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चमड़ा उद्योग पर लगने वाला दोहरा कर माफ
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चंडीगढ़। सूबे में चमड़ा उद्योग की बिगड़ती स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार ने उद्योग पर लगने वाला दोहरा कर माफ कर दिया है। सरकार अब उद्यमियों के वैट प्लांट्स से गैर निर्माण शुल्क भी नहीं लेगी।
बुधवार को जालंधर के प्रसिद्ध उद्योगपतियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए उद्योग मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने राज्य सरकार के इस अहम फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जालंधर के पुराने चमड़ा कारखानों को अपग्रेड करने के लिए 15 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का भी फैसला किया है। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों से सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य 2030 तक वैश्विक उत्सर्जन नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि प्रधानमंत्री ने भी ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए अपना दृष्टिकोण साझा किया था। उन्होंने समूह उद्योगपतियों से इन नियमों का पालन करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चमड़ा उद्योग के अवशेष को प्राकृतिक जल स्रोतों में फेंकना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोटली ने इन्फोटेक के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह संधू, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और निदेशक सिबिन सी के साथ मिलकर प्रतिनिधिमंडल को चमड़ा उद्योग के अवशेषों का सही ढंग से निपटारा करने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग मंत्री द्वारा जालंधर स्थित लैदर फेडरेशन की इकाइयों की वास्तविक समस्याओं को सुनने के लिए निष्ठावान प्रयासों की सराहना की। बैठक के दौरान लेदर फैडरेशन जालंधर के प्रतिनिधिमंडल में रीजनल डायरेक्टर काउंसिल फॉर लैदर एक्सपोर्ट्स (नई दिल्ली) अतुल कुमार मिश्रा, अध्यक्ष पंजाब लेदर फेडरेशन हीरा लाल वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक चावला, सचिव संजय वर्मा और मुख्य सलाहकार स्टीवन कलेर उपस्थित थे।
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बुधवार को जालंधर के प्रसिद्ध उद्योगपतियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए उद्योग मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने राज्य सरकार के इस अहम फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जालंधर के पुराने चमड़ा कारखानों को अपग्रेड करने के लिए 15 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का भी फैसला किया है। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों से सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य 2030 तक वैश्विक उत्सर्जन नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि प्रधानमंत्री ने भी ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए अपना दृष्टिकोण साझा किया था। उन्होंने समूह उद्योगपतियों से इन नियमों का पालन करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चमड़ा उद्योग के अवशेष को प्राकृतिक जल स्रोतों में फेंकना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोटली ने इन्फोटेक के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह संधू, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और निदेशक सिबिन सी के साथ मिलकर प्रतिनिधिमंडल को चमड़ा उद्योग के अवशेषों का सही ढंग से निपटारा करने का आग्रह किया।
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प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग मंत्री द्वारा जालंधर स्थित लैदर फेडरेशन की इकाइयों की वास्तविक समस्याओं को सुनने के लिए निष्ठावान प्रयासों की सराहना की। बैठक के दौरान लेदर फैडरेशन जालंधर के प्रतिनिधिमंडल में रीजनल डायरेक्टर काउंसिल फॉर लैदर एक्सपोर्ट्स (नई दिल्ली) अतुल कुमार मिश्रा, अध्यक्ष पंजाब लेदर फेडरेशन हीरा लाल वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक चावला, सचिव संजय वर्मा और मुख्य सलाहकार स्टीवन कलेर उपस्थित थे।
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