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चार घंटे की मशक्कत के बाद सात एजेंडे पास
अमर उजाला, पानीपत
Updated Thu, 26 Sep 2013 11:54 PM IST
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पानीपत में नगर निगम के हाउस की पहली बैठक और निगम के सात एजेंडे। पौने चार घंटे की लंबी कसरत और हल्के विरोध के बाद सातों पर पार्षदों ने मुहर लगा दी।
इन एजेंडों के लागू होने पर शहर को नया रूप मिलेगा और लोगों को भी सुविधाएं मिलेंगी। विपक्ष ने इसे शहर का एजेंडा नहीं, बल्कि सरकारी एजेंडा कहा है। बैठक में हॉली पार्क की जमीन लीज और डेयरी मामले में जांच की मांग भी उठी। निगम के कमिश्नर और मेयर ने विपक्ष की इन मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
नगर निगम के हाउस की पहली बैठक वीरवार को डीसी ऑफिस के मीटिंग हाल में हुई। इसकी अध्यक्षता मेयर भूपेंद्र सिंह और संचालन नगर निगम के कमिश्नर समीर पाल सरो ने की। बैठक मेें सभी वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। मेयर ने सबके सामने नगर निगम के एजेंडे में शामिल सात सुझावों को सबके सामने रखा और इसके बाद कांग्रेस समर्थित, भाजपा और इनेलो पार्षदों से विचार सांझे किए।
भाजपा और इनेलो पार्षदों ने हॉली पार्क की जमीन लीज पर देने और डेयरी घोटाले की जांच कर आरोपियों पर केस दर्ज करने की मांग की। इस कारण सदन में कुछ हंगामा भी मचा, लेकिन कुछ देर बाद सब शांत हो गए। इस मौके पर सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला, डिप्टी मेयर सीमा पाहवा, सुरेंद्र गर्ग, दुष्यंत भट्ट, लोकेश नांगरू, हरीश शर्मा, रोहिता रेवड़ी, प्रवीण नैन, अशोक कटारिया और सुखविंद्र कौर मौजूद रहे।
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एजेंडा नंबर एक
मीटिंग का पहला एजेंडा कोर्ट की ओर से एसएलपी 309 ऑफ 2003 है। इसका टाइटल लक्ष्मी नारायण मोदी वर्सिस यूनियन ऑफ इंडिया एंड अदर्स है। यह एजेंडा स्लाटर हाउसों से संबंधित है। इसमें स्लाटर हाउसों को शहर से बाहर करने और उनको व्यवस्थित करने के लिए रखा है।
निर्णय : यह एजेंडा पास हो गया।
ये मिलेगा फायदा शहर के अंदर स्लाटर हाउस नहीं रहेंगे। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत नहीं रहेगी और इस जगह का सदुपयोग किया जा सकेगा।
एजेंडा नंबर दो
मीटिंग का दूसरा एजेंडा हॉली झील जमीन और पार्क के विकास और सौंदर्यीकरण और पेंडिंग सीडब्ल्यूपी 14725 ऑफ 2012 पर विचार करना था। पेंडिंग मामला हॉली पार्क के कुछ हिस्से को सुधार के लिए लीज पर देने का है। जो पिछले साल से विवादित है। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और इसकी 11 अक्तूबर को सुनवाई है।
निर्णय : हलके विरोध के बाद पास हुआ।
ये मिलेगा फायदा : हाली की झील में पानी आएगा और पार्क को चमकाया जा सकेगा। यहां पर बनने वाले बैंक्वेट हाल में समारोह शहर के बीच में ही हो सकेंगे।
विपक्ष का मत : हाली पार्क व झील का सौंदर्यीकरण करना उचित कदम है। लेकिन किसी विवादित मसले को सदन में रखना और धक्के से पास कराना गलत है। वे इसका विरोध करते हैं।
एजेंडा नंबर तीन
एजेंडा नोटिस का तीसरा बड़ा मुद्दा सीएमपी (कम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान) है। जो हाईकोर्ट के निर्देशानुसार पास किया है। सीएमपी हाईकोर्ट का स्लम एरिया से संबंधित फैसला है। जिसमें इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मकान और सुविधा देने पर विचार विमर्श किया।
निर्णय : यह एजेंडा पास हो गया।
ये मिलेगा फायदा : कम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के लागू होने पर शहर के स्लम एरिया में पर्याप्त सुविधा मिलेगी और लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एजेंडा नंबर चार
बैठक का चौथा एजेंडा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोेजेक्ट रहा। जो सभी पार्षदों की मांग थी।
निर्णय : यह शहर के कूड़े के निस्तांतरण के लिए है। जिसका सभी पार्षदों ने लागू कराने की सहमति जताई।
ये मिलेगा फायदा : सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने के बाद शहर के कूड़े का निपटारा हो सकेगा। शहर की गंदगी को इधर-उधर नहीं फेंका जाएगा।
एजेंडा नंबर पांच
बैठक का पांचवां एजेंडा आरएवाई (राजीव गांधी आवास योजना) है। जिसमें लोगों को योजना के तहत मकान दिए जाने हैं।
निर्णय : इस एजेंडे पर सभी पार्षदों ने सहमति जता दी।
ये मिलेगा फायदा : राजीव गांधी आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को मकान दिए जा सकेंगे। यह शहर के एक बड़े वर्ग की मांग है और सरकार भी इस योजना को लाना चाहती है।
एजेंडा नंबर छह
हाउस की बैठक का छठा एजेंडा कूडे़ की डंपिंग करने से संबंधित रहा। जो नगर निगम की क्षेत्र से उठाया जाना है।
निर्णय : इस पर सभी पार्षदों ने सहमति जता दी।
ये मिलेगा फायदा : शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों को उठाया जाएगा। जिससे लोगों को गंदगी से छुटकारा मिल सकेगा।
एजेंडा नंबर सातवां
सातवां एजेंडा दूध की डेयरियों को शहर से शिफ्ट करने का रहा। इसमें डेयरी बिंझौल गांव या अन्यत्र शिफ्ट की जानी है।
निर्णय : विपक्ष ने इसका विरोध जताया और पहले प्लाट घोटाले की जांच करने की मांग की। जिसका सदन ने आश्वासन दिया।
ये मिलेगा फायदा : शहर के बीच में दूध की डेयरियां हैं। जिनसे शहर की गलियों और नालियों में गंदगी जमा रहती है। लोग लंबे समय से इनको बाहर करने की मांग कर रहे हैं।
पार्षदों के एजेंडों को सुना
बैठक में सभी पार्षदों के एजेंडों को सुना। इनकी मेयर भूपेंद्र सिंह ने अनुमति दी थी। पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड में गली, सड़क के निर्माण के साथ पेयजल और बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग की। बाहर कॉलोनियों के पार्षदों ने शहर के समान सुविधा देने की बात उठाई। इस पर कुछ बहस भी हुई और पार्षदों ने अनदेखी को सहन न करने की कही।
साढ़े तीन बजे से सवा सात बजे तक
3:20 बजे नगर निगम के कमिश्नर मीटिंग हाल में पहुंचे।
3:30 बजे मेयर भूपेंद्र सिंह, पार्षद सुरेंद्र और सुनील आए।
3:35 बजे भाजपा और इनेलो पार्षद इकट्ठा सदन में पहुंचे
3:37 बजे सीनियर डिप्टी मेयर काजल अन्यों के साथ आईं।
3:40 बजे सभी पार्षद डीसी ऑफिस स्थित सदन में गए।
3:50 बजे सदन की कार्रवाई विधिपूर्वक शुरू हो गई।
6:15 बजे निर्धारित मुद्दों पर बहस होनी शुरू हो गई।
7.11 बजे मीटिंग खत्म हुई और सब बाहर आ गए।
पार्षदों का आना-जाना लगा रहा
4:52 बजे अशोक नारंग सदन से बाहर आए।
5:19 बजे सुनील कुमार सदर से बाहर निकले।
5:22 बजे हरीश शर्मा से जानकारी मांगने लगे।
5:25 बजे पार्षद अशोक कटारिया बाहर आए।
5:55 बजे पार्षद सतीश सैनी भी बाहर निकले
6:01 प्रवेश नैन किसी कार्य से बाहर निकले।
6:02 पर एडीसी आए, 6:09 बजे वापस गए।
7:00 बजे अशोक नारंग दोबारा से बाहर आए।
निगम को लेकर कब क्या हुआ
02 जून 2013 को नगर निगम का चुनाव हुआ।
04 जून 2013 को चुनाव के नतीजे घोषित हुए।
03 जुलाई को बैठक में भूपेंद्र सिंह मेयर चुने गए।
02 अगस्त को काजल बठला सीनियर डिप्टी और सीमा पाहवा डिप्टी मेयर चुनी गईं।
पार्षद पतियों को दिखाया बाहर का रास्ता
पानीपत। नगर निगम के हाउस की पहली हाउस मीटिंग में शान से पहुंचे पार्षद पतियों को अव्यवस्थाओं के साथ दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। उनको डीसी आफिस से गनमैन और कर्मचारियों के बाहर निकाल दिया। इसके बाद वे घंटों घूमते रहे। प्रशासन की अव्यवस्थाओं पर पार्षद पतियों ने रोष जताया।
नगर निगम की पहली मीटिंग में महिला पार्षदों के पति भी उनके साथ पहुंचे। कुछ ने मीटिंग में अंदर बैठने का प्रयास किया। लेकिन उनको बाहर की निकाल दिया। इसके बाद पार्षद पति डीसी आफिस में बैठ गए और विचारविमर्श करने लगे। आधा पौना घंटे के बाद गनमैन ओर एक कर्मचारी ने सभी को बाहर निकाल दिया और कार्यालय की कुंडी लगा दी। कई घंटे चली बैठक में बाहर खड़े-खड़े पार्षद परेशान हो गए।
सुबह बैठक करने की चेतावनी
पार्षद और पार्षद पतियों में शाम के समय बैठक को गलत बताया और सुबह के समय बैठक करने की मांग की। सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला के पति सुभाष बठला, डिप्टी मेयर सीमा पाहवा के पति राजू पाहवा ने कहा कि सरकारी काम का समय सुबह नौ से पांच बजे तक होता है। नगर निगम की बैठक भी दिन के समय होनी चाहिए। अगली बैठक दोपहर बाद हुई तो वे उसका बायकाट करेंगे।
दूध और खाने की चिंता सताई
हाउस की मीटिंग का ज्यों-ज्यों समय बीतता जा रहा था, त्यों-त्यों पार्षद पतियों की बाहर बैठे-बैठे धड़कन बढ़ती जा रही थी। कई पार्षद अपनी भैंसों का दूध निकालने से लेकर तो कुछ शाम के खाने को लेकर चिंतित दिखे। कई कांग्रेस समर्थित पार्षदों से शाम के समय हाउस की मीटिंग को गलत ठहराया। उनका कहना है कि शाम को घर और परिवार संभालना होता है और एक महिला ही इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह से निभा सकती है।
विकास नहीं हुआ तो दिक्कत
पार्षदों में निगम के एजेंडों की मंजूरी से अधिक अपने एजेंडों की फिक्र थी। इसके चलते सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड के 10 से 30 तक एजेंडे लेकर आए थे। पार्षदों ने कहा कि उनके एजेंडों को मंजूरी नहीं मिली तो वे फिर से जनता के बीच में वोट मांगने नहीं जा पाएंगे। जनता उनके कपड़े तक फाड़ देगी। इस खामियाजा विस और लोस चुनाव में भी भुगतना पड़ सकता है। लोगों को कई साल बाद नगर निगम के चुनाव होने के बाद पार्षदों से बहुत उम्मीद है।
कमिश्नर ने निभाई मेयर की भूमिका
दुष्यंत भट्ट ने बताया कि नगर निगम के हाउस की पहली मीटिंग में मेयर बेकार साबित हुए। वे किसी पार्षद के सवाल का ठीक से जवाब नहीं दे सके। भूपेंद्र सिंह के बजाय निगम के कमिश्नर समीर पाल सरो ने मेयर का रोल निभाया। उन्होंने ही पार्षदों की मांगों को लागू करने का आश्वासन दिया।
विपक्ष ने कहा-सरकारी एजेंडे पर चर्चा
भाजपा और इनेलो ने इसे सरकारी एजेंडे करार दिया है। दुष्यंत भट्ट और लोकेश नांगरू ने कहा कि हाली पार्क की जमीन लीज पर देने का विरोध किया था, बावजूद इसके पास कर दिया गया। इसका जवाब शहर की जनता चुनाव के समय देगी। पार्षदों के सुझाव को सुना गया है। लेकिन उनको नहीं लगता कि ये लागू कर दिए जाएंगे।
मेयर बोले-शहर का होगा विकास
मेयर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हाउस की पहली बैठक सफल रही और निगम के सभी सात एजेंडों समेत पार्षदों के एजेंडों पर भी विचार विमर्श किया। निगम के सातों एजेंडे पास हो गए हैं। विपक्ष व उनके एजेंडे एक समान ही थे। इससे शहर को नया रूप मिलेगा।
कमिश्नर से उलझ पड़े पार्षद
हरीश शर्मा ने की इस्तीफे की पेशकश
वार्ड तीन के पार्षद हरीश शर्मा और कमिश्नर के बीच तकरार हो गई। हरीश शर्मा ने डेयरी घोटाले मामले पर पर्चा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस घोटाले को दबाना चाहता है। इसके अलावा उसने सर्विस लेन खोलने की मांग की। कमिश्नर ने उनको नीची आवाज में अपनी पक्ष रखने की कही।
इस पर हरीश शर्मा ने कहा कि उनकी आवाज ही ऐसी है। वे उनकी आवाज सुनना पसंद नहीं करते तो वे अपना इस्तीफा देने को तैयार हैं। हरीश शर्मा ने सदन में अपना इस्तीफा पेश कर दिया। कमिश्नर ने मामले की नजाकत को समझा और डेयरी प्लाट मामले की गंभीरता से जांच कराने का आश्वासन दिया।
अतिरिक्त अंडरब्रिज बनाने की मांग
वार्ड-15 के पार्षद सुरेंद्र गर्ग ने अपने वार्ड की मांगों को सदन में रखा। उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण गोहाना रोड फ्लाईओवर के दोनों तरफ की सड़क बनवाने, गोहाना रोड रेलवे ट्रैक पर एक अतिरिक्त अंडरब्रिज बनवाने और श्मशान रोड का नाम नेताजी सुभाष बोस रखे जाने की मांग की। उन्होंने इसके अलावा वार्ड में साफ-सफाई, गली और पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की।
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इन एजेंडों के लागू होने पर शहर को नया रूप मिलेगा और लोगों को भी सुविधाएं मिलेंगी। विपक्ष ने इसे शहर का एजेंडा नहीं, बल्कि सरकारी एजेंडा कहा है। बैठक में हॉली पार्क की जमीन लीज और डेयरी मामले में जांच की मांग भी उठी। निगम के कमिश्नर और मेयर ने विपक्ष की इन मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
नगर निगम के हाउस की पहली बैठक वीरवार को डीसी ऑफिस के मीटिंग हाल में हुई। इसकी अध्यक्षता मेयर भूपेंद्र सिंह और संचालन नगर निगम के कमिश्नर समीर पाल सरो ने की। बैठक मेें सभी वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। मेयर ने सबके सामने नगर निगम के एजेंडे में शामिल सात सुझावों को सबके सामने रखा और इसके बाद कांग्रेस समर्थित, भाजपा और इनेलो पार्षदों से विचार सांझे किए।
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भाजपा और इनेलो पार्षदों ने हॉली पार्क की जमीन लीज पर देने और डेयरी घोटाले की जांच कर आरोपियों पर केस दर्ज करने की मांग की। इस कारण सदन में कुछ हंगामा भी मचा, लेकिन कुछ देर बाद सब शांत हो गए। इस मौके पर सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला, डिप्टी मेयर सीमा पाहवा, सुरेंद्र गर्ग, दुष्यंत भट्ट, लोकेश नांगरू, हरीश शर्मा, रोहिता रेवड़ी, प्रवीण नैन, अशोक कटारिया और सुखविंद्र कौर मौजूद रहे।
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एजेंडा नंबर एक
मीटिंग का पहला एजेंडा कोर्ट की ओर से एसएलपी 309 ऑफ 2003 है। इसका टाइटल लक्ष्मी नारायण मोदी वर्सिस यूनियन ऑफ इंडिया एंड अदर्स है। यह एजेंडा स्लाटर हाउसों से संबंधित है। इसमें स्लाटर हाउसों को शहर से बाहर करने और उनको व्यवस्थित करने के लिए रखा है।
निर्णय : यह एजेंडा पास हो गया।
ये मिलेगा फायदा शहर के अंदर स्लाटर हाउस नहीं रहेंगे। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत नहीं रहेगी और इस जगह का सदुपयोग किया जा सकेगा।
एजेंडा नंबर दो
मीटिंग का दूसरा एजेंडा हॉली झील जमीन और पार्क के विकास और सौंदर्यीकरण और पेंडिंग सीडब्ल्यूपी 14725 ऑफ 2012 पर विचार करना था। पेंडिंग मामला हॉली पार्क के कुछ हिस्से को सुधार के लिए लीज पर देने का है। जो पिछले साल से विवादित है। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और इसकी 11 अक्तूबर को सुनवाई है।
निर्णय : हलके विरोध के बाद पास हुआ।
ये मिलेगा फायदा : हाली की झील में पानी आएगा और पार्क को चमकाया जा सकेगा। यहां पर बनने वाले बैंक्वेट हाल में समारोह शहर के बीच में ही हो सकेंगे।
विपक्ष का मत : हाली पार्क व झील का सौंदर्यीकरण करना उचित कदम है। लेकिन किसी विवादित मसले को सदन में रखना और धक्के से पास कराना गलत है। वे इसका विरोध करते हैं।
एजेंडा नंबर तीन
एजेंडा नोटिस का तीसरा बड़ा मुद्दा सीएमपी (कम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान) है। जो हाईकोर्ट के निर्देशानुसार पास किया है। सीएमपी हाईकोर्ट का स्लम एरिया से संबंधित फैसला है। जिसमें इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मकान और सुविधा देने पर विचार विमर्श किया।
निर्णय : यह एजेंडा पास हो गया।
ये मिलेगा फायदा : कम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के लागू होने पर शहर के स्लम एरिया में पर्याप्त सुविधा मिलेगी और लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एजेंडा नंबर चार
बैठक का चौथा एजेंडा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोेजेक्ट रहा। जो सभी पार्षदों की मांग थी।
निर्णय : यह शहर के कूड़े के निस्तांतरण के लिए है। जिसका सभी पार्षदों ने लागू कराने की सहमति जताई।
ये मिलेगा फायदा : सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने के बाद शहर के कूड़े का निपटारा हो सकेगा। शहर की गंदगी को इधर-उधर नहीं फेंका जाएगा।
एजेंडा नंबर पांच
बैठक का पांचवां एजेंडा आरएवाई (राजीव गांधी आवास योजना) है। जिसमें लोगों को योजना के तहत मकान दिए जाने हैं।
निर्णय : इस एजेंडे पर सभी पार्षदों ने सहमति जता दी।
ये मिलेगा फायदा : राजीव गांधी आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को मकान दिए जा सकेंगे। यह शहर के एक बड़े वर्ग की मांग है और सरकार भी इस योजना को लाना चाहती है।
एजेंडा नंबर छह
हाउस की बैठक का छठा एजेंडा कूडे़ की डंपिंग करने से संबंधित रहा। जो नगर निगम की क्षेत्र से उठाया जाना है।
निर्णय : इस पर सभी पार्षदों ने सहमति जता दी।
ये मिलेगा फायदा : शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों को उठाया जाएगा। जिससे लोगों को गंदगी से छुटकारा मिल सकेगा।
एजेंडा नंबर सातवां
सातवां एजेंडा दूध की डेयरियों को शहर से शिफ्ट करने का रहा। इसमें डेयरी बिंझौल गांव या अन्यत्र शिफ्ट की जानी है।
निर्णय : विपक्ष ने इसका विरोध जताया और पहले प्लाट घोटाले की जांच करने की मांग की। जिसका सदन ने आश्वासन दिया।
ये मिलेगा फायदा : शहर के बीच में दूध की डेयरियां हैं। जिनसे शहर की गलियों और नालियों में गंदगी जमा रहती है। लोग लंबे समय से इनको बाहर करने की मांग कर रहे हैं।
पार्षदों के एजेंडों को सुना
बैठक में सभी पार्षदों के एजेंडों को सुना। इनकी मेयर भूपेंद्र सिंह ने अनुमति दी थी। पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड में गली, सड़क के निर्माण के साथ पेयजल और बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग की। बाहर कॉलोनियों के पार्षदों ने शहर के समान सुविधा देने की बात उठाई। इस पर कुछ बहस भी हुई और पार्षदों ने अनदेखी को सहन न करने की कही।
साढ़े तीन बजे से सवा सात बजे तक
3:20 बजे नगर निगम के कमिश्नर मीटिंग हाल में पहुंचे।
3:30 बजे मेयर भूपेंद्र सिंह, पार्षद सुरेंद्र और सुनील आए।
3:35 बजे भाजपा और इनेलो पार्षद इकट्ठा सदन में पहुंचे
3:37 बजे सीनियर डिप्टी मेयर काजल अन्यों के साथ आईं।
3:40 बजे सभी पार्षद डीसी ऑफिस स्थित सदन में गए।
3:50 बजे सदन की कार्रवाई विधिपूर्वक शुरू हो गई।
6:15 बजे निर्धारित मुद्दों पर बहस होनी शुरू हो गई।
7.11 बजे मीटिंग खत्म हुई और सब बाहर आ गए।
पार्षदों का आना-जाना लगा रहा
4:52 बजे अशोक नारंग सदन से बाहर आए।
5:19 बजे सुनील कुमार सदर से बाहर निकले।
5:22 बजे हरीश शर्मा से जानकारी मांगने लगे।
5:25 बजे पार्षद अशोक कटारिया बाहर आए।
5:55 बजे पार्षद सतीश सैनी भी बाहर निकले
6:01 प्रवेश नैन किसी कार्य से बाहर निकले।
6:02 पर एडीसी आए, 6:09 बजे वापस गए।
7:00 बजे अशोक नारंग दोबारा से बाहर आए।
निगम को लेकर कब क्या हुआ
02 जून 2013 को नगर निगम का चुनाव हुआ।
04 जून 2013 को चुनाव के नतीजे घोषित हुए।
03 जुलाई को बैठक में भूपेंद्र सिंह मेयर चुने गए।
02 अगस्त को काजल बठला सीनियर डिप्टी और सीमा पाहवा डिप्टी मेयर चुनी गईं।
पार्षद पतियों को दिखाया बाहर का रास्ता
पानीपत। नगर निगम के हाउस की पहली हाउस मीटिंग में शान से पहुंचे पार्षद पतियों को अव्यवस्थाओं के साथ दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। उनको डीसी आफिस से गनमैन और कर्मचारियों के बाहर निकाल दिया। इसके बाद वे घंटों घूमते रहे। प्रशासन की अव्यवस्थाओं पर पार्षद पतियों ने रोष जताया।
नगर निगम की पहली मीटिंग में महिला पार्षदों के पति भी उनके साथ पहुंचे। कुछ ने मीटिंग में अंदर बैठने का प्रयास किया। लेकिन उनको बाहर की निकाल दिया। इसके बाद पार्षद पति डीसी आफिस में बैठ गए और विचारविमर्श करने लगे। आधा पौना घंटे के बाद गनमैन ओर एक कर्मचारी ने सभी को बाहर निकाल दिया और कार्यालय की कुंडी लगा दी। कई घंटे चली बैठक में बाहर खड़े-खड़े पार्षद परेशान हो गए।
सुबह बैठक करने की चेतावनी
पार्षद और पार्षद पतियों में शाम के समय बैठक को गलत बताया और सुबह के समय बैठक करने की मांग की। सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला के पति सुभाष बठला, डिप्टी मेयर सीमा पाहवा के पति राजू पाहवा ने कहा कि सरकारी काम का समय सुबह नौ से पांच बजे तक होता है। नगर निगम की बैठक भी दिन के समय होनी चाहिए। अगली बैठक दोपहर बाद हुई तो वे उसका बायकाट करेंगे।
दूध और खाने की चिंता सताई
हाउस की मीटिंग का ज्यों-ज्यों समय बीतता जा रहा था, त्यों-त्यों पार्षद पतियों की बाहर बैठे-बैठे धड़कन बढ़ती जा रही थी। कई पार्षद अपनी भैंसों का दूध निकालने से लेकर तो कुछ शाम के खाने को लेकर चिंतित दिखे। कई कांग्रेस समर्थित पार्षदों से शाम के समय हाउस की मीटिंग को गलत ठहराया। उनका कहना है कि शाम को घर और परिवार संभालना होता है और एक महिला ही इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह से निभा सकती है।
विकास नहीं हुआ तो दिक्कत
पार्षदों में निगम के एजेंडों की मंजूरी से अधिक अपने एजेंडों की फिक्र थी। इसके चलते सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड के 10 से 30 तक एजेंडे लेकर आए थे। पार्षदों ने कहा कि उनके एजेंडों को मंजूरी नहीं मिली तो वे फिर से जनता के बीच में वोट मांगने नहीं जा पाएंगे। जनता उनके कपड़े तक फाड़ देगी। इस खामियाजा विस और लोस चुनाव में भी भुगतना पड़ सकता है। लोगों को कई साल बाद नगर निगम के चुनाव होने के बाद पार्षदों से बहुत उम्मीद है।
कमिश्नर ने निभाई मेयर की भूमिका
दुष्यंत भट्ट ने बताया कि नगर निगम के हाउस की पहली मीटिंग में मेयर बेकार साबित हुए। वे किसी पार्षद के सवाल का ठीक से जवाब नहीं दे सके। भूपेंद्र सिंह के बजाय निगम के कमिश्नर समीर पाल सरो ने मेयर का रोल निभाया। उन्होंने ही पार्षदों की मांगों को लागू करने का आश्वासन दिया।
विपक्ष ने कहा-सरकारी एजेंडे पर चर्चा
भाजपा और इनेलो ने इसे सरकारी एजेंडे करार दिया है। दुष्यंत भट्ट और लोकेश नांगरू ने कहा कि हाली पार्क की जमीन लीज पर देने का विरोध किया था, बावजूद इसके पास कर दिया गया। इसका जवाब शहर की जनता चुनाव के समय देगी। पार्षदों के सुझाव को सुना गया है। लेकिन उनको नहीं लगता कि ये लागू कर दिए जाएंगे।
मेयर बोले-शहर का होगा विकास
मेयर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हाउस की पहली बैठक सफल रही और निगम के सभी सात एजेंडों समेत पार्षदों के एजेंडों पर भी विचार विमर्श किया। निगम के सातों एजेंडे पास हो गए हैं। विपक्ष व उनके एजेंडे एक समान ही थे। इससे शहर को नया रूप मिलेगा।
कमिश्नर से उलझ पड़े पार्षद
हरीश शर्मा ने की इस्तीफे की पेशकश
वार्ड तीन के पार्षद हरीश शर्मा और कमिश्नर के बीच तकरार हो गई। हरीश शर्मा ने डेयरी घोटाले मामले पर पर्चा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस घोटाले को दबाना चाहता है। इसके अलावा उसने सर्विस लेन खोलने की मांग की। कमिश्नर ने उनको नीची आवाज में अपनी पक्ष रखने की कही।
इस पर हरीश शर्मा ने कहा कि उनकी आवाज ही ऐसी है। वे उनकी आवाज सुनना पसंद नहीं करते तो वे अपना इस्तीफा देने को तैयार हैं। हरीश शर्मा ने सदन में अपना इस्तीफा पेश कर दिया। कमिश्नर ने मामले की नजाकत को समझा और डेयरी प्लाट मामले की गंभीरता से जांच कराने का आश्वासन दिया।
अतिरिक्त अंडरब्रिज बनाने की मांग
वार्ड-15 के पार्षद सुरेंद्र गर्ग ने अपने वार्ड की मांगों को सदन में रखा। उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण गोहाना रोड फ्लाईओवर के दोनों तरफ की सड़क बनवाने, गोहाना रोड रेलवे ट्रैक पर एक अतिरिक्त अंडरब्रिज बनवाने और श्मशान रोड का नाम नेताजी सुभाष बोस रखे जाने की मांग की। उन्होंने इसके अलावा वार्ड में साफ-सफाई, गली और पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की।