फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   एनजीटी ने रिफाइनरी को दिया 17.31 करोड़ मुआवजा भरने का निर्देश

एनजीटी ने रिफाइनरी को दिया 17.31 करोड़ मुआवजा भरने का निर्देश

Tue, 14 May 2019 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2019 12:03 AM IST
विज्ञापन
एनजीटी ने रिफाइनरी को दिया 17.31 करोड़ मुआवजा भरने का निर्देश
पानीपत/थर्मल। एनजीटी ने पानीपत रिफाइनरी द्वारा फैलाए जा रहे वायु व जल प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाते हुए उसे 17.31 करोड़ रुपये का मुआवजा भरने के निर्देश दिये हैं। ये राशि रिफाइनरी को एक माह में सीपीसीबी में जमा करानी होगी। रिफाइनरी पर सुताना, ददलाना व बोहली गांव की ग्रीन बेल्ट को खराब करने, नालों में प्रदूषित पानी छोड़कर भू-जल खराब करने व वायु में प्रदूषण फैलाने का आरोप है। एनजीटी ने ये फैसला डीसी सुमेधा कटारिया, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सौंपी रिपोर्ट पर लिया है। एनजीटी ने रिफाइनरी को जल्द से जल्द अपनी व्यवस्था सुधारने के भी निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

सुताना गांव के सरपंच सतपाल सिंह ने बताया कि रिफाइनरी के कारण सुताना, ददलाना व बोहली गांव के लोगों का जन-जीवन प्रभावित हो रहा है। रिफाइनरी के पास प्रदूषण को नियंत्रित करने व प्रदूषित पानी को बाहर आने से रोकने की सही व्यवस्था नहीं है। रिफाइनरी प्रदूषित पानी को ग्रामीण क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट में छोड़ती है, जिससे सैकड़ों पेड़-पौधे सूख गये। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2018 में बोहली व ददलाना गांव के सरपंचों के साथ मिलकर अपने गांवों की समस्या उठाते हुए प्रशासन को रिफाइनरी के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने कई बार रिफाइनरी की शिकायत की, लेकिन स्थानीय प्रशासन के स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों का भू-जल लगातार खराब हो रहा था। गांवों में चर्म और सांस से संबंधित रोग फैल रहा था। ऐसे में उन्होंने इसकी शिकायत एनजीटी में की थी। एनजीटी ने मामले में सख्ती दिखाते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व डीसी सुमेधा कटारिया की एक टीम का गठन किया था। डीसी सुमेधा के नेतृत्व में टीम रिफाइनरी के पास बोहली, ददलाना व सुताना गांव में पहुंची। टीम ने वहां पाया कि ग्रीन बेल्ट में रिफाइनरी का प्रदूषित पानी बह रहा था। रिफाइनरी द्वारा नालों में भी पानी छोड़ा गया था। रिफाइनरी के पास ईटीपी प्लांट की सही व्यवस्था नहीं थी, जिससे पानी का ट्रीटमेंट किया जा सके। टीम ने इन गांवों से पेयजल के सैंपल भी लिए और जांच के लिए लैब में भेजे। सैंपल की रिपोर्ट आने पर पीनी पीने योग्य नहीं पाया गया, जिसके बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी को भेज दी थी।
विज्ञापन

एनजीटी ने इस संबंध में रिफाइनरी प्रशासन से रिपोर्ट तलब कर तुरंत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। कमेटी द्वारा दाखिल की गई अंतरिम रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए एनजीटी के चेयरपर्सन आदर्श कुमार, ज्यूडिशियल मेंबर एसपी वांगड़ी, जस्टिस के रामाकृष्णन, ज्यूडिशियल मेंबर व एक्सपर्ट मेंबर नागेन नंदा ने मामले में फैसला सुनाते हुए रिफाइनरी को 17.31 करोड़ रुपये का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनजीटी ने दिए थे नुकसान का आंकलन करने के निर्देश : एनजीटी ने संयुक्त कमेटी की रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने इस रिपोर्ट के आधार पर होने वाले नुकसान के आंकलन के निर्देश जारी किए थे। एनजीटी के आदेशों का पालन करते हुए कमेटी ने नुकसान का जायजा लिया और इसकी अंतरिम रिपोर्ट 9 मई को एनजीटी में दाखिल की। रिपोर्ट के अनुसार रिफाइनरी के प्लांट द्वारा थिराना ड्रेन में छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी के कारण 83.33 लाख का नुकसान, बिना ट्रीट हुआ पानी सैस पुल यानि पानी के संकलन के केंद्र में 4.87 लाख का नुकसान पाया गया। वातावरण को दोबारा सही करने के लिए 9.96 करोड़ की लागत आने का टीम ने आंकलन किया। प्रदूषित पानी को ड्रेन में छोड़ने से 7 करोड़ 34 लाख का नुकसान हुआ है। इस प्रकार ये कुल मुआवजा 17 करोड़ 31 लाख है।
मामले को लेकर रिफाइनरी के उच्चाधिकारियों की मीटिंग चल रही है। अधिकारियों की मीटिंग के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
- जीएएन कोरेरा, जीएमएचआर पानीपत रिफाइनरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed