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बाहरी कॉलोनीवासियों को दिवाली पर मिलेगा तोहफा, 79 कॉलोनियां होंगी वैध
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:15 AM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
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दिवाली पर बाहरी 79 कॉलोनीवासियों को तोहफा मिल सकता है। उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने गुरुवार को इन्हें वैध करने के लिए फाइल पर मुहर लगा दी है। उन्होंने नगर निगम और जिला नगर योजनाकार विभाग के नक्शे और रिपोर्ट के आधार पर सभी 79 कॉलोनियों को वैध करने की मुहर लगा दी। यहां से मंडलायुक्त रोहतक को रिपोर्ट भेजी गई है और इसके बाद चंडीगढ़ मुख्यालय में इस पर चर्चा की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार द्वारा एक नवंबर को गुरुग्राम में स्वर्ण जयंती समारोह पर इनको वैध करने की घोषणा कर दी जाएगी। इनके वैध होने पर करीब डेढ़ लाख लोगों को राहत की सांस मिलेगी।
अभी तक मूलभूत सुविधाओं को भी तरस रहे लोग
शहर की 79 बाहरी कॉलोनियों के लोग कई सालों से विकास को तरस रहे हैं। कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण लोगों को नारकीय जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। लंबे समय से स्थानीय निवासी कॉलोनियों को वैध करने की मांग कर रहे हैं। नगर निगम द्वारा शहर में सर्वे करते हुए बाहरी कॉलोनियों की फाइनल रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंप दी थी। उपायुक्त ने रिपोर्ट देखने के बाद इसको ओके कर दिया है। अधिकारियों की मीटिंग में चर्चा के बाद मुहर लगाते हुए फाइल को रोहतक मंडलायुक्त के पास भेज दिया है।
वैध होने के बाद ये मिलेंगी सुविधाएं
बाहरी कॉलोनियों में वर्तमान में गंदे पानी की निकासी, पीने के पानी, सड़कें टूटी होने की समस्या व्याप्त है। मूलभूत सुविधा न मिलने के कारण लोगों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। कॉलोनी वैध होने के बाद उन्हें ये सभी सुविधाएं मिल जाएंगी।
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लंबे समय से कर रहे वैध की मांग
पार्षद और कॉलोनीवासियों ने बताया कि बाहरी कॉलोनियों को वैध करने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन अभी तक ये मांग सिरे नहीं चढ़ पाई। नगर निगम मेयर सुरेश वर्मा चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के उच्चाधिकारियों को कॉलोनियों को वैध करने की मांग को लेकर मांगपत्र तक दे चुके हैं।
सरकार ने मांगी सभी बाहरी कॉलोनियों की लिस्ट
बता दें कि सरकार ने प्रदेश में सभी बाहरी कॉलोनियों की रिपोर्ट मांगी है। नगर निगम द्वारा शहर की सभी 70 कॉलोनियों का सर्वे कराया गया। इन कॉलोनियों की रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को सौंपी गई। जिला प्रशासन द्वारा इसके बाद जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा निरीक्षण कराया गया। इसके बाद गुरुवार को डीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दोनों नगर निगम और डीटीपी का सर्वे व रिपोर्ट रखी गई। अधिकारियों की सहमति के बाद इनको मंजूर कर दिया गया।
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अभी तक मूलभूत सुविधाओं को भी तरस रहे लोग
शहर की 79 बाहरी कॉलोनियों के लोग कई सालों से विकास को तरस रहे हैं। कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण लोगों को नारकीय जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। लंबे समय से स्थानीय निवासी कॉलोनियों को वैध करने की मांग कर रहे हैं। नगर निगम द्वारा शहर में सर्वे करते हुए बाहरी कॉलोनियों की फाइनल रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंप दी थी। उपायुक्त ने रिपोर्ट देखने के बाद इसको ओके कर दिया है। अधिकारियों की मीटिंग में चर्चा के बाद मुहर लगाते हुए फाइल को रोहतक मंडलायुक्त के पास भेज दिया है।
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वैध होने के बाद ये मिलेंगी सुविधाएं
बाहरी कॉलोनियों में वर्तमान में गंदे पानी की निकासी, पीने के पानी, सड़कें टूटी होने की समस्या व्याप्त है। मूलभूत सुविधा न मिलने के कारण लोगों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। कॉलोनी वैध होने के बाद उन्हें ये सभी सुविधाएं मिल जाएंगी।
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लंबे समय से कर रहे वैध की मांग
पार्षद और कॉलोनीवासियों ने बताया कि बाहरी कॉलोनियों को वैध करने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन अभी तक ये मांग सिरे नहीं चढ़ पाई। नगर निगम मेयर सुरेश वर्मा चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के उच्चाधिकारियों को कॉलोनियों को वैध करने की मांग को लेकर मांगपत्र तक दे चुके हैं।
सरकार ने मांगी सभी बाहरी कॉलोनियों की लिस्ट
बता दें कि सरकार ने प्रदेश में सभी बाहरी कॉलोनियों की रिपोर्ट मांगी है। नगर निगम द्वारा शहर की सभी 70 कॉलोनियों का सर्वे कराया गया। इन कॉलोनियों की रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को सौंपी गई। जिला प्रशासन द्वारा इसके बाद जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा निरीक्षण कराया गया। इसके बाद गुरुवार को डीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दोनों नगर निगम और डीटीपी का सर्वे व रिपोर्ट रखी गई। अधिकारियों की सहमति के बाद इनको मंजूर कर दिया गया।