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200 में 194 अंक, जीता स्वर्ण, श्रुति बनीं श्रेष्ठ निशानेबाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 01:51 AM IST
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194 marks in 200, won gold, Shruti became the best shooter
पानीपत। श्रुति निशानेबाजी करती हुई। - फोटो : Panipat
पानीपत। जिला स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में 200 में से 194 अंक लेकर श्रुति जिले की बेस्ट महिला निशानेबाज बन चुकी हैं। गांव इसराना की रहने वाली श्रुति ने केवल दो साल अभ्यास करके अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाया है। उन्होंने जिला स्तरीय अंडर-19 निशानेबाजी प्रतियोगिता में कुल 20 राउंड निशाना लगाया।
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14 राउंड में 10-10 और छह राउंड में 9-9 अंक लिए। इस तरह उनका कुल स्कोर 194 रहा। श्रुति के पिता सुक्रम खुद एक अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी रह चुके हैं और दो साल पहले अपनी बेटी को निशानेबाजी करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में 300 स्कोर करने वाली श्रुति दो साल के अभ्यास के बाद अब 10 मीटर निशानेबाजी में 630 स्कोर कर लेती है।
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पिता ने अभ्यास के लिए पांच लाख रुपये से लगवाई शूटिंग रेंज
श्रुति के पिता सुक्रम बेटी के अभ्यास के कोई समझौता नहीं करना चाहते हैं। उसके अभ्यास के लिए उन्होंने अपने कॉम्प्लेक्स में 5 लाख रुपये की शूटिंग रेंज लगवाई है। श्रुति ने बताया कि घर पर शूटिंग रेंज लगवाने के बाद से निशानेबाजी पहले से बेहतर हुई है। शुरुआत में द्रोणाचार्य अकेडमी में जाकर निशानेबाजी सीखी और अब छह महीने से अपने कॉम्प्लेक्स में लगी शूटिंग रेंज में ही अभ्यास कर रहीं हैं।
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ओलंपियन दीपक कुमार ने सीखा रहे हैं निशानेबाजी
ओलंपियन दीपक कुमार पिछले छह महीने से श्रुति को निशानेबाजी सिखा रहे हैं। श्रुति के पिता ने बताया कि बेटी के लिए बेहतर कोच की तलाश की तो एक साल के दो से तीन लाख रुपये फीस की मांगी गई। इसके बाद ओलंपियन दीपक कुमार से मिले और बेटी को निशानेबाजी सिखाने की बात की। पिछले छह महीने से दीपक ही श्रुति को निशुल्क निशानेबाजी सिखा रहे हैं।
ओलंपिक में इस्तेमाल की गई राइफल को दीपक ने श्रुति को दी
ओलंपियन दीपक कुमार ने श्रुति के अच्छे अभ्यास को देखते हुए उसे अपनी राइफल भी दी। इस राइफल को उन्होंने ओलंपिक में इस्तेमाल किया था। श्रुति ने बताया कि वह बहुत ज्यादा खुश हैं कि कोच दीपक कुमार ने उन्हें अपनी राइफल दी। उनका भी सपना है कि ओलंपिक में जाकर वह देश का नाम रोशन करें।
रोजाना आठ घंटे पढ़ाई के साथ पांच घंटे करती हैं शूटिंग का अभ्यास
श्रुति रोजाना आठ घंटे पढ़ाई करने के साथ ही पांच घंटे शूटिंग का अभ्यास करती हैं। सुबह दो घंटे निशानेबाजी का अभ्यास करने के बाद वह शाम तक पढ़ाई करती हैं। शाम पांच बजे अपने भाई द्रोण और पिता के साथ निशानेबाजी करने के लिए कॉम्प्लेक्स चली जाती है।

खेलो हरियाणा में रजत समेत जीत चुकी हैं 15 पदक
श्रुति पिछले दो साल के अपने निशानेबाजी के करियर में खेलो हरियाणा में रजत पदक व अन्य खेलो में 15 मेडल जीत चुकी हैं। अब वह नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेंगी, जो 28 नवंबर को भोपाल में आयोजित होगी।
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