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कांग्रेस ने दो स्लैब का बनाया था जीएसटी, भाजपा ने पांच स्लैब किए : सुरजेवाला
Updated Sun, 02 Jul 2017 12:55 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता, पूर्व मंत्री और कैथल विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जीएसटी को किसान, दुकानदार और लघु उद्यमियों को खत्म करने वाला बताया। साथ ही भाजपा के जीएसटी में टैक्सदर विश्व में सबसे अधिक बताई। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं का समाधान न होने पर शहरी विधायक और उनके पति पर निशाना साधा। कहा कि कांग्रेस जीएसटी को दो स्लैब में लागू कर रही थी, लेकिन भाजपा ने इसको लागू नहीं होने दिया। भाजपा ने अब पांच स्लैब का जीएसटी लागू कर दिया।
गंगापुरी रोड स्थित निजी गार्डन में शनिवार को उद्योग बचाओ, व्यापार बचाओ और दुकानदार बचाओ सम्मेलन हुआ। इसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कैथल विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला मुख्य अतिथि रहे। कांग्रेसी नेता वीरेंद्र सिंह बुल्ले शाह के संयोजन में आयोजित सम्मेलन में सैकड़ों व्यापारी और उद्यमी सम्मेलन में पहुंचे। इसकी अध्यक्षता कृष्णलाल महाजन ने की।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि व्यापारियों को सरकार में किसी तरह की सुनवाई न होने का जवाब मिलता है। ऐसे में उद्यमियों की समस्या कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। कांग्रेस राज में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान पर बल दिया जाता था। उन्होंने उद्यमियों और व्यापारियों से अपने हकों को लेकर जागने और कांग्रेस की सरकार बनते ही पहली कलम से जीएसटी को खत्म करने का आह्वान किया। कहा कि मोदी सरकार के जीएसटी से किसान, दुकानदार व छोटा व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। बड़े व्यापारी को छोटे व्यापारी से किसी तरह का सामान खरीदने पर उसका जीएसटी भी देना होगा। ऐसे में बड़ा व्यापारी छोटे व्यापारी से सामान नहीं खरीदेगा और छोटे व्यापारी और दुकानदार खुद ही खत्म हो जाएंगे। भाजपा के जीएसटी से रोटी, कपड़ा और मकान को गहरी चोट लगी। इसके लागू होने के बाद आम जनता के दैनिक उपयोग के सामान की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि कर देगा। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार का जीएसटी सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक था, जबकि भाजपा का जीएसटी उलझन भरा है। इसमें टैक्सदाता साल में 37 बार रिटर्न भरने को मजबूर होगा। यदि कोई टैक्सदाता 36 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापार करता है तो उसे एक साल में 1332 रिटर्न भरना होगा। उन्होंने कहा कि यदि वो रिटर्न ही भरता रहेगा, तो फिर व्यापार कब करेगा। इससे पहले व्यापारी सम्मेलन के संयोजक कांग्रेसर नेता वीरेंद्र शाह, सेवादल के पूर्व अध्यक्ष सुरेश गुप्ता तथा पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष संजय छौक्कर के अलावा पूर्व मंत्री बच्चन सिंह आर्य, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, पवन दीवान, राधेश्याम शर्मा, फूल सिंह वाल्मीकि हरियाणा महिला कांग्रेस की अध्यक्षा सुमित्रा चौहान, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुरेश यूनुसपुरय, हरियाणा किसान-खेत मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह फोगाट, हरियाणा कृषक समाज के अध्यक्षए ईश्वर नैन, युवा नेता संजय कादियान ने सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर मेयर सुरेश वर्मा, सीनियर डिप्टी मेयर के पति सुभाष बठला, नगर पार्षद बलजीत सिंह, रामचंद्र कादियान, बृजभूषण धींगड़ा, प्रवेश नैन, सुनील वर्मा, बाबू हरविलास गोयल, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदेव मलिक, राम सिंह खुराना, यशवीर जागलान मौजूद रहे।
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‘इलाज कराना तक महंगा हुआ’
सुरजेवाला ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद इलाज कराना तक महंगा हो जाएगा। डायलिसिस, ब्लड टेस्ट, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर 12 से 18 प्रतिशत का टैक्स लगाया गया है। महिलाओं के लिए सैनेटरी नैपकिन और एक हजार रुपये से अधिक के कपड़े, जूते, चाय, कॉफी, मक्खन, बिस्कुट, दही, मिठाई और जूस पर भी 12 से 28 प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा। दिव्यांगों के लिए बेहद जरूरी व्हील चेयर पर भी पांच प्रतिशत टैक्स लगा दिया गया है। सुरजेवाला ने कहा कि कपड़ा उद्योग देश में कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार पैदा करने वाला क्षेत्र है। जीएसटी की मनमानी संरचना से इस सेक्टर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। छोटे, लघु और मध्यम निर्माताओं, कारोबारियों, कपड़ा व्यापारियों, दुकानदारों की रोजी-रोटी बंद हो जाएगी।
‘कपड़ा उद्योग की हालत और बिगड़ेगी’
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने चीन, बंग्लादेश, श्रीलंका और अन्य देशों से मंगाए जाने वाले आयातित फैब्रिक पर केवल पांच प्रतिशत का टैक्स लगाया है। इससे भारत में कपड़ा उद्योग की स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी।
‘खेती पर की दोहरी चोट’
सरकार ने जीएसटी के माध्यम से किसान और खेती-बाड़ी पर दोहरी मार करते हुए टैक्स लगा दिया है। ज्यादातर राज्यों में खाद पर जीरो प्रतिशत टैक्स लगता था। पहले भाजपा ने खाद पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाया। कांग्रेस के विरोध के बाद कल देर रात इस टैक्स को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया। इसी तरह देश के किसानों की दुर्दशा पर आंखें मूंदते हुए कीटनाशकों पर 28 प्रतिशत का जीएसटी लगा दिया गया। इसके अलावा अन्य उत्पाद खरीदने पर किसान को जीएसटी देना होगा। कृषि उत्पादों का भंडारण करने और मैकेनाइज्ड फूड ग्रेंस हैंडलिंग सिस्टम के लिए कोल्ड स्टोर और वेयर हाउसों के निर्माण पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लगाया गया है। इससे कृषि क्षेत्र पर टैक्स का भार बहुत अधिक बढ़ जाएगा।
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पानीपत। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता, पूर्व मंत्री और कैथल विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जीएसटी को किसान, दुकानदार और लघु उद्यमियों को खत्म करने वाला बताया। साथ ही भाजपा के जीएसटी में टैक्सदर विश्व में सबसे अधिक बताई। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं का समाधान न होने पर शहरी विधायक और उनके पति पर निशाना साधा। कहा कि कांग्रेस जीएसटी को दो स्लैब में लागू कर रही थी, लेकिन भाजपा ने इसको लागू नहीं होने दिया। भाजपा ने अब पांच स्लैब का जीएसटी लागू कर दिया।
गंगापुरी रोड स्थित निजी गार्डन में शनिवार को उद्योग बचाओ, व्यापार बचाओ और दुकानदार बचाओ सम्मेलन हुआ। इसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कैथल विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला मुख्य अतिथि रहे। कांग्रेसी नेता वीरेंद्र सिंह बुल्ले शाह के संयोजन में आयोजित सम्मेलन में सैकड़ों व्यापारी और उद्यमी सम्मेलन में पहुंचे। इसकी अध्यक्षता कृष्णलाल महाजन ने की।
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रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि व्यापारियों को सरकार में किसी तरह की सुनवाई न होने का जवाब मिलता है। ऐसे में उद्यमियों की समस्या कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। कांग्रेस राज में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान पर बल दिया जाता था। उन्होंने उद्यमियों और व्यापारियों से अपने हकों को लेकर जागने और कांग्रेस की सरकार बनते ही पहली कलम से जीएसटी को खत्म करने का आह्वान किया। कहा कि मोदी सरकार के जीएसटी से किसान, दुकानदार व छोटा व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। बड़े व्यापारी को छोटे व्यापारी से किसी तरह का सामान खरीदने पर उसका जीएसटी भी देना होगा। ऐसे में बड़ा व्यापारी छोटे व्यापारी से सामान नहीं खरीदेगा और छोटे व्यापारी और दुकानदार खुद ही खत्म हो जाएंगे। भाजपा के जीएसटी से रोटी, कपड़ा और मकान को गहरी चोट लगी। इसके लागू होने के बाद आम जनता के दैनिक उपयोग के सामान की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि कर देगा। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार का जीएसटी सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक था, जबकि भाजपा का जीएसटी उलझन भरा है। इसमें टैक्सदाता साल में 37 बार रिटर्न भरने को मजबूर होगा। यदि कोई टैक्सदाता 36 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापार करता है तो उसे एक साल में 1332 रिटर्न भरना होगा। उन्होंने कहा कि यदि वो रिटर्न ही भरता रहेगा, तो फिर व्यापार कब करेगा। इससे पहले व्यापारी सम्मेलन के संयोजक कांग्रेसर नेता वीरेंद्र शाह, सेवादल के पूर्व अध्यक्ष सुरेश गुप्ता तथा पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष संजय छौक्कर के अलावा पूर्व मंत्री बच्चन सिंह आर्य, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, पवन दीवान, राधेश्याम शर्मा, फूल सिंह वाल्मीकि हरियाणा महिला कांग्रेस की अध्यक्षा सुमित्रा चौहान, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुरेश यूनुसपुरय, हरियाणा किसान-खेत मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह फोगाट, हरियाणा कृषक समाज के अध्यक्षए ईश्वर नैन, युवा नेता संजय कादियान ने सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर मेयर सुरेश वर्मा, सीनियर डिप्टी मेयर के पति सुभाष बठला, नगर पार्षद बलजीत सिंह, रामचंद्र कादियान, बृजभूषण धींगड़ा, प्रवेश नैन, सुनील वर्मा, बाबू हरविलास गोयल, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदेव मलिक, राम सिंह खुराना, यशवीर जागलान मौजूद रहे।
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‘इलाज कराना तक महंगा हुआ’
सुरजेवाला ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद इलाज कराना तक महंगा हो जाएगा। डायलिसिस, ब्लड टेस्ट, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर 12 से 18 प्रतिशत का टैक्स लगाया गया है। महिलाओं के लिए सैनेटरी नैपकिन और एक हजार रुपये से अधिक के कपड़े, जूते, चाय, कॉफी, मक्खन, बिस्कुट, दही, मिठाई और जूस पर भी 12 से 28 प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा। दिव्यांगों के लिए बेहद जरूरी व्हील चेयर पर भी पांच प्रतिशत टैक्स लगा दिया गया है। सुरजेवाला ने कहा कि कपड़ा उद्योग देश में कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार पैदा करने वाला क्षेत्र है। जीएसटी की मनमानी संरचना से इस सेक्टर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। छोटे, लघु और मध्यम निर्माताओं, कारोबारियों, कपड़ा व्यापारियों, दुकानदारों की रोजी-रोटी बंद हो जाएगी।
‘कपड़ा उद्योग की हालत और बिगड़ेगी’
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने चीन, बंग्लादेश, श्रीलंका और अन्य देशों से मंगाए जाने वाले आयातित फैब्रिक पर केवल पांच प्रतिशत का टैक्स लगाया है। इससे भारत में कपड़ा उद्योग की स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी।
‘खेती पर की दोहरी चोट’
सरकार ने जीएसटी के माध्यम से किसान और खेती-बाड़ी पर दोहरी मार करते हुए टैक्स लगा दिया है। ज्यादातर राज्यों में खाद पर जीरो प्रतिशत टैक्स लगता था। पहले भाजपा ने खाद पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाया। कांग्रेस के विरोध के बाद कल देर रात इस टैक्स को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया। इसी तरह देश के किसानों की दुर्दशा पर आंखें मूंदते हुए कीटनाशकों पर 28 प्रतिशत का जीएसटी लगा दिया गया। इसके अलावा अन्य उत्पाद खरीदने पर किसान को जीएसटी देना होगा। कृषि उत्पादों का भंडारण करने और मैकेनाइज्ड फूड ग्रेंस हैंडलिंग सिस्टम के लिए कोल्ड स्टोर और वेयर हाउसों के निर्माण पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लगाया गया है। इससे कृषि क्षेत्र पर टैक्स का भार बहुत अधिक बढ़ जाएगा।