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बिजली व्यवस्था बदतर होने के कारण लोगों व बिजली निगम में हो रहा टकराव

Fri, 06 Jul 2018 12:16 AM IST
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:16 AM IST
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बिजली व्यवस्था बदतर होने के कारण लोगों व बिजली निगम में हो रहा टकराव
बिजली व्यवस्था बदतर होने के कारण लोगों व बिजली निगम में हो रहा टकराव
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अमर उजाला ब्यूरो, इसराना।
बिजली कट हो गया या कही फाल्ट हो जाने पर शिकायत की जाती है जब सुनवाई ना हो तो लोग विरोध का रास्ते अपनाना शुरू कर देते है। तब शुरू होता है बिजली निगम के दफतर पर प्रदर्शन, अधिकारियों का घेराव या रास्ता जाम करना। जहां समस्याओं के निदान के लिए कर्मचारियों का टोटा हो वहां कर्मचारियों व लोगों के बीच टकराव बढना लाजमी है। ऐसा ही कहानी है बिजली निगम के इसराना सब डिविजन की।
क्या हालात है इसराना सब डिविजन के आप देखे।
बिजली निगम के इसराना सब डिविजन में तीन दर्जन गांव के अलावा पानीपत शहर की कई कालानियां, फैक्ट्री व संस्थान आते है। क्षैत्र में धान की रोपाई का सीजन भी चरम पर है। बिजली कनेक्शनों व ट्रांसफार्मरों की बढती तादाद, वर्क लोड के हिसाब से पर्याप्त स्टाफ न होना निगम कर्मचारियों व ग्रामीणों के बीच टकराव की वजह है। इसराना सब डिविजन में करीब 32600 बिजली कनेकशन है। निगम के एलएम व एएलएम की तादाद मिलाकर 44 है इस पर 2637 बिजली ट्रांसफर्मर होने पर एक फिल्ड तकनीकी कर्मचारी एलएम या एएलएम के जिम्में साठ ट्रांसफार्मरों का रखरखाव कैसे संभव हो सकता है। इसराना में हालातों की सच्चाई दावों से परे है। मौजूदा हालात में निगम के पास इसराना सब डिविजन में एसडीओ, जेई, एलएम, एएलएम, जेई सब स्टेशन, एसएसए, एएसएसए, एसए, एपीडी, चालक , कलीनर, ड्राफटसमेन व एएफएम की तादाद साठ है। निगम मान रहा है कि ये तादाद 104 होनी चाहिए। उधर दफतरी स्टाफ पर नजर डाली जाए तो वहां भी वर्कलोड के हिसाब से स्टाफ कम है। दस एलडीसी के स्थान पर दो से काम चलाया जा रहा है, यूडीसी के चारों पद खाली पडें है, एलडीसी कैशियर के आठ पदों के उपरांत मात्र एक से काम चलाया जा रहा है। निगम के पुराने नियम व मौजूदा वर्कलोड के हिसाब से ये तादाद 333 बनती है। कर्मचारियों का टोटा उपभेक्ताओं को बेहतर सुविधाए उपलब्ध कराने में रोडा बना हुआ है।
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गांवों में हालात बदतर-ज्यादातर केंद्रों पर नहीं है कर्मचारी:
क्षेत्र के ज्यादातर निगम के शिकायत केंद्रों पर कर्मचारी नही होने से समस्या का समाधान समय पर नही हो पाता। गांव स्तर पर गांव के किसी व्यक्ति को आफ दा रिकार्ड फाल्ट दूर करने का काम दिया जाता है। बिजली बिलों के माध्यम से सरकारी खजाना भर कर भी कर्मचारियों के टोटे की वजह से बेहतर सुविधाए उपलब्ध नहीं हो पा रही।
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कर्मचारी नेता बोले पब्लिक हालात को समझे व सहयोग करे:
एचएसईबी वकर्रज यूनियन के युनिट सचिव राजेंद्र सिंह व नरेंद्र खोखर ने बताया कि वर्कलोड के हिसाब से कई दशकों से खाली पडें पदों के न भरने व लगातार बढ़ रहे कनेकशनों से हालात खराब हुए है। कर्मचारियों की तादाद कम है व काम ज्यादा। फिर भी प्रयास रहता है कि सबकी समस्या का समाधान हो जाए। हालात के चलते निगम के कर्मचारियों व लोगों में टकराव बढता है। पब्लिक निगम कर्मचारियों के हालात को समझे व सहयोग करे।
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