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134ए : निजी स्कूल नहीं ले रहे दाखिला, अभिभावक परेशान
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पानीपत/मतलौडा। नियम 134-ए के तहत टेस्ट पास करने वाले बच्चों को दाखिले के लिए एक मई को स्कूल अलॉट किए गए थे। पांच दिन बीत जाने के बाद भी जिले के एक हजार बच्चों को टेस्ट पास कर लेने और स्कूल अलॉट होने जाने के बाजवूद दाखिला नहीं मिला है। भीषण गर्मी में अभिभावक स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। सोमवार को अभिभावकों ने डीईओ व बीईओ को शिकायत देकर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। परेशान अभिभावक पानीपत की शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी के कार्यालय भी पहुंचे और उनसे मदद की गुहार लगाई।
विधायक रोहिता रेवड़ी ने पानीपत डीईओ बिजेंद्र नरवाल से इस मामले में बात की और उन्हें बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए कहा। असल में अभिभावकों की समस्या यह है कि जिन बच्चों को बीईओ कार्यालय की ओर से एक मई को स्कूल अलॉट हुए थे, उन्हें 10 मई तक दाखिला ले लेना अनिवार्य है। क्योंकि इस तिथि के बाद बीईओ कार्यालय से स्कूल अलॉटमेंट की दूसरी लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
निजी स्कूल संचालक बोले-चार साल से नहीं मिली है फीस : निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश देने के बावजूद भी पिछले करीब 4 साल से नियम 134 ए के तहत पढ़ाए गए बच्चों की फीस का भुगतान नहीं किया गया है। सरकार की ओर से प्रतिपूर्ति स्कूल संचालकों को नहीं देने से स्कूल संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वे कितने साल तक 134-ए के तहत पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क नहीं पढ़ा सकते हैं। इन बच्चों की पढ़ाई का करीब एक माह का समय पहले ही खराब हो चुका है।
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बोले- डीईओ कि दाखिला देने से इनकार किया तो स्कूलों पर होगी कार्रवाई : पानीपत के डीईओ बिजेंद्र नरवाल ने कहा नियम 134-ए के तहत चयनित बच्चों को अलॉट किए गए जिस भी स्कूल का संचालक दाखिला देने से मना करेगा उसके खिलाफ शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को मान्यता रद करने की संस्तुति की जाएगी। इस मामले में सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया है।
स्कूल संचालकों और शिक्षा विभाग के बीच पिस रहे बच्चे : दो जमा पांच जन आंदोलन के जिला अध्यक्ष शोकेंद्र बालियान ने कहा कि सरकार व स्कूल संचालकों की फीस की लड़ाई में बच्चों को फुटबॉल बनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार व प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर जल्द ही बच्चों को दाखिला नहीं दिया गया तो वे अभिभावकों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
सरकार ने पिछले चार साल से निजी स्कूलों को नहीं किया प्रतिपूर्ति का भुगतान : विजेंद्र मान
हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के प्रदेशाध्यक्ष बिजेंद्र मान ने कहा कि कोई भी निजी स्कूल 134-ए के तहत बच्चों को पढ़ाने से इनकार नहीं कर रहा है, लेकिन हरियाणा सरकार ने पिछले करीब 4 साल से 134-ए के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस यानी प्रतिपूर्ति का भुगतान अभी तक नहीं किया है। मान ने बताया कि हरियाणा सरकार की तरफ प्रदेश के निजी स्कूलों का प्रतिपूर्ति का करीब 500 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल पिछले चार साल इन बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन अब वे इन बच्चों को पढ़ाने की हालत में नहीं हैं। मान ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार 134-ए के तहत निजी स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे के बदले सरकार को करीब 70 हजार रुपये या उस स्कूल की एक बच्चे की सालाना कितनी फीस है, इसमे से जो भी कम है, वह देना था।
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विधायक रोहिता रेवड़ी ने पानीपत डीईओ बिजेंद्र नरवाल से इस मामले में बात की और उन्हें बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए कहा। असल में अभिभावकों की समस्या यह है कि जिन बच्चों को बीईओ कार्यालय की ओर से एक मई को स्कूल अलॉट हुए थे, उन्हें 10 मई तक दाखिला ले लेना अनिवार्य है। क्योंकि इस तिथि के बाद बीईओ कार्यालय से स्कूल अलॉटमेंट की दूसरी लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
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निजी स्कूल संचालक बोले-चार साल से नहीं मिली है फीस : निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश देने के बावजूद भी पिछले करीब 4 साल से नियम 134 ए के तहत पढ़ाए गए बच्चों की फीस का भुगतान नहीं किया गया है। सरकार की ओर से प्रतिपूर्ति स्कूल संचालकों को नहीं देने से स्कूल संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वे कितने साल तक 134-ए के तहत पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क नहीं पढ़ा सकते हैं। इन बच्चों की पढ़ाई का करीब एक माह का समय पहले ही खराब हो चुका है।
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बोले- डीईओ कि दाखिला देने से इनकार किया तो स्कूलों पर होगी कार्रवाई : पानीपत के डीईओ बिजेंद्र नरवाल ने कहा नियम 134-ए के तहत चयनित बच्चों को अलॉट किए गए जिस भी स्कूल का संचालक दाखिला देने से मना करेगा उसके खिलाफ शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को मान्यता रद करने की संस्तुति की जाएगी। इस मामले में सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया है।
स्कूल संचालकों और शिक्षा विभाग के बीच पिस रहे बच्चे : दो जमा पांच जन आंदोलन के जिला अध्यक्ष शोकेंद्र बालियान ने कहा कि सरकार व स्कूल संचालकों की फीस की लड़ाई में बच्चों को फुटबॉल बनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार व प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर जल्द ही बच्चों को दाखिला नहीं दिया गया तो वे अभिभावकों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
सरकार ने पिछले चार साल से निजी स्कूलों को नहीं किया प्रतिपूर्ति का भुगतान : विजेंद्र मान
हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के प्रदेशाध्यक्ष बिजेंद्र मान ने कहा कि कोई भी निजी स्कूल 134-ए के तहत बच्चों को पढ़ाने से इनकार नहीं कर रहा है, लेकिन हरियाणा सरकार ने पिछले करीब 4 साल से 134-ए के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस यानी प्रतिपूर्ति का भुगतान अभी तक नहीं किया है। मान ने बताया कि हरियाणा सरकार की तरफ प्रदेश के निजी स्कूलों का प्रतिपूर्ति का करीब 500 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल पिछले चार साल इन बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन अब वे इन बच्चों को पढ़ाने की हालत में नहीं हैं। मान ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार 134-ए के तहत निजी स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे के बदले सरकार को करीब 70 हजार रुपये या उस स्कूल की एक बच्चे की सालाना कितनी फीस है, इसमे से जो भी कम है, वह देना था।