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आंगनबाड़ी आंदोलन : कम पड़ीं बसें तो अफसर बोले- कर रहे हैं रिहा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jan 2022 02:00 AM IST
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Anganwadi movement: If there are less buses then the officers said - they are releasing
पानीपत। गिरफ्तारी दे बस में जाती हुई आगंबाड़ी वर्कर। - फोटो : Panipat
पानीपत। मांगों को लेकर महीने भर से आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धरने पर हैं। बुधवार को वे गिरफ्तारी देने के लिए लघु सचिवालय पहुंचीं। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर वे गिरफ्तारी देंगी। गिरफ्तार करने की बारी आई तो बसें कम पड़ गईं। इस पर बाकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बगैर गिरफ्तार किए ही अधिकारियों ने मौके पर कहा कि उन्हें रिहा किया जाता है।
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सुबह करीब साढ़े 10 बजे से आंगनबाड़ियों का लघु सचिवालय में प्रदर्शन चल रहा था। इस दौरान मजदूर संघ और सीटू मजदूर संघ के कार्यकर्ता भी जुटने लगे। इसके बाद सभी ने गिरफ्तारी देने की बात कहीं। तब जिला प्रशासन की ओर से से बसें मंगवाई गईं। पहले एक फिर दूसरी और इस तरह चार बजें मंगाई गई। इनमें 240 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ही गिरफ्तारी हो सकी, जबकि गिरफ्तारी देने के लिए करीब छह सौ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहुंची थीं। पांचवीं बस भी बुलाने की बात हुई, तभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और कहा कि उन्हें रिहा किया जाता है। आंगनबाड़ी यूनियन की संयुक्त तालमेल कमेटी की राज्य कमेटी सदस्य विमला नैन, कमला बिंझौल, प्रभादेवी, शकुंतला, सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त, एआईटीयूसी राज्य उपप्रधान ईश्वर सिंह राठी के नेतृत्व में गिरफ्तारी दीं।
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15 जनवरी तक समाधान की दी चेतावनी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी संघर्ष जारी है। वर्ष 2018 में हुए समझौते को तुरंत लागू करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन का समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि राज्यव्यापी हड़ताल अभी 15 जनवरी तक जारी है। अगर सरकार तब तक मांगे नहीं मानती तो राज्यव्यापी हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल का रूप दिया जाएगा।
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ये रहीं मुख्य मांगें
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। न्यूनतम वेतन 24 हजार वर्कर्स और 16 हजार रुपये हेल्पर्स के लिए किया जाए। वर्ष 2018 में हुए समझौते के अनुसार ईएसआई, पीएफ, महंगाई भत्ता, एरियर सहित अन्य भुगतान किए जाएं। वर्कर्स को पांच लाख और हेल्पर्स को तीन लाख का सेवानिवृत्ति लाभ दिया जाए।

पानीपत। आगंबाड़ी वर्कर को रिहा करने की कहते डयूटी  मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार।

पानीपत। आगंबाड़ी वर्कर को रिहा करने की कहते डयूटी मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार।- फोटो : Panipat

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