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झोलाछाप डॉक्टर को पकड़ने गए डिप्टी सिविल सर्जन व डॉक्टर को विधायक ने धमकाया, छापेमारी बंद कराकर गांव से निकाला
Updated Sun, 22 Jul 2018 06:32 PM IST
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झोलाछाप डॉक्टर को पकड़ने गई टीम को विधायक ने धमकाया, छापेमारी बंद कराकर गांव से निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। गांव देहरा में गुप्ता सूचना पर झोलाछाप डाक्टर के यहां छापा मारने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम राजनीति के आगे हार गई। छापे की सूचना मिलते ही समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली भी पहुंच गए। यहां उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को छापामारी करने पर धमकाया और सिविल सर्जन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा दिए। मामले में विधायक के शामिल होने के बाद विभाग की टीम को बिना छापेमारी के ही बैरंग लौटना पड़ा।
शनिवार स्वास्थ्य विभाग को देहरा गांव में झोलाछाप डॉक्टर के फर्जी तरीके से क्लीनिक चलाने व लोगों का इलाज करने की सूचना मिली थी। इसी सूचना पर सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मुनीष गोयल के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर छापेमारी के लिए भेजा। टीम में डॉ. मनजीत भी शामिल थी। वहां पहुंचकर विभाग की टीम ने पुलिस को फोन कर छापेमारी के लिए पुलिस की मदद ली। जैसे ही टीम गांव में छापेमारी के लिए पहुंची। लोगों ने टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों ने टीम को डॉक्टर पर कार्रवाई करने से रोक दिया। ग्रामीणों ने फोन पर समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली को भी बुला लिया। वहां विधायक ने स्वास्थ्य अधिकारियों को छापेमारी करने पर धमकाया और कहा कि पैसे कमाने के लिए सिविल सर्जन छापेमारी करवा रहे हैं। सीएमओ भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। वो जल्द इस भ्रष्टाचार की वीडियो भी वायरल करेंगे। उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को गांव से चले जाने के निर्देश दे दिए। डॉक्टरों को बिना छापेमारी के ही बैरंग लौटना पड़ा। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राजनेताओं की इस कार्यप्रणाली से नाराज होकर पूरे मामले की जानकारी डीसी को भी दी है।
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चुनाव नजदीक होने की वजह से इस तरह के अधिकारी सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। इसके लिए ऊपर से बात करूंगा।
-रविंद्र मच्छरौली, विधायक
विधायक गलत आरोप लगा रहे हैं : डॉ. वर्मा
विधायक के हस्तक्षेप के बाद टीम को बिना छापेमारी के ही लौटना पड़ा। देहरा गांव में एक व्यक्ति की ओर से अवैध रूप से प्रैक्टिस करने की सूचना मिली थी। इसी पर टीम को भेजा था। विधायक भ्रष्टाचार के गलत आरोप लगा रहे हैं। पूरे मामले की जानकारी डीसी को दे दी है।
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- डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन
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अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। गांव देहरा में गुप्ता सूचना पर झोलाछाप डाक्टर के यहां छापा मारने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम राजनीति के आगे हार गई। छापे की सूचना मिलते ही समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली भी पहुंच गए। यहां उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को छापामारी करने पर धमकाया और सिविल सर्जन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा दिए। मामले में विधायक के शामिल होने के बाद विभाग की टीम को बिना छापेमारी के ही बैरंग लौटना पड़ा।
शनिवार स्वास्थ्य विभाग को देहरा गांव में झोलाछाप डॉक्टर के फर्जी तरीके से क्लीनिक चलाने व लोगों का इलाज करने की सूचना मिली थी। इसी सूचना पर सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मुनीष गोयल के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर छापेमारी के लिए भेजा। टीम में डॉ. मनजीत भी शामिल थी। वहां पहुंचकर विभाग की टीम ने पुलिस को फोन कर छापेमारी के लिए पुलिस की मदद ली। जैसे ही टीम गांव में छापेमारी के लिए पहुंची। लोगों ने टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों ने टीम को डॉक्टर पर कार्रवाई करने से रोक दिया। ग्रामीणों ने फोन पर समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली को भी बुला लिया। वहां विधायक ने स्वास्थ्य अधिकारियों को छापेमारी करने पर धमकाया और कहा कि पैसे कमाने के लिए सिविल सर्जन छापेमारी करवा रहे हैं। सीएमओ भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। वो जल्द इस भ्रष्टाचार की वीडियो भी वायरल करेंगे। उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को गांव से चले जाने के निर्देश दे दिए। डॉक्टरों को बिना छापेमारी के ही बैरंग लौटना पड़ा। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राजनेताओं की इस कार्यप्रणाली से नाराज होकर पूरे मामले की जानकारी डीसी को भी दी है।
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चुनाव नजदीक होने की वजह से इस तरह के अधिकारी सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। इसके लिए ऊपर से बात करूंगा।
-रविंद्र मच्छरौली, विधायक
विधायक गलत आरोप लगा रहे हैं : डॉ. वर्मा
विधायक के हस्तक्षेप के बाद टीम को बिना छापेमारी के ही लौटना पड़ा। देहरा गांव में एक व्यक्ति की ओर से अवैध रूप से प्रैक्टिस करने की सूचना मिली थी। इसी पर टीम को भेजा था। विधायक भ्रष्टाचार के गलत आरोप लगा रहे हैं। पूरे मामले की जानकारी डीसी को दे दी है।
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- डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन