद भी पिछले चार साल में सीवर और नालों की सफाई नहीं करा पाया है। कॉलोनी के लोगों ने निगम अधिकारियों के आवास पर प्रदर्शन की तैयारी कर ली है। इस बारे में जब एक्सईएन राजेश कौशिक से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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अमर उजाला ने मंगलवार को कॉलोनी की ग्राउंड रिपोर्ट की तो दृश्य दिल को दहला देने वाले सामने आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे दो दिन से निगम कार्यालय और लाल टंकी स्थित जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और न ही सफाई करा रहे हैं। कॉलोनीवासियों ने बताया कि घरों में नाली और सीवर का दूषित पानी घुस जाता है। इससे बचने के लिए घरों में फर्श पर रोड़े तक डलवाने पड़े हैं। दीवारों में सीलन आले से दरार नींव तक आ गई है। घरों में खाना बनाना और खाना आफत बना हुआ है।
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खुद की मशीन फिर भी लाखों का टेंडर
पार्षद पति योगेश डावर ने कहा कि निगम के पास सीवर साफ करने की मशीन हैं। इसके बाद भी करीब 18 लाख रुपये महीने का सफाई का टेंडर दिया गया है। बतरा कॉलोनी में पिछले चार साल से सफाई नहीं हो रही। कॉलोनी में दो साल के सीवर मेंटनेंस के बिल तो भेज दिए। इन पर ब्याज तक लगा दिया, लेकिन सफाई नहीं की जा रही। अधिकारी किसी का फोन तक नहीं उठाते।