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Panipat News: सनौली गांव में समस्याओं का लगा अंबार
Sun, 14 Jun 2026 02:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 14 Jun 2026 02:26 AM IST
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सनौली खुर्द में कब्जाया तालाब। संवाद
उमेश त्यागी
सनौली। ऐतिहासिक पहचान और सामाजिक उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध सनौली खुर्द गांव आज भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। सबसे बड़ी समस्या दूषित पानी की निकासी की है। गांव के करीब 11 एकड़ पंचायत तालाब पर कब्जा होने के कारण जल निकासी व्यवस्था प्रभावित है, जबकि मुख्य अड्डे पर नाला न होने से गलियों और सड़कों पर बारिश का पानी भर जाता है।
हरिद्वार रोड पर स्थित सनौली खुर्द को ब्लॉक का दर्जा मिले एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय की अपनी इमारत नहीं बन सकी है। कार्यालय फिलहाल पुराने प्राथमिक विद्यालय भवन में संचालित हो रहा है। वहीं सनौली थाना भी गोशाला परिसर में किराये के भवन से चल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत तालाब पर वर्षों से कब्जा होने के कारण गांव के दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाती। बरसात के दिनों में कई-कई दिन तक गलियों में पानी जमा रहता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है और लगभग 90 प्रतिशत मकान पक्के हैं। मौजूदा पंचायत ने पंचायत प्लान के तहत करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य भी कराए हैं, लेकिन जल निकासी की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है।
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करीब 10 हजार की आबादी वाले इस गांव में साक्षरता दर 95 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है। पंचायत शिक्षा, पेयजल और गली निर्माण जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन कुछ मूलभूत समस्याएं अब भी समाधान की प्रतीक्षा कर रही हैं।
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सनौली। ऐतिहासिक पहचान और सामाजिक उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध सनौली खुर्द गांव आज भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। सबसे बड़ी समस्या दूषित पानी की निकासी की है। गांव के करीब 11 एकड़ पंचायत तालाब पर कब्जा होने के कारण जल निकासी व्यवस्था प्रभावित है, जबकि मुख्य अड्डे पर नाला न होने से गलियों और सड़कों पर बारिश का पानी भर जाता है।
हरिद्वार रोड पर स्थित सनौली खुर्द को ब्लॉक का दर्जा मिले एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय की अपनी इमारत नहीं बन सकी है। कार्यालय फिलहाल पुराने प्राथमिक विद्यालय भवन में संचालित हो रहा है। वहीं सनौली थाना भी गोशाला परिसर में किराये के भवन से चल रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत तालाब पर वर्षों से कब्जा होने के कारण गांव के दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाती। बरसात के दिनों में कई-कई दिन तक गलियों में पानी जमा रहता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है और लगभग 90 प्रतिशत मकान पक्के हैं। मौजूदा पंचायत ने पंचायत प्लान के तहत करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य भी कराए हैं, लेकिन जल निकासी की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है।
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करीब 10 हजार की आबादी वाले इस गांव में साक्षरता दर 95 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है। पंचायत शिक्षा, पेयजल और गली निर्माण जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन कुछ मूलभूत समस्याएं अब भी समाधान की प्रतीक्षा कर रही हैं।

सनौली खुर्द में कब्जाया तालाब। संवाद

सनौली खुर्द में कब्जाया तालाब। संवाद

सनौली खुर्द में कब्जाया तालाब। संवाद

सनौली खुर्द में कब्जाया तालाब। संवाद

सनौली खुर्द में कब्जाया तालाब। संवाद

सनौली खुर्द में कब्जाया तालाब। संवाद