{"_id":"5946c4234f1c1b89778b4757","slug":"201497809955-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा नीतियां किसान विरोधी और इनेलो बनी भाजपा की सहयोगी पार्टी - हुड्डा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा नीतियां किसान विरोधी और इनेलो बनी भाजपा की सहयोगी पार्टी - हुड्डा
Updated Sun, 18 Jun 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा नीतियां किसान विरोधी और इनेलो बनी भाजपा की सहयोगी पार्टी : हुड्डा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा व इनेलो दोनों पर हमला बोला और भाजपा की नीतियों को किसान व हर वर्ग की विरोधी बताया। हुड्डा ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट और जीएसटी को लेकर भाजपा व एसवाईएल के पानी को लेकर हर माह आंदोलन की बात कहने वाले इनेलो पर हमला बोला। उन्होंने इनेलो को विपक्षी नहीं मुख्य सहयोगी दल होने की बात कही। पूर्व मुख्यमंत्री ने ये बातें रविवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता धर्मपाल गुप्ता के असंध रोड स्थित आवास पर मीडिया से रूबरू होते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश समेत कई प्रदेशों का किसान संकट में है, लेकिन भाजपा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने के बाद भी लागू नहीं कर रही। प्रदेश के कृषि मंत्री व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला खुद अर्धनग्न प्रदर्शन करते थे, लेकिन वे आज चुप हैं। केंद्र सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के फैसले का शपथपत्र सुप्रीम कोर्ट में दिया है। इससे भाजपा का किसान विरोधी चेहरा सबके सामने आ गया है। भाजपा राज में धान सस्ता खरीदा गया, लेकिन चावल के दाम सस्ते नहीं हुए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लगी चार बड़ी कंपनियों ने 17 हजार रुपये का प्रीमियम लिया और 6808 करोड़ रुपये क्लेम के रूप में दिए। इन चारों कंपनियों को 11 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। इन दो सालों का मुनाफा 21 हजार करोड़ रुपये का हुआ। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू करने की रूपरेखा यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री होते वक्त इसका विरोध किया था, लेकिन वे आज खुद इसको लागू कर रहे हैं। जीएसटी ट्रेडर्स फ्रेंडली होनी चाहिए। सरकार के इस तरीके से प्रदेश व देश में इंस्पेक्टरी राज फिर से लागू होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर भी गरीब लोगों को लूटा जा रहा है। प्रदेश में बिजली फिर से समस्या बन गई है। सरकार अपने थर्मल प्लांट बंद कर रही है और प्राइवेट लोगों से बिजली खरीद रही है। उन्होंने कहा कि बीपीएल कार्ड धारकों को बिजली व पानी फ्री मिलना चाहिए। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला गेहूं की समर्थन मूल्य 21 सौ रुपये करने की मांग करते थे। उस हिसाब से आज प्रदेश के किसानों को 26 सौ रुपये प्रति क्विंटल भाव देना चाहिए, लेकिन आज दोनों चुप्पी साधे हुए हैं।
हुड्डा ने इनेलो के एसवाईएल प्रदेश में लाने के दावे को वोट बटोरने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इनेलो पिछले दिनों एसवाईएल खोदने गई थी, लेकिन सड़क खोद आई। अब पंजाब बॉर्डर सील करने की बात कह रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर द्वारा करनाल में सत्याग्रह करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था किसानों का असली हिमायती उनके साथ आ सकता है। इस मौके पर प्रो. बीरेंद्र सिंह, धर्मपाल गुप्ता, वीरेंद्र सिंह बुल्ले शाह, मेयर सुरेश वर्मा, पूर्व मंत्री ओपी जैन, खुशीराम जागलान, युवा प्रदेशाध्यक्ष सचिन कुंडू, जिला प्रधान एडवोकेट जितेंद्र कुंडू, बलबीर वाल्मीकि, कर्ण सिंह कादियान, सुरेंद्र कादियान, महाबीर डिडवाड़ी, बलजीत सिंह, संजय वर्मा, नैनपाल राणा, दीपचंद फुलिया, राजीव मलिक, शशि लूथरा, सुभाष मलिक, महेंद्र कादियान, निशांत सोनी व दीपक खटखड़ मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा व इनेलो दोनों पर हमला बोला और भाजपा की नीतियों को किसान व हर वर्ग की विरोधी बताया। हुड्डा ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट और जीएसटी को लेकर भाजपा व एसवाईएल के पानी को लेकर हर माह आंदोलन की बात कहने वाले इनेलो पर हमला बोला। उन्होंने इनेलो को विपक्षी नहीं मुख्य सहयोगी दल होने की बात कही। पूर्व मुख्यमंत्री ने ये बातें रविवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता धर्मपाल गुप्ता के असंध रोड स्थित आवास पर मीडिया से रूबरू होते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश समेत कई प्रदेशों का किसान संकट में है, लेकिन भाजपा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने के बाद भी लागू नहीं कर रही। प्रदेश के कृषि मंत्री व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला खुद अर्धनग्न प्रदर्शन करते थे, लेकिन वे आज चुप हैं। केंद्र सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के फैसले का शपथपत्र सुप्रीम कोर्ट में दिया है। इससे भाजपा का किसान विरोधी चेहरा सबके सामने आ गया है। भाजपा राज में धान सस्ता खरीदा गया, लेकिन चावल के दाम सस्ते नहीं हुए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लगी चार बड़ी कंपनियों ने 17 हजार रुपये का प्रीमियम लिया और 6808 करोड़ रुपये क्लेम के रूप में दिए। इन चारों कंपनियों को 11 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। इन दो सालों का मुनाफा 21 हजार करोड़ रुपये का हुआ। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू करने की रूपरेखा यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री होते वक्त इसका विरोध किया था, लेकिन वे आज खुद इसको लागू कर रहे हैं। जीएसटी ट्रेडर्स फ्रेंडली होनी चाहिए। सरकार के इस तरीके से प्रदेश व देश में इंस्पेक्टरी राज फिर से लागू होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर भी गरीब लोगों को लूटा जा रहा है। प्रदेश में बिजली फिर से समस्या बन गई है। सरकार अपने थर्मल प्लांट बंद कर रही है और प्राइवेट लोगों से बिजली खरीद रही है। उन्होंने कहा कि बीपीएल कार्ड धारकों को बिजली व पानी फ्री मिलना चाहिए। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला गेहूं की समर्थन मूल्य 21 सौ रुपये करने की मांग करते थे। उस हिसाब से आज प्रदेश के किसानों को 26 सौ रुपये प्रति क्विंटल भाव देना चाहिए, लेकिन आज दोनों चुप्पी साधे हुए हैं।
विज्ञापन
हुड्डा ने इनेलो के एसवाईएल प्रदेश में लाने के दावे को वोट बटोरने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इनेलो पिछले दिनों एसवाईएल खोदने गई थी, लेकिन सड़क खोद आई। अब पंजाब बॉर्डर सील करने की बात कह रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर द्वारा करनाल में सत्याग्रह करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था किसानों का असली हिमायती उनके साथ आ सकता है। इस मौके पर प्रो. बीरेंद्र सिंह, धर्मपाल गुप्ता, वीरेंद्र सिंह बुल्ले शाह, मेयर सुरेश वर्मा, पूर्व मंत्री ओपी जैन, खुशीराम जागलान, युवा प्रदेशाध्यक्ष सचिन कुंडू, जिला प्रधान एडवोकेट जितेंद्र कुंडू, बलबीर वाल्मीकि, कर्ण सिंह कादियान, सुरेंद्र कादियान, महाबीर डिडवाड़ी, बलजीत सिंह, संजय वर्मा, नैनपाल राणा, दीपचंद फुलिया, राजीव मलिक, शशि लूथरा, सुभाष मलिक, महेंद्र कादियान, निशांत सोनी व दीपक खटखड़ मौजूद रहे।
विज्ञापन