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Panipat News: अमित टूर्ण ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सीएपीएफ परीक्षा हासिल किया 272वां रैंक
Thu, 04 Jun 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 04 Jun 2026 01:10 AM IST
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अमित का स्वागत करते परिजन। स्रोत : परिजन
पानीपत। प्रकाश नगर के अमित टूर्ण ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) सहायक कमांडेंट परीक्षा में अखिल भारतीय 272वीं रैंक प्राप्त की है। यह परिणाम परीक्षा के छह साल बाद संशोधित सूची में घोषित किया गया है। अमित अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सहायक कमांडेंट के पद पर सेवाएं देंगे।
अमित टूर्ण ने बताया कि उन्होंने 2019 में पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। हालांकि, दस्तावेजों में कुछ कमी के कारण उनका परिणाम रोक दिया गया था। यूपीएससी तहसीलदार स्तर के अधिकारी द्वारा जारी ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र मान्य कर रहा था, जबकि अमित का प्रमाणपत्र नायब तहसीलदार द्वारा जारी किया गया था।
इस पर उन्होंने तीन अन्य अभ्यर्थियों के साथ 2020 में दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने 3 सितंबर 2025 को उनके पक्ष में फैसला सुनाया। उच्चतम न्यायालय ने भी उच्च न्यायालय के इस निर्णय को सही ठहराया। इसके बाद यूपीएससी ने 27 मई 2026 को संशोधित परिणाम जारी किया, जिसमें अमित सहित 13 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।
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अमित टूर्ण ने बताया कि उनका बचपन से ही यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर देश सेवा करने का सपना था। उन्होंने कोचिंग के बजाय स्वयं अध्ययन किया और प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे।
शिक्षा और तैयारी
अमित ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सातवीं कक्षा तक एमआरएस स्कूल तहसील कैंप में पूरी की। इसके बाद उन्होंने आठवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल जीटी सड़क से की। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम की डिग्री प्राप्त की। अमित ने बताया कि वे रात के समय पढ़ाई करते थे और दिन में आराम करते थे, जिससे उन्हें शांत वातावरण मिलता था।
माता-पिता और भाई को दिया श्रेय
अमित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और भाई विकास को दिया। उनके पिता जयपाल किसान हैं और मां बबली गृहिणी हैं। भाई विकास पंचायत विभाग में जूनियर इंजीनियर हैं। परिवार के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की प्रेरणा दी। अमित ने परिणाम रुकने के बाद भी अपनी अगली परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। वे अभी जन स्वास्थ्य विभाग में असिस्टेंड के पद पर काम कर रहे हैं। वे यूपीएससी की तीन बार परीक्षा दे चुके हैं।
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अमित टूर्ण ने बताया कि उन्होंने 2019 में पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। हालांकि, दस्तावेजों में कुछ कमी के कारण उनका परिणाम रोक दिया गया था। यूपीएससी तहसीलदार स्तर के अधिकारी द्वारा जारी ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र मान्य कर रहा था, जबकि अमित का प्रमाणपत्र नायब तहसीलदार द्वारा जारी किया गया था।
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इस पर उन्होंने तीन अन्य अभ्यर्थियों के साथ 2020 में दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने 3 सितंबर 2025 को उनके पक्ष में फैसला सुनाया। उच्चतम न्यायालय ने भी उच्च न्यायालय के इस निर्णय को सही ठहराया। इसके बाद यूपीएससी ने 27 मई 2026 को संशोधित परिणाम जारी किया, जिसमें अमित सहित 13 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।
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अमित टूर्ण ने बताया कि उनका बचपन से ही यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर देश सेवा करने का सपना था। उन्होंने कोचिंग के बजाय स्वयं अध्ययन किया और प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे।
शिक्षा और तैयारी
अमित ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सातवीं कक्षा तक एमआरएस स्कूल तहसील कैंप में पूरी की। इसके बाद उन्होंने आठवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल जीटी सड़क से की। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम की डिग्री प्राप्त की। अमित ने बताया कि वे रात के समय पढ़ाई करते थे और दिन में आराम करते थे, जिससे उन्हें शांत वातावरण मिलता था।
माता-पिता और भाई को दिया श्रेय
अमित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और भाई विकास को दिया। उनके पिता जयपाल किसान हैं और मां बबली गृहिणी हैं। भाई विकास पंचायत विभाग में जूनियर इंजीनियर हैं। परिवार के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की प्रेरणा दी। अमित ने परिणाम रुकने के बाद भी अपनी अगली परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। वे अभी जन स्वास्थ्य विभाग में असिस्टेंड के पद पर काम कर रहे हैं। वे यूपीएससी की तीन बार परीक्षा दे चुके हैं।