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उमस से हाल-बेहाल, मानसून ने दिखाया लंबा इंतजार
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:53 AM IST
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उमस से हाल-बेहाल, मानसून ने दिखाया लंबा इंतजार
- बारिश न होने से किसानों का धान रोपाई का कार्य हो रहा प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मानसून के आगाज के बावजूद पिछले लगभग दो सप्ताह से बारिश न होने और उमस बढने से लोगों का हाल बेहाल होता जा रहा है। बारिश का इंतजार लंबा होने से विशेषकर किसानों का धान रोपाई का कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। हालांकि कुछ किसान ट्यूबवैलों के बलबूते धान रोपाई का कार्य शुरू कर दिया है लेकिन पर्याप्त बिजली न मिलने से धान रोपाई का काम कछुआ चाल से चल रहा है। किसान आसमान की ओर नजर गढाए बैठे हैं कि आखिर मानसून कब दस्तक देगा और कब आसमान से मेघा बरसेंगे? लेकिन किसानों की आस के साथ-साथ मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है। किसानों रतन ङ्क्षसह, धर्मङ्क्षसह, रामफल, जगबीर आदि ने बताया कि बारिश न होने से उनका धान रोपाई को लेकर खर्च भी बढ़ता जा रहा है। धान के खेत सूख रहे हैं और उनमें दरारें पढ़ चुकी हैं। बिजली एक तो कम आ रही है, दूसरी बिजली की वोल्टेज इतनी कम है कि कम वोल्टेज में ट्यूबवैल भी नहीं चल पा रहे। उन्हें केवल बारिश का ही इंतजार है। वहीं आमजन भी बारिश न होने से उमस के कारण उनका हाल-बेहाल है।
बाक्स
उमस में बिगड़ा बिजली का शैड्यूल, गांवों व शहर में हालात खराब
उमस भरी गर्मी, मौसम के प्रभाव और बिजली की बढ़ी डिमांड के बीच बिजली का शैड्यूल बिगड़ा हुआ है। अधिकतर क्षेत्रों में बिजली के बार-बार कट लगते रहे जिससे लोगों के बिजली पर आधारित कार्य प्रभावित हुए। विशेषकर किसानों को धान रोपाई के कार्य में परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि बिजली विभाग लगातार एवं पर्याप्त बिजली आपूत के दावे कर रहा था लेकिन बार-बार लगने वाले कटों ने लोगों की दिनचर्या पर विपरीत असर डाला। इसी तरह से शहरी क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बाक्स
आने वाले दिनों में बरसात के बने रहेंगे आसार
मानसून ने अभी जिले में दस्तक नहीं दी है, बावजूद इसके पानीपत सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निम्र दबाव क्षेत्र विकसित होने की वजह से अगले एक सप्ताह तक जिले में बारिश होने के आसार बने रहेंगे। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार जिले में औसतन 25 से 40 एम.एम. बरसात हो सकती है। जिसके बाद तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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अगले 10 दिनों तक मौसम की संभावित स्थिति?
तिथि मौसम तापमान
12 जुलाई अधिक बारिश 33-27
13 जुलाई अत्यधिक बारिश 31-27
14 जुलाई अधिक बारिश 33-27
15 जुलाई बारिश 36-26
16 जुलाई बारिश/बूंदाबांदी 36-29
17 जुलाई तेज बारिश 33-26
18 जुलाई तेज बारिश 33-26
19 जुलाई बारिश 34-25
20 जुलाई अधिक बारिश 33-26
वर्जन-
बारिश न होने से वातावरण में उमस बढ़ी है। आज रात या कल को बारिश होने की संभावना है। अगले 8-10 तक बारिश होने के प्रबल आसार बने हुए हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सैल्सियस रहा। वहीं पर हवा में नमी की मात्रा 75 प्रतिशत रही। दिन भर हवा की गति 13 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
श्याम ङ्क्षसह, मौसम विशेषज्ञ।
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- बारिश न होने से किसानों का धान रोपाई का कार्य हो रहा प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मानसून के आगाज के बावजूद पिछले लगभग दो सप्ताह से बारिश न होने और उमस बढने से लोगों का हाल बेहाल होता जा रहा है। बारिश का इंतजार लंबा होने से विशेषकर किसानों का धान रोपाई का कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। हालांकि कुछ किसान ट्यूबवैलों के बलबूते धान रोपाई का कार्य शुरू कर दिया है लेकिन पर्याप्त बिजली न मिलने से धान रोपाई का काम कछुआ चाल से चल रहा है। किसान आसमान की ओर नजर गढाए बैठे हैं कि आखिर मानसून कब दस्तक देगा और कब आसमान से मेघा बरसेंगे? लेकिन किसानों की आस के साथ-साथ मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है। किसानों रतन ङ्क्षसह, धर्मङ्क्षसह, रामफल, जगबीर आदि ने बताया कि बारिश न होने से उनका धान रोपाई को लेकर खर्च भी बढ़ता जा रहा है। धान के खेत सूख रहे हैं और उनमें दरारें पढ़ चुकी हैं। बिजली एक तो कम आ रही है, दूसरी बिजली की वोल्टेज इतनी कम है कि कम वोल्टेज में ट्यूबवैल भी नहीं चल पा रहे। उन्हें केवल बारिश का ही इंतजार है। वहीं आमजन भी बारिश न होने से उमस के कारण उनका हाल-बेहाल है।
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उमस में बिगड़ा बिजली का शैड्यूल, गांवों व शहर में हालात खराब
उमस भरी गर्मी, मौसम के प्रभाव और बिजली की बढ़ी डिमांड के बीच बिजली का शैड्यूल बिगड़ा हुआ है। अधिकतर क्षेत्रों में बिजली के बार-बार कट लगते रहे जिससे लोगों के बिजली पर आधारित कार्य प्रभावित हुए। विशेषकर किसानों को धान रोपाई के कार्य में परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि बिजली विभाग लगातार एवं पर्याप्त बिजली आपूत के दावे कर रहा था लेकिन बार-बार लगने वाले कटों ने लोगों की दिनचर्या पर विपरीत असर डाला। इसी तरह से शहरी क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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आने वाले दिनों में बरसात के बने रहेंगे आसार
मानसून ने अभी जिले में दस्तक नहीं दी है, बावजूद इसके पानीपत सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निम्र दबाव क्षेत्र विकसित होने की वजह से अगले एक सप्ताह तक जिले में बारिश होने के आसार बने रहेंगे। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार जिले में औसतन 25 से 40 एम.एम. बरसात हो सकती है। जिसके बाद तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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अगले 10 दिनों तक मौसम की संभावित स्थिति?
तिथि मौसम तापमान
12 जुलाई अधिक बारिश 33-27
13 जुलाई अत्यधिक बारिश 31-27
14 जुलाई अधिक बारिश 33-27
15 जुलाई बारिश 36-26
16 जुलाई बारिश/बूंदाबांदी 36-29
17 जुलाई तेज बारिश 33-26
18 जुलाई तेज बारिश 33-26
19 जुलाई बारिश 34-25
20 जुलाई अधिक बारिश 33-26
वर्जन-
बारिश न होने से वातावरण में उमस बढ़ी है। आज रात या कल को बारिश होने की संभावना है। अगले 8-10 तक बारिश होने के प्रबल आसार बने हुए हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सैल्सियस रहा। वहीं पर हवा में नमी की मात्रा 75 प्रतिशत रही। दिन भर हवा की गति 13 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
श्याम ङ्क्षसह, मौसम विशेषज्ञ।