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Panchkula News: वुमन सेल ने 12 माह में 150 परिवारों को टूटने से बचाया

Sun, 26 Jan 2025 01:27 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jan 2025 01:27 AM IST
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Women Cell saved 150 families from breaking up in 12 months
पंचकूला। परिवार के बारे में सोचना होगा... तुम दोनों पति-पत्नी के झगड़ों में बच्चों का क्या कसूर है... पत्नी आपके जिंदगी में बराबर की हकदार है.... शादी किए हो तो पत्नी की बातों को सुनना पड़ेगा... पति के बातों को नजरअंदाज करना गलत है... ऐसे ही शब्द आपको महिला थाने में बने वुमन सेल में सुनने को मिलती है। पंचकूला वुमन सेल ने 12 माह में करीब 150 परिवारों को टूटने से बचाया है।
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असल में बदलते सामाजिक परिवेश में छोटी-छोटी बातों पर पति-पत्नी के झगड़े अब पुलिस थानों तक पहुंचने लगे हैं। इन मामलों में जिद एक दूसरे से अलग ही होती है। दंपती के झगड़ों को निपटाने के लिए महिला थाने में बने वुमन सेल बखूबी मामलों को सुलझा रहे हैं। जो रिश्ते टूटने के कगार पर थे, अब वही रिश्ते हंसी-खुशी परिवार के साथ जीवन जी रहे हैं। पंचकूला वुमन सेल में हर साल लगभग 250 से 300 मामले में शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं। इन मामलों में 50 फीसदी रिश्तों को थाने से ही काउंसलिंग करके निपटाया जाता है।
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तीन बार होती है काउंसिलिंग
वुमन सेल इंचार्ज इंस्पेक्टर राजेश कुमारी ने बताया कि महिला से जुड़े मामलों में सबसे पहले रिश्तों को जोड़ने के लिए प्रयास किया जाता है। वुमन सेल में काम करने वाली महिला पुलिस टीम बहुत ही प्यार से महिला की तरफ से आने वाली शिकायतों को सुनती है। महिला को समझाने का भी प्रयास करती हैं। मिलने वाली शिकायतों पर तीन बार काउंसिलिंग की जाती है। पहले केस में महिला की बातों को सुनकर पति से बात किया जाता है। दूसरी बार पति-पत्नी को वीडियो काल पर एक दूसरे के पक्ष को सुना जाता है। तीसरे बार में दोनों को आमने-सामने बैठा कर समझाया जाता है। इन तीनों प्रोसेस में ज्यादातर केस सुलझ ही जाते हैं। बहुत से केस ऐसे भी होते हैं जहां पर काउंसिलिंग के बाद भी बात नहीं बनती है, तो उस मामलों में केस दर्ज करके कार्रवाई की जाती है। वुमन सेल में आने वाली 10 शिकायतों में 4 से 5 केस काउंसिलिंग से निपट ही जाते हैं।
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इस तरह की आती हैं शिकायतें
- पति हर बात पर रोकता-टोकता है। इससे परेशान होकर उसके साथ जीवन जीने का मन नहीं करता है।
- मेरा पति खर्च नहीं देता है। जब भी रुपये मांगो मना ही कर देता है।
- मेरा पति मेरी नहीं सुनता है। कोई बात बताओ तो उसे अनदेखा करके सास और ससुर की बात सुनता है।
- बाहर नौकरी के लिए बोलती हूं तो मना कर देता है। जीवन साथी का मतलब नहीं पता है उसे।
- जब देखो तब मोबाइल फोन में ही बिजी रहता है पति। इसलिए जिंदगी बहुत बोरिंग हो गई है।
- मेरा पति किसी अन्य औरत से बात करता है, इसलिए उसके साथ अब नहीं रहना है।
- पति को पत्नी के बारे में सोचना का टाइम नहीं है। वह बस अपनी बहनों के की कहने पर चलता है।
- मेरा पति दिन-रात शराब के नशे में रहता है। इसके साथ पूरी जिंदगी खराब हो जाएगी।


इस तरह जुड़े रिश्ते

केस-1
पंचकूला से ही एक महिला की तरफ से एक शिकायत आई थी। इसमें कहा गया था कि पति बच्चे और पत्नी के बारे में नहीं सोचता है। ऐसे मामले में पहले पत्नी को समझाया गया कि पति से झगड़ा करने से पहले हर बात पर सहमति दे दो। पत्नी को समझाने के बाद फिर पति के नंबर पर कॉल करके उसके पक्ष को सुनने के बाद पति-पत्नी को आमने-सामने समझौता करवा दिया गया। फीडबैक लिया गया तो दोनों अब अच्छे जीवन जी रहें हैं।



केस-2
डीसीपी ऑफिस में बने वुमन सेल में पंचकूला निवासी वाली महिला की शिकायत आई थी। मामले में महिला थाने ने शिकायतकर्ता महिला को बुलाया था। पत्नी का आरोप था कि पति का कहीं और चक्कर चल रहा है। पति से बात करने पर यह पता चला कि पत्नी घर और बच्चों का ध्यान नहीं रखती है। इस मामले में दोनों का पक्ष सुनकर समझाया गया। तीन बार काउंसिलिंग के बाद बात नहीं बनी थीए फिर बच्चों के बारे में पति-पत्नी को बताकर मामले को सुलझाया गया था। समझौता होने पर दंपती अच्छे से जीवन जीने लगे हैं।
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