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50 जूतों का आर्डर देकर हड़पे 25 हजार रुपये
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पानीपत। आरोपी द्वारा भेजा गया पीड़ित को व्हाट्सएप्प पर मैसेज।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। एसपीडी इंटरनेशनल इंफ्रोटेक कंपनी के मालिक से 50 सेफ्टी जूतों का ऑर्डर लेकर बदले में एक ठग ने 25 हजार रुपये ऐंठ लिए। मालिक के पास मेल नहीं आई तो शक होने पर खाते की जानकारी निकाली, जिसके बाद ठगी का पता चला। आरोपी के खिलाफ पुराना औद्योगिक थाना पुलिस को शिकायत दी है।
देव नगर निवासी धर्मेंद्र झा ने बताया कि उनकी एसपीडी इंटरनेशनल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी में है। वह रिफाइनरी, एनएफएल, थर्मल जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों में ठेका लेते हैं। हरियाणा के साथ पंजाब, दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, बिहार, बंगाल और असम में भी उनकी कंपनियां हैं। असम में काम करने वाले मजदूरों के लिए उन्हें सेफ्टी जूतों की जरूरत थी।
उन्होंने बताया कि वह कंपनी में उत्पाद खरीदने के लिए टोलेक्सो ऑनलाइन प्राइवेट लिमिटेड से पिछले कई साल से लेनदेन करते आ रहे थे। वहीं टोलेक्सो कंपनी का कर्मचारी बताते हुए दिलीप शर्मा नामक युवक पिछले एक साल से उन्हें व्हाट्सएप पर फालो कर रहा है। वह कंपनी की तरफ से समय-समय पर आने वाले फायदे और स्कीम को बताता रहता था और प्रोडक्ट की सूची भेजता रहता था।
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चार अगस्त को दिलीप ने एक व्हाट्सएप सुरक्षा जूते की रेट लिस्ट भेजी। उसने यकीन करते हुए दिलीप को पहले 50 सुरक्षा जूतों को ऑर्डर दिया। दिलीप ने बिल बनाकर कुल 32500 रुपये का एस्टीमेट और कंपनी का खाता बताते हुए खाता नंबर उसे व्हाट्सएप कर दिया। उसने भेजे गए अकाउंट में 25 हजार रुपये डलवा दिए, लेकिन उसके बावजूद भी उसकी मेल पर ऑर्डर की पुष्टि नहीं आई। धोखाधड़ी पर उन्होंने टोलेक्सो कंपनी को भी नोटिस भेजा है।
36 घंटे बीत जाने के बाद शक हुआ, खाते में 10 रुपये डलवाने पर हुआ खुलासा
कंपनी मालिक ने बताया कि 36 बीत जाने बाद भी उनके पास कोई मेल नहीं आई। उन्होंने दिलीप से संपर्क किया, लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं। इसके बाद उसने अपने दूसरे कोटक महेंद्रा बैंक के खाते से आरोपी द्वारा कंपनी का खाता नंबर बताकर भेजे गए अकाउंट में 10 रुपये डाले तो वह दिलीप का मिला। इसके बाद उनका शक यकीन में बदल गया।
कंपनी मालिक की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जांच में जो भी दोषी होगा उसे गिरफ्तार किया जाएगा। -इंस्पेक्टर कमलजीत सिंह, पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी
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देव नगर निवासी धर्मेंद्र झा ने बताया कि उनकी एसपीडी इंटरनेशनल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी में है। वह रिफाइनरी, एनएफएल, थर्मल जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों में ठेका लेते हैं। हरियाणा के साथ पंजाब, दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, बिहार, बंगाल और असम में भी उनकी कंपनियां हैं। असम में काम करने वाले मजदूरों के लिए उन्हें सेफ्टी जूतों की जरूरत थी।
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उन्होंने बताया कि वह कंपनी में उत्पाद खरीदने के लिए टोलेक्सो ऑनलाइन प्राइवेट लिमिटेड से पिछले कई साल से लेनदेन करते आ रहे थे। वहीं टोलेक्सो कंपनी का कर्मचारी बताते हुए दिलीप शर्मा नामक युवक पिछले एक साल से उन्हें व्हाट्सएप पर फालो कर रहा है। वह कंपनी की तरफ से समय-समय पर आने वाले फायदे और स्कीम को बताता रहता था और प्रोडक्ट की सूची भेजता रहता था।
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चार अगस्त को दिलीप ने एक व्हाट्सएप सुरक्षा जूते की रेट लिस्ट भेजी। उसने यकीन करते हुए दिलीप को पहले 50 सुरक्षा जूतों को ऑर्डर दिया। दिलीप ने बिल बनाकर कुल 32500 रुपये का एस्टीमेट और कंपनी का खाता बताते हुए खाता नंबर उसे व्हाट्सएप कर दिया। उसने भेजे गए अकाउंट में 25 हजार रुपये डलवा दिए, लेकिन उसके बावजूद भी उसकी मेल पर ऑर्डर की पुष्टि नहीं आई। धोखाधड़ी पर उन्होंने टोलेक्सो कंपनी को भी नोटिस भेजा है।
36 घंटे बीत जाने के बाद शक हुआ, खाते में 10 रुपये डलवाने पर हुआ खुलासा
कंपनी मालिक ने बताया कि 36 बीत जाने बाद भी उनके पास कोई मेल नहीं आई। उन्होंने दिलीप से संपर्क किया, लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं। इसके बाद उसने अपने दूसरे कोटक महेंद्रा बैंक के खाते से आरोपी द्वारा कंपनी का खाता नंबर बताकर भेजे गए अकाउंट में 10 रुपये डाले तो वह दिलीप का मिला। इसके बाद उनका शक यकीन में बदल गया।
कंपनी मालिक की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जांच में जो भी दोषी होगा उसे गिरफ्तार किया जाएगा। -इंस्पेक्टर कमलजीत सिंह, पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी