फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   War in Ukraine: Siddhartha of Kalka is trapped in Sumi city of Ukraine, family appeals to the government

यूक्रेन में यूद्ध : यूक्रेन के सूमी शहर में फंसा है कालका का सिद्धार्थ, परिवार ने लगाई सरकार से गुहार

Fri, 04 Mar 2022 01:02 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2022 01:02 AM IST
विज्ञापन
War in Ukraine: Siddhartha of Kalka is trapped in Sumi city of Ukraine, family appeals to the government
कालका। यूक्रेन में फंसे कालका निवासी सिद्धार्थ गर्ग की सकुशल वापसी को लेकर उनके परिवार ने केंद्र और हरियाणा सरकार से गुहार लगाई है। सत्यनारायण गली निवासी जतिन गर्ग ने बताया कि उनका छोटा भाई सिद्धार्थ (23) यूक्रेन के सूमी शहर में स्थित एक यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। सिद्धार्थ ने बताया कि उनका पूरा परिवार रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर बहुत चिंतित है। वह अपने भाई से दिन में रोज तीन से चार बार बात करता है। उनके भाई के अनुसार वहां के हालात काफी खराब हैं। वह अन्य विद्यार्थियों के साथ शेल्टर में छिपे हैं। वहां फंसे लोगों को पर्याप्त खाना भी नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन

सूमी शहर यूक्रेन के ईस्ट साइड में पड़ता है। जहां से विद्यार्थियों का इवेक्युएशन हो रहा है। यह सब एरिया वेस्ट साइड के हैं। उन्होंने बताया कि लेकिन वहां के मौजूद हालात के मद्देनजर ईस्ट से वेस्ट साइड जाना नामुमकिन है। इस समय वहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी नहीं है। बताया कि वह मिनिस्टरी ऑफ होम अफेयर्स, यूक्रेन स्थित इंडियन एंबेसी से लगातार संपर्क कर रहे हैं। सिद्धार्थ के अनुसार वहां माहौल बहुत डरावना है। कब बम धमाका हो कुछ नहीं पता। जतिन ने बताया कि उनका भाई और अन्य विद्यार्थी जिस बिल्डिंग में रह रहे हैं उनके नीचे बंकर बने हैं। जैसे ही वहां किसी तरह की कोई सुगबुगाहट होती है, तो उन्हें बंकर में जाने के लिए बोल दिया जाता है। उन्होंने बताया कि उनके भाई के साथ वहां पर करीब 200 भारतीय विद्यार्थी हैं।
विज्ञापन

सुरक्षा को लेकर खड़े कर दिए हैं हाथ
जतिन ने आरोप लगाया कि जिस यूनिवर्सिटी में उनका भाई कोर्स कर रहा है, उसने सुरक्षा को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं। जब रूस और यूक्रेन के युद्ध को लेकर अटकलें लग रही थीं तभी से वहां के विद्यार्थियों ने कॉलेज में पत्र देकर घर जाने की बात की थी, लेकिन यूनिवर्सिटी की तरफ से यह जवाब मिल रहा था कि आप लोग अपने रिस्क पर जा सकते हैं। अगर उनका नाम कटता है तो वे जिम्मेवार नहीं होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिद्धार्थ की मां मीनू गर्ग ने कहा कि सरकार यूक्रेन में फंसे सभी भारतीय बच्चों को जल्द से जल्द वापस लाए। उनको अपने बेटे की बहुत चिंता है। सारा दिन वह अपने बेटे को लेकर चिंतित रहती है। पिता अनिल गर्ग ने भी भारत सरकार से सिद्धार्थ को जल्द स्वदेश लाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed