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Panchkula News: कई साल से लटक रहे प्रोजेक्टों पर विजिलेंस की नजर
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चंडीगढ़। गत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के ही नहीं बल्कि करीब 15 से 20 साल से लटक रहे कई प्रोजेक्टों पर विजिलेंस ब्यूरो की नजर लग गई है। विजिलेंस ब्यूरो की टीमों ने इस संबंधी जिलों से प्रोजेक्टों के विवरण जुटाने शुरू कर दिए हैं ताकि पता लगाया जा सके कि आखिर उक्त प्रोजेक्ट किस वजह से पूरे नहीं हो पाए। इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं। इससे सरकार को कितना नुकसान हुआ है। अगर किसी प्रोजेक्ट के लिए कोई अधिकारी या नेता जिम्मेदार निकलता है तो विजिलेंस ब्यूरो द्वारा उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। सीएम भगवंत मान की इस मामले में विजिलेंस अधिकारियों से मीटिंग हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को साफ किया है कि सरकारी खजाने को लूटने वालों का बक्शा नहीं जाएगा। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा इस समय गत सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व सेहतमंत्री एवं भाजपा नेता बलबीर सिंह सिद्धू, मोहाली के मेयर व भाजपा नेता अमरजीत सिंह जीती सिद्धू, पूर्व मंत्री एवं कांग्रेसी नेता ब्रह्म मोहिंद्रा, पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी भरत इंद्र सिंह चहल, लुधियाना के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों की जांच की जा रही है।
सूत्रों से पता चला है कि पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और उनके भाई अमरजीत सिंह जीती सिद्धू को अब आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी है। सिद्धू भाइयों ने संपत्ति का जो ब्योरा विजिलेंस को दिया है उससे विजिलेंस के अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का सामना कर रहे दोनों भाइयों से तीन बार से ज्यादा विजिलेंस पूछताछ कर चुकी है। अगले सप्ताह उन्हें पूछताछ के लिए फिर से बुलाया जा सकता है।
1200 करोड़ के प्रोजेक्ट की चल रही है जांच
गत अकाली-भाजपा सरकार के समय में हुए 1200 करोड़ के सिंचाई घोटाले की विजिलेंस जांच चल रही है। इसमें उस समय में तीन रिटायर आईएएस अधिकारियों व दो पूर्व मंत्रियों की भूमिका भी जांच की जा रही है। सभी लोगों से कई चरण में पूछताछ हो चुकी है। पूर्व चीफ सेक्रेटरी सर्वेश कौशल को तो 10 जुलाई को तलब किया गया है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों से सवाल जवाब होंगे।
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प्रोजेक्टों पर ईंट नहीं लगी, उद्घाटनों पर खर्च कर दिए लाखों
गत 20 साल में रही सरकारों ने कई अहम प्रोजेक्ट शुरू किए थे। कुछ जगह जमीन एक्वायर कर अहम प्रोजेक्टों के नींव पत्थर रख दिए गए, लेकिन आगे एक ईंट नहीं लग पाई। ऐसे कई प्रोजेक्टों के तो शुभारंभ करने के लिए रखे गए आयोजनों पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन प्रोजेक्ट जमीन पर उतर ही नहीं पाए। अब ऐसे ही प्रोजेक्टों का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। इनमें कई जगह बस स्टैंड, स्कूल, मंडिया, कम्युनिटी सेंटर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। वहीं, कुछ प्रोजेक्ट ऐसे हैं जो करोड़ों की लागत से बनाए गए हैं लेकिन उनमें सामान का सही प्रयोग नहीं किया गया। इस संबंधी शिकायतें पहले विजिलेंस के पास आई थीं जबकि कुछ के तो सैंपल तक लिए गए थे।
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सूत्रों से पता चला है कि पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और उनके भाई अमरजीत सिंह जीती सिद्धू को अब आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी है। सिद्धू भाइयों ने संपत्ति का जो ब्योरा विजिलेंस को दिया है उससे विजिलेंस के अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का सामना कर रहे दोनों भाइयों से तीन बार से ज्यादा विजिलेंस पूछताछ कर चुकी है। अगले सप्ताह उन्हें पूछताछ के लिए फिर से बुलाया जा सकता है।
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1200 करोड़ के प्रोजेक्ट की चल रही है जांच
गत अकाली-भाजपा सरकार के समय में हुए 1200 करोड़ के सिंचाई घोटाले की विजिलेंस जांच चल रही है। इसमें उस समय में तीन रिटायर आईएएस अधिकारियों व दो पूर्व मंत्रियों की भूमिका भी जांच की जा रही है। सभी लोगों से कई चरण में पूछताछ हो चुकी है। पूर्व चीफ सेक्रेटरी सर्वेश कौशल को तो 10 जुलाई को तलब किया गया है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों से सवाल जवाब होंगे।
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प्रोजेक्टों पर ईंट नहीं लगी, उद्घाटनों पर खर्च कर दिए लाखों
गत 20 साल में रही सरकारों ने कई अहम प्रोजेक्ट शुरू किए थे। कुछ जगह जमीन एक्वायर कर अहम प्रोजेक्टों के नींव पत्थर रख दिए गए, लेकिन आगे एक ईंट नहीं लग पाई। ऐसे कई प्रोजेक्टों के तो शुभारंभ करने के लिए रखे गए आयोजनों पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन प्रोजेक्ट जमीन पर उतर ही नहीं पाए। अब ऐसे ही प्रोजेक्टों का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। इनमें कई जगह बस स्टैंड, स्कूल, मंडिया, कम्युनिटी सेंटर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। वहीं, कुछ प्रोजेक्ट ऐसे हैं जो करोड़ों की लागत से बनाए गए हैं लेकिन उनमें सामान का सही प्रयोग नहीं किया गया। इस संबंधी शिकायतें पहले विजिलेंस के पास आई थीं जबकि कुछ के तो सैंपल तक लिए गए थे।