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तीन किमी दूर एक घंटे में पहुंची एंबुलेंस, गाड़ी में हुई डिलीवरी
ब्यूरो पानीपत
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:29 AM IST
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एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला, अागरा
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स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तैनात कर्मियों की लापरवाही के चलते महराना गांव निवासी एक महिला ने एंबुलेंस में ही बच्ची को जन्म दे दिया। परिजनों का आरोप है कि वे उसको सिविल अस्पताल में ले जाने के लिए एक घंटे तक एंबुलेंस को फोन करते रहे। इसके बाद ही एंबुलेंस गांव पहुंची। महिला ने सिविल अस्पताल जाते समय शुगर मिल के पास एंबुलेंस में ही बच्ची को जन्म दे दिया। लापरवाही यहीं नहीं रुकी। सिविल अस्पताल पहुंचने के बाद 15 मिनट तक जच्चा और बच्चा को किसी भी डॉक्टर ने नहीं देखा। इस दौरान महिला दर्द से कराहती रही। फिलहाल जच्चा-बच्चा प्रसूति वार्ड में भर्ती हैं और उनकी हालत सामान्य है।
गांव महराना निवासी सुमन ने सोमवार को एंबुलेेंस में ही बच्ची को जन्म दे दिया। सुमन के पति चंद्र प्रकाश ने बताया कि उसकी पत्नी सुमन की दूसरी डिलीवरी है। उन्होंने सोमवार सुबह नौ बजे एंबुलेंस को फोन किया था। इसके बाद वह हर 10 मिनट में एंबुलेंस को फोन करते रहे। हर बार एंबुलेंस में तैनात कर्मी उनको 10 मिनट में पहुंचने की बात कहता रहा। इस दौरान उनकी पत्नी दर्द से कराहती रही। फोन करने के करीब एक घंटे बाद एंबुलेंस गांव में पहुंची। वे सुमन को एंबुलेंस में लेकर सिविल अस्पताल के लिए चल दिए। रास्ते में शुगर मिल के सामने सुमन ने एंबुलेंस में ही बच्ची को जन्म दे दिया। इसके बाद वे सिविल अस्पताल पहुंचने तो वहां डॉक्टरों ने जच्चा और बच्ची की केयर नहीं की। वह सुमन को स्ट्रेचर पर लेकर इधर-उधर घूमते रहे। स्टाफ नर्सों ने सुमन को बहुत देर बाद वार्ड में शिफ्ट किया। इस दौरान सुमन की हालत बिगड़ चुकी थी। फिलहाल सुमन और बच्ची दोनों स्वस्थ है।
तीन किलोमीटर पहुंचने में लगा एक घंटा
पानीपत से गांव महराना मात्र तीन किलोमीटर दूर है। एंबुलेंस ने तीन किलोमीटर पहुंचने में एक घंटा लगा दिया। इस वजह से ही सुमन की डिलीवरी एंबुलेंस में हो गई। बच्ची को जन्म देने के बाद महिला की हालत भी बिगड़ गई।
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उनके संज्ञान में ऐसा मामला नहीं आया। यदि एंबुलेंस पर तैनात कर्मियों और चालक ने ऐसी लापरवाही बरती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गांव महराना शहर से मात्र तीन या चार किलोमीटर दूर है। एंबुलेंस को वहां 15 मिनट में पहुंचना चाहिए। पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि किसी के साथ ऐसी घटना हुई तो तो इसकी जानकारी तुरंत हमें दे।
डॉ. नवीन सुनेजा, डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत।
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गांव महराना निवासी सुमन ने सोमवार को एंबुलेेंस में ही बच्ची को जन्म दे दिया। सुमन के पति चंद्र प्रकाश ने बताया कि उसकी पत्नी सुमन की दूसरी डिलीवरी है। उन्होंने सोमवार सुबह नौ बजे एंबुलेंस को फोन किया था। इसके बाद वह हर 10 मिनट में एंबुलेंस को फोन करते रहे। हर बार एंबुलेंस में तैनात कर्मी उनको 10 मिनट में पहुंचने की बात कहता रहा। इस दौरान उनकी पत्नी दर्द से कराहती रही। फोन करने के करीब एक घंटे बाद एंबुलेंस गांव में पहुंची। वे सुमन को एंबुलेंस में लेकर सिविल अस्पताल के लिए चल दिए। रास्ते में शुगर मिल के सामने सुमन ने एंबुलेंस में ही बच्ची को जन्म दे दिया। इसके बाद वे सिविल अस्पताल पहुंचने तो वहां डॉक्टरों ने जच्चा और बच्ची की केयर नहीं की। वह सुमन को स्ट्रेचर पर लेकर इधर-उधर घूमते रहे। स्टाफ नर्सों ने सुमन को बहुत देर बाद वार्ड में शिफ्ट किया। इस दौरान सुमन की हालत बिगड़ चुकी थी। फिलहाल सुमन और बच्ची दोनों स्वस्थ है।
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तीन किलोमीटर पहुंचने में लगा एक घंटा
पानीपत से गांव महराना मात्र तीन किलोमीटर दूर है। एंबुलेंस ने तीन किलोमीटर पहुंचने में एक घंटा लगा दिया। इस वजह से ही सुमन की डिलीवरी एंबुलेंस में हो गई। बच्ची को जन्म देने के बाद महिला की हालत भी बिगड़ गई।
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उनके संज्ञान में ऐसा मामला नहीं आया। यदि एंबुलेंस पर तैनात कर्मियों और चालक ने ऐसी लापरवाही बरती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गांव महराना शहर से मात्र तीन या चार किलोमीटर दूर है। एंबुलेंस को वहां 15 मिनट में पहुंचना चाहिए। पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि किसी के साथ ऐसी घटना हुई तो तो इसकी जानकारी तुरंत हमें दे।
डॉ. नवीन सुनेजा, डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत।