{"_id":"61d0b166044fd1148543ffa2","slug":"youth-will-get-employment-software-technology-park-of-india-s-building-plan-ready-tender-will-open-on-january-15-pkl-office-news-pkl437962756","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवाओं को मिलेगा रोजगार : सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया का बिल्डिंग प्लान तैयार, 15 जनवरी को खुलेगा टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवाओं को मिलेगा रोजगार : सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया का बिल्डिंग प्लान तैयार, 15 जनवरी को खुलेगा टेंडर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचकूला। आईटी सेक्टर से जुड़े युवाओं को जल्द ही पंचकूला में रोजगार मिलेगा, क्योंकि 15 साल से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) का इंतजार खत्म होने वाला है। इस प्रोजेक्ट का 15 जनवरी को टेंडर खुलेगा। इस दौरान चयनित कंपनी को प्रोजेक्ट का काम अलॉट कर दिया जाएगा। यह जानकारी एसटीपीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर नीतिन अग्रवाल ने दी। उन्होंने बताया कि एसटीपीआई ने एक प्रोजेक्ट कंसल्टेंसी कंपनी से साइट सर्वे करवाकर मिट्टी की जांच करवाई थी। सब कुछ ओके होने के बाद आर्किटेक्चर से बिल्डिंग प्लान भी तैयार करवा लिया है। इस प्रोजेक्ट पर डेढ़ माह के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि इस प्रोजेक्ट के लिए हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रीज इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन ने दिसंबर 2019 को एसटीपीआई नोएडा को जमीन हैंडओवर कर दिया था। इस पर अनुमानित करीब 20 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
पंचकूला सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क का निर्माण
सेक्टर-22 आइटी पार्क में 14.91 करोड़ में एचएसआईआईडीसी से खरीदी 8049.71 वर्ग मीटर जमीन एक रुपये प्रतिवर्ष की दर से 99 वर्ष के लिए एसटीपीआई नोएडा को देने का प्रस्ताव हरियाणा मंत्रीमंडल ने स्वीकृत किया था। इसमें एसटीपीआई आईटी ऑफिस स्पेस, हाई स्पीड डाटा कनेक्टिविटी, डाटा सेंटर व सॉफ्टवेयर और सेवाओं के निर्यात के लिए आवश्यक अन्य सुविधाएं सृजित करेगा। इसमें एसटीपीआई कार्यालय परिसर, नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर, फिनिशिंग स्कूल, प्लग-एन-प्ले फेसिलिटी इनक्यूबेशन और रॉ इनक्यूबेशन स्पेस शामिल होगा। एसटीपीआई-इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप के लिए एक केंद्रीकृत सुविधा होगी और यह सुनिश्चित करेगा कि उभरते स्टार्टअप के लिए परामर्श से लेकर वित्तपोषण तक प्रासंगिक पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध हो। स्टार्टअप की आवश्यक सहायता सेवा के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच होगी।
पंचकूला को मिलेगा लाभ
एसटीपीआई देश से सॉफ्टवेयर निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्था है। आईटी निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आईटी इकाइयों को एक छत के नीचे इनक्यूबेशन और डेटा संचार सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। इसके खोले जाने से पंचकूला के युवाओं को फायदा होगा, क्योंकि चंडीगढ़ और मोहाली में आईटी सेक्टर हैं। 15 सालों में पंचकूला को आईटी हब बनाने को लेकर नजरअंदाज किया जा रहा था।
विज्ञापन
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-16 के महासचिव सुभाष पपनेजा ने देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को प्रोजेक्ट को जल्द शुरू कराने के लिए कई बार पत्र लिखा था। उन्होंने बताया था कि तत्कालीन केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 27 फरवरी 2016 को पंचकूला सेक्टर-5 के इंद्रधनुष आडिटोरियम में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) का एक सेंटर पंचकूला में खोलने की घोषणा की थी, लेकिन पांच साल बाद भी प्रोजेक्ट पर का शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद मामला सीएम के संज्ञान में आने के बाद प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया है। अब प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है।
विज्ञापन
पंचकूला सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क का निर्माण
सेक्टर-22 आइटी पार्क में 14.91 करोड़ में एचएसआईआईडीसी से खरीदी 8049.71 वर्ग मीटर जमीन एक रुपये प्रतिवर्ष की दर से 99 वर्ष के लिए एसटीपीआई नोएडा को देने का प्रस्ताव हरियाणा मंत्रीमंडल ने स्वीकृत किया था। इसमें एसटीपीआई आईटी ऑफिस स्पेस, हाई स्पीड डाटा कनेक्टिविटी, डाटा सेंटर व सॉफ्टवेयर और सेवाओं के निर्यात के लिए आवश्यक अन्य सुविधाएं सृजित करेगा। इसमें एसटीपीआई कार्यालय परिसर, नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर, फिनिशिंग स्कूल, प्लग-एन-प्ले फेसिलिटी इनक्यूबेशन और रॉ इनक्यूबेशन स्पेस शामिल होगा। एसटीपीआई-इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप के लिए एक केंद्रीकृत सुविधा होगी और यह सुनिश्चित करेगा कि उभरते स्टार्टअप के लिए परामर्श से लेकर वित्तपोषण तक प्रासंगिक पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध हो। स्टार्टअप की आवश्यक सहायता सेवा के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच होगी।
विज्ञापन
पंचकूला को मिलेगा लाभ
एसटीपीआई देश से सॉफ्टवेयर निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्था है। आईटी निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आईटी इकाइयों को एक छत के नीचे इनक्यूबेशन और डेटा संचार सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। इसके खोले जाने से पंचकूला के युवाओं को फायदा होगा, क्योंकि चंडीगढ़ और मोहाली में आईटी सेक्टर हैं। 15 सालों में पंचकूला को आईटी हब बनाने को लेकर नजरअंदाज किया जा रहा था।
विज्ञापन
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-16 के महासचिव सुभाष पपनेजा ने देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को प्रोजेक्ट को जल्द शुरू कराने के लिए कई बार पत्र लिखा था। उन्होंने बताया था कि तत्कालीन केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 27 फरवरी 2016 को पंचकूला सेक्टर-5 के इंद्रधनुष आडिटोरियम में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) का एक सेंटर पंचकूला में खोलने की घोषणा की थी, लेकिन पांच साल बाद भी प्रोजेक्ट पर का शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद मामला सीएम के संज्ञान में आने के बाद प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया है। अब प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है।