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Panchkula News: पानी के बैरिकेड करेंगे पंचकूला का ट्रैफिक कंट्रोल
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पंचकूला। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पंचकूला ट्रैफिक पुलिस ने लोहे और कंक्रीट के भारी बैरिकेड की जगह पानी से भरे प्लास्टिक बैरिकेड का इस्तेमाल शुरू किया है। नई व्यवस्था की शुरुआत माजरी चौक से की गई है। यहां पहले लगाए गए लोहे के बैरिकेड हटाकर प्लास्टिक बैरिकेड लगाए गए हैं। इनमें पानी भरकर वजन बढ़ाया गया है, ताकि तेज हवा या सामान्य वाहन आवागमन के दौरान ये आसानी से अपनी जगह से न खिसकें।
इन बैरिकेड का इस्तेमाल मुख्य रूप से वन-वे ट्रैफिक, रूट डायवर्जन, सड़क निर्माण और मरम्मत के दौरान ट्रैफिक को अलग-अलग लेन में बांटने के लिए किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इन्हें कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकेगा। खाली होने पर बैरिकेड हल्के रहते हैं। इन्हें शिफ्ट करते समय पानी निकालकर दूसरी जगह पहुंचाया जा सकता है और फिर दोबारा पानी भरकर स्थिर किया जा सकता है।
प्लास्टिक बैरिकेड लगाने का उद्देश्य सड़क हादसों में नुकसान को कम करना भी है। लोहे या कंक्रीट के बैरिकेड से वाहन टकराने पर नुकसान अधिक हो सकता है, जबकि प्लास्टिक बैरिकेड अपेक्षाकृत लचीले होते हैं। बैरिकेड पर रिफ्लेक्टिव पट्टी या सामग्री होने से रात, बारिश और कम दृश्यता के दौरान वाहन चालकों को इनके दिखाई देने में मदद मिलेगी।
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अचानक डायवर्जन में भी मिलेगी सुविधा
पुलिस के अनुसार पानी से भरे प्लास्टिक बैरिकेड को जरूरत के अनुसार आसानी से हटाकर दूसरी जगह लगाया जा सकता है। इससे वन-वे व्यवस्था, सड़क निर्माण या अचानक ट्रैफिक डायवर्जन के दौरान व्यवस्था संभालने में सुविधा होगी। बैरिकेड का इस्तेमाल सड़क सुरक्षा मानकों और परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा।
कोट
ट्रैफिक व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए माजरी चौक पर पानी से भरे प्लास्टिक बैरिकेड लगाए गए हैं। वन-वे व्यवस्था और रूट डायवर्जन के दौरान इन्हें जरूरत के अनुसार आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। — वीरेंद्र कुमार, एसएचओ ट्रैफिक
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इन बैरिकेड का इस्तेमाल मुख्य रूप से वन-वे ट्रैफिक, रूट डायवर्जन, सड़क निर्माण और मरम्मत के दौरान ट्रैफिक को अलग-अलग लेन में बांटने के लिए किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इन्हें कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकेगा। खाली होने पर बैरिकेड हल्के रहते हैं। इन्हें शिफ्ट करते समय पानी निकालकर दूसरी जगह पहुंचाया जा सकता है और फिर दोबारा पानी भरकर स्थिर किया जा सकता है।
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प्लास्टिक बैरिकेड लगाने का उद्देश्य सड़क हादसों में नुकसान को कम करना भी है। लोहे या कंक्रीट के बैरिकेड से वाहन टकराने पर नुकसान अधिक हो सकता है, जबकि प्लास्टिक बैरिकेड अपेक्षाकृत लचीले होते हैं। बैरिकेड पर रिफ्लेक्टिव पट्टी या सामग्री होने से रात, बारिश और कम दृश्यता के दौरान वाहन चालकों को इनके दिखाई देने में मदद मिलेगी।
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अचानक डायवर्जन में भी मिलेगी सुविधा
पुलिस के अनुसार पानी से भरे प्लास्टिक बैरिकेड को जरूरत के अनुसार आसानी से हटाकर दूसरी जगह लगाया जा सकता है। इससे वन-वे व्यवस्था, सड़क निर्माण या अचानक ट्रैफिक डायवर्जन के दौरान व्यवस्था संभालने में सुविधा होगी। बैरिकेड का इस्तेमाल सड़क सुरक्षा मानकों और परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा।
कोट
ट्रैफिक व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए माजरी चौक पर पानी से भरे प्लास्टिक बैरिकेड लगाए गए हैं। वन-वे व्यवस्था और रूट डायवर्जन के दौरान इन्हें जरूरत के अनुसार आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। — वीरेंद्र कुमार, एसएचओ ट्रैफिक