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यमुना में गेंहू कटाई को लेकर हरियाणा और यूपी के किसान आमने-सामने

Thu, 12 Apr 2018 12:20 AM IST
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:20 AM IST
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यमुना में गेंहू कटाई को लेकर हरियाणा और यूपी के किसान आमने-सामने

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अमर उजाला ब्यूरो
सनौली।
यमुना नदी के अंदर पड़ने वाले खेतों पर गेहूं कटाई को लेकर हरियाणा और यूपी के किसानों का विवाद थामने का नाम नहीं ले रहा है। कई दिन पहले भी दोनों किसानों के बीच फसल काटने को लेकर झगड़ा हो गया था। जिसके बाद किसान एसडीएम से मिलने पहुंचे थे और फसल काटने के लिए गुहार लगाई थी। एक बार फिर बुधवार को यमुना नदी के अंदर खेतों पर गेहूं कटाई करने को लेकर हरियाणा और यूपी के किसान आमने-सामने हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर दोनों प्रदेशों की पुलिस और विभागीय अधिकारी पहुंच गए। विवाद बढ़ता देख अधिकारियों ने बीच-बचाव किया।
सुबह के समय पकी खड़ी गेहूं की फसल की कटाई करने के लिए यूपी के गांव रामड़ा पार के 25-30 किसान पहुंचे थे। गेहूं कटाई की सूचना मिलते ही हरियाणा के गांव तामसाबाद के किसान भी खेतों पर पहुंच गए। जब हरियाणा के किसानों ने यूपी के किसानों को गेहूं की कटाई करने से रोकने लगे, तो उनके मध्य झगड़ा हो गया। जिसके बाद दोनों प्रदेशों के किसानों ने अपने-अपने स्थानीय प्रशासन को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मौके पर सनौली खंड पटवारी रामेश्वर, सनौली थाना प्रभारी सुमित कुमार व कैराना चौकी इंचार्ज विकास कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। गेहूं कटाई को लेकर आपस में उलझ रहे, दोनों तरफ के किसानों की गेहूं कटाई बंद करवा दी। पुलिस प्रशासन ने बीच-बचाव कर गेहूं की कटाई रुकवा कराकर स्थिति पर काबू किया। प्रशासन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक दोनों प्रदेशों के किसानों को समझाता नजर आया। उसके बाद किसानों की जमीन का रिकॉर्ड मंगवाया। गांव तामसाबाद के किसानों ने इस भूमि संबंधी अपने कागजात दिखाएं और अपना मालिकाना हक जताया। वहीं यूपी के किसानों ने मौके पर माना कि यह भूमि विवादित है हमने इस पर गेहूं बोया है। गांव तामसाबाद के किसानों ने कहा कि जिस भूमि पर गेहूं की फसल खड़ी है, यह उनकी भूमि है। चार घंटे तक यमुना के अंदर खड़ी गेहूं की फसल का कोई निपटारा न होने पर दोनों प्रदेशों की पुलिस और विभागीय प्रशासनिक अधिकारियों ने इस भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल की कटाई नहीं करने के आदेश दिए। जल्द ही दोनों प्रदेशों के प्रशासन इस भूमि संबंधी अपने-अपने रिकार्ड लेकर पहुंचे और एक बैठक कर स्थाई हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।
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42 वर्षो से चला आ रहा यमुना भूमि सीमा विवाद
यमुना नदी के अंदर पड़ने वाले खेतों पर लगभग पिछले 42 वर्ष से हरियाणा और यूपी के किसानों में चला आ रहा है । साल में कई बार दोनों किसानों के बीच आपसी विवाद गहराता है। एक तो गेहूं की फसल की बिजाई करने पर और दूसरा गेहूं की फसल की कटाई करने पर अक्सर विवाद होता हैं। यमुना के अंदर हरियाणा राज्य के पानीपत जिले के करीब 12 गांवों और यूपी के 13 गांवों के किसानों की जमीन है। करीब 5 हजार एकड़ भूमि पर विवाद होता है। दोनों प्रदेशो के तहसीलदार, एसडीएम, और डीसी स्तर के अधिकारियों में अनेकों बैठक करते रहते है, मगर अब तक इसका कोई स्थाई हल नहीं हो सका हैं। यमुना नदी के बहाव बदलने की वजह से हर साल भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद होता रहता है। इस पर एसडीएम गौरव कुमार ने बताया कि दोनों ओर से प्रशासनिक बैठक कर और किसानों के भूमि संबंधी कागजातों का मिलान किया जाएगा।
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यमुना में गेहूं कटाई को लेकर हरियाणा और यूपी के किसान आमने-सामने
- दोनों प्रदेेशों की पुलिस ने किया किसानों का बीच-बचाव, फसल कटाई की रोक के दिए आदेश
- मौके पर पहुंचे तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी व थाना प्रभारी
फोटो नं. 27-28
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