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मौसम के बिगडे मिजाज ने उडाई किसानों की नींद, रुक रुक कर हुई बूंदाबांदी

Thu, 12 Apr 2018 12:24 AM IST
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:24 AM IST
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मौसम के बिगडे मिजाज ने उडाई किसानों की नींद, रुक रुक कर हुई बूंदाबांदी

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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। पानीपत में बुधवार को फिर मौसम का बिगड़ गया। बुधवार को दिन में कई बार रुक रुक कर बूंदाबांदी हुई। वहीं दिन भर तेज हवाएं चलीं। तेज हवा से खेतों में खड़ी गेहूं की पकी फसल भूमि पर गिर गई। जबकि बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका है। हालांकि मंडियों व खरीद सेंटरों पर गेहूं की आवक नहीं के बराबर रही। मंडियों व खरीद सेंटरों पर मौसम के मिजाज को पहले ही भांप लिया गया था और अधिकतर गेहूं का खुले आसान के नीचे उसे उठान करवा दिया गया था। सोमवार की सुबह भी पानीपत में तेज बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ था और खेतों में भूमि से गेहूं की कटाई व थ्रेसिंग का कार्य बंद कर दिया गया था। मंगलवार को मौसम का मिजाज कुछ ठीक रहा। लेकिन बुधवार की सुबह मौसम ने फिर अपना काला रंग दिखा।
गौरतलब है कि पानीपत जिला में करीब 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल खड़ी है। वहीं गेहूं की अगेती फसल की खेतों से कटाई व थ्रेसिंग का कार्य जोरशोर से चल रहा था। जबकि गेहूं की पछेती फसल में 15 अप्रैल के बाद ही खेत से कटाई शुरू होगी। अभी तक पानीपत में करीब पांच हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की कटाई व थ्रेसिंग का कार्य हो चुका है। लेकिन मौसम के बिगडे़ मिजाज ने गेहूं की खेतों से कटाई व थ्रेसिंग के कार्य को बंद करवा दिया। किसानों को मौसम के खुलने का इंतजार है।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ राजबीर गर्ग ने बताया कि अप्रैल माह में अक्सर मौसम करवट लेता है और बूंदाबांदी, आंधी, तेज हवा बहती है। इससे किसानों को घबराना नहीं चाहिए बल्कि मौसम के खुलने का संयम के साथ इंतजार करना चाहिए। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि जिन गेहूं उगे खेतों में बरसात का पानी खड़ा है उसे पंप की सहायता से निकलवा दें। गेहूं की खेत से कटी पुली यदि बारिश के पानी में पड़ी है तो उन्हें तत्काल पानी से बाहर निकाल कर ऊंची स्थान पर रखे और पुली को खोल दें, तेज हवा, गीली हो चुकी फसल को सूखा देगी। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि जब तक मौसम सामान्य न हो जाए तब तक खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई न करें और थ्रेसिंग भी मौसम खुलने तक बंद ही रखें। उन्होंने किसानों को यह भी सलाह दी कि मौसम के खुलने के कई दिन बाद ही खेतों से गेहूं की कटाई करें और जब मरोड़ने पर गेहूं के पौधे टूट जाए तब ही कटी हुई फसल की थ्रेसिंग करें।
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मौसम के बिगडे़ मिजाज ने उड़ाई किसानों की नींद
-पानीपत में बुधवार को सुबह से शाम तक रूक-रूक कर बुंदाबांदी हुई
-तेज हवा बने से गेहूं की पकी फसल भूमि पर गिरी, नुकसान की आशंका
फोटो संख्या 16
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