फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   हरियाणा में तीन किलोमीटर तक घुसा यमुना का पानी, 22 हजार एकड़ फसल जलमग्न, रहीमपुर गांव के लोगों को टापु से निकाला गया

हरियाणा में तीन किलोमीटर तक घुसा यमुना का पानी, 22 हजार एकड़ फसल जलमग्न, रहीमपुर गांव के लोगों को टापु से निकाला गया

Sun, 29 Jul 2018 11:54 PM IST
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:54 PM IST
विज्ञापन
हरियाणा में तीन किलोमीटर तक घुसा यमुना का पानी, 22 हजार एकड़ फसल जलमग्न, रहीमपुर गांव के लोगों को टापु से निकाला गया
फोटो 40 से 46
विज्ञापन


बाढ़ में फंसे हैं रहीमपुर के ग्रामीण, बोट से निकाले जा रहे बाहर
यमुना में बाढ़ से 22 हजार एकड़ फसल जलमग्न, दोनों राज्यों का प्रशासन यमुना पर तैनात, बोट से लिया जा रहा है जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
सनौली। ताजे वाला हेड से यमुना में शनिवार रात को भी दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। फिलहाल यमुना में साढ़े 6 लाख क्यूसेक पानी बह रहा है। यमुना खतरे के निशान को पार कर 231.20 क्यूसेक मीटर पानी पर बह रहा है। वहीं, प्रशासन ने यमुना के टापू पर बसे रहीमपुर खेड़ी गांव के अधिकतर ग्रामीणों को सुरक्षित खतरे से निकाल लिया है। अभी भी गांव के कुछ लोग पशुओं की देखभाल के लिए गांव में रुके हुए हैं। फिलहाल सुरक्षित निकाले गए ग्रामीणों को मिर्जापुर गांव में छोड़ दिया गया है। यमुना से सटे 30 गांवों के लोगों को नदी की ओर न जाने की चेतावनी दी गई है। बाढ़ के चलते 22 हजार एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। डीसी सुमेधा कटारिया ने हालात के बारे में सेना को भी अवगत कराया है।
शनिवार को यमुना के साथ लगते गांवों का एसडीएम समालखा गौरव कुमार ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी, एसडीओ कर्मबीर, तहसीलदार परमिंद्र सिंह ने यमुना में बाढ़ का दौरा कर जायजा लिया। एसडीएम समालखा ने सनौली यमुना पुल, तामसाबाद, राणा माजरा, पत्थरगढ, नवादा-आर, नवादा-पार, रिशपूर, नन्हेड़ा, मिर्जापुर, गोयला खुर्द, गोयलाकलां, मिर्जापुर और रहीमपुर खेड़ी का दौरा किया।
विज्ञापन


60 साल से गांव में रह रहे हैं : गोस्वामी
गांव रहीमपुर खेड़ी के बुजुर्ग लखखी राम गोस्वामी और प्रेम सिंह ने बताया कि वे इस गांव में लगभग 60 साल से रह रहे हैं। इस समय गांव में लगभग 1105 परिवार रहते हैं जो खेती व पशुपालन का काम करते हैं। गांव की कृषि भूमि अत्यधिक उपजाऊ है। इसमें आम फसलों के अलावा सभी प्रकार की सब्जी उगाई जा सकती है, लेकिन उनके गांव को सकार की ओर से डार्कजॉन घोषित किया गया है। इस कारण उन्हें ट्यूबवेल के लिए बिजली के कनेक्शन नहीं मिलते, जबकि इस समय उनके गांव का भूजल स्तर 10 फुट है और गर्मी के मौसम में भी यह भूजल स्तर 15 फूट से नीचे नहीं जाता। उन्होंने कहा कि लगभग दो वर्ष पहले उनके गांव में यमुना नदी में बड़े-बड़े पोल लगाकर गांव में बिजली भेज दी गई है। गांव में एक सामूहिक चौपाल भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्चों को उत्तर प्रदेश में पढ़ने भेजते है : सुनीता
सुनीता निवासी रहीमपुर खेड़ी ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि रहीमपुर खेड़ी में भी रिंग बांध बनवाया जाए और उनके गांव से गांव मिर्जापुर तक आने जाने की व्यवस्था करवाई जाए। इस गांव से उत्तरप्रदेश के गांव तीत्तरवाड़ा की सड़क से जोड़ा जाए। इन ग्रामीणों ने एसडीएम समालखा को बताया कि उन्हें अपने बच्चे पढ़ाई के लिए उत्तर प्रदेश के गांव के स्कूलों में भेजने पड़ते हैं। इसलिए उनके गांव में एक पांचवीं तक का सरकारी स्कूल और पशु अस्पताल व मानव अस्पताल बनाकर सप्ताह में कम से कम दो-दो दिन चिकित्सक बैठने की व्यवस्था की जाए।

रात को बन सकता है बाढ़ का खतरा : ताजे वाला हेड से लगातार पहाड़ों में बारिश होने के कारण यमुना में पानी छोड़ा जा रहा है। रात को यमुना में जल स्तर बढ़ने की आशंका है। ऐसे में यूपी व हरियाणा का प्रशासन यमुना पर तैनात है। सिंचाई विभाग बांधों को दुरुस्त करने में जुटा है। टीमें लगातार यमुना का जायजा ले रही हैं।

सिंचाई विभाग तटबंधों को मिट्टी से रोकने में जुटा
सिंचाई विभाग की टीम यमुना में तटबंधों को मिट्टी से रोकने में जुटा हुआ है। पिछले दो वर्षों से यमुना नदी किनारे पत्थरों की कोई नई ठोकरें नहीं लगाई गई हैं। सिंचाई विभाग यमुना किनारे पर तटबंध पर पड़े कटाव को पांच जेसीबी, पोपलेन मशीनों से मिट्टी डाल कर बंद कर रह रहा है। मजदूरों से मिट्टी के कट्टों को भरवा कर रखवाया जा रहा है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी, एसडीओ कर्मबीर का कहना है कि यमुना में जलस्तर बढ़त पर है। दिन रात यमुना नदी के जल स्तर को ध्यान में रखते हुए यमुना तटबंधों पर कर्मचारी बाढ़ राहत के लिए लगे हुए हैं।


इन गांवों में बाढ़ का खतरा
यमुना से लगते गांव राणा माजरा, पत्थरगढ़, नवादा-आर, नवादा-पार, तामसाबाद, सनौली खुर्द, रिशपूर, नन्हेड़ा, जलमाणा, अधमी, मिर्जापुर, गोयला कलां, गोयला खुर्द, खोजकीपुर, हथवाला आदि गांवों में यमुना से बाढ़ का खतरा रहता है। वर्ष 2013 में यमुना नदी में अब तक का सबसे अधिक हाई बाढ़ आई थी। करीब 8 लाख क्यूसेक पानी नदी में आया था। इसमें जिले में पांच अलग-अलग जगहों पर यमुना के बाढ़ के पानी में तटबंध टूट जाने से दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था, हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed