{"_id":"5c33a53ebdec2256bf2a5732","slug":"51546888510-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार के मामले में मतलौडा बीडीपीओ अशोक छिक्कारा सस्पेंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार के मामले में मतलौडा बीडीपीओ अशोक छिक्कारा सस्पेंड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ्रष्टाचार के मामले में मतलौडा बीडीपीओ अशोक छिक्कारा सस्पेंड
मतलौडा। स्ट्रीट लाइटों में गबन को लेकर करनाल विजिलेंस थाने में दर्ज मुकदमे के बाद पंचायत विभाग के कमिश्नर ने मतलौडा बीडीपीओ अशोक छिक्कारा को सस्पेंड कर दिया है। जिला पंचायत अधिकारी रूपेन्द्र मलिक ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अशोक छिक्कारा के सस्पेंड आर्डर उनके पास आ चुके है। बीडीपीओ अशोक छिक्कारा को सस्पेंड करने के बाद उनका हेडक्वार्टर इसराना खंड कार्यालय बनाया है। मतलौडा बीडीपीओ को इसकी जानकारी दे दी गई है।
करनाल विजिलेंस थाने के एसपी श्यामलाल शर्मा ने बताया कि करीब 5 वर्ष पूर्व करनाल खंड कार्यालय के ब्लाक समिति की ग्रांट से स्ट्रीट लाइटें व सबमर्सिबल लगाने जैसे कई काम किए गए थे। जिनमें भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम करनाल ने इनकी जांच की थी। जिसमें तीन बीडीपीओ, अकाउंटेंट समेत करीब 9 कर्मचारी दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया था।
उल्लेखनीय है कि पंचायत विभाग व पंचायतों में भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें प्रशासन को मिलती है। एक सप्ताह पूर्व भी करनाल विजिलेंस टीम इंस्पेक्टर धर्मबीर खर्ब के नेतृत्व में मतलौडा के गावों में तत्कालीन ब्लाक समिति अधिकारियों द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइटों व सबमर्सिबल पंपों की जांच करने आए हुए थे। विजिलेंस जांच से पहले सीएम उड़न दस्ते ने इन स्ट्रीट लाइटों की जांच की थी। जिसमें मतलौडा खण्ड कार्यालय के तत्कालीन तीन बीडीपीओ समेत 9 कर्मचारियों को दोषी करार दिया गया और आगामी कार्रवाई हेतु रिपोर्ट सीएम फ्लाइंग मुख्यालय भेजी गई थी। लेकिन आरोपियों ने इस जांचपर सवाल उठाते हुए इसकी जांच विजिलेंस से कराने की मांग की थी। जिसके आधार पर विजिलेंस टीम अब इस स्ट्रीट लाइट गबन मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
इस संबंध में मतलौडा बीडीपीओ अशोक छिक्कारा ने कहा कि उनके सस्पेंशन के आर्डर बारे उन्हें कोई जानकारी नही और ना ही उनके पास ऐसे कोई आर्डर आए है।
विज्ञापन
मतलौडा। स्ट्रीट लाइटों में गबन को लेकर करनाल विजिलेंस थाने में दर्ज मुकदमे के बाद पंचायत विभाग के कमिश्नर ने मतलौडा बीडीपीओ अशोक छिक्कारा को सस्पेंड कर दिया है। जिला पंचायत अधिकारी रूपेन्द्र मलिक ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अशोक छिक्कारा के सस्पेंड आर्डर उनके पास आ चुके है। बीडीपीओ अशोक छिक्कारा को सस्पेंड करने के बाद उनका हेडक्वार्टर इसराना खंड कार्यालय बनाया है। मतलौडा बीडीपीओ को इसकी जानकारी दे दी गई है।
करनाल विजिलेंस थाने के एसपी श्यामलाल शर्मा ने बताया कि करीब 5 वर्ष पूर्व करनाल खंड कार्यालय के ब्लाक समिति की ग्रांट से स्ट्रीट लाइटें व सबमर्सिबल लगाने जैसे कई काम किए गए थे। जिनमें भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम करनाल ने इनकी जांच की थी। जिसमें तीन बीडीपीओ, अकाउंटेंट समेत करीब 9 कर्मचारी दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि पंचायत विभाग व पंचायतों में भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें प्रशासन को मिलती है। एक सप्ताह पूर्व भी करनाल विजिलेंस टीम इंस्पेक्टर धर्मबीर खर्ब के नेतृत्व में मतलौडा के गावों में तत्कालीन ब्लाक समिति अधिकारियों द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइटों व सबमर्सिबल पंपों की जांच करने आए हुए थे। विजिलेंस जांच से पहले सीएम उड़न दस्ते ने इन स्ट्रीट लाइटों की जांच की थी। जिसमें मतलौडा खण्ड कार्यालय के तत्कालीन तीन बीडीपीओ समेत 9 कर्मचारियों को दोषी करार दिया गया और आगामी कार्रवाई हेतु रिपोर्ट सीएम फ्लाइंग मुख्यालय भेजी गई थी। लेकिन आरोपियों ने इस जांचपर सवाल उठाते हुए इसकी जांच विजिलेंस से कराने की मांग की थी। जिसके आधार पर विजिलेंस टीम अब इस स्ट्रीट लाइट गबन मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
इस संबंध में मतलौडा बीडीपीओ अशोक छिक्कारा ने कहा कि उनके सस्पेंशन के आर्डर बारे उन्हें कोई जानकारी नही और ना ही उनके पास ऐसे कोई आर्डर आए है।