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स्टिल्ट प्लस चार : घरों की दरारें दिखाकर बोले पीड़ित- हमारा भी दर्द देखे सरकार
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प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन ने बैठक कर फैसले पर जताई नाराजगी, पदाधिकारी बोले, आंदोलन तोड़ने के लिए प्रपंच रच रही सरकारसंवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सरकार ने भले ही शहर में नए स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण पर रोक लगा दी है, मगर जिन लोगों ने इसका नुकसान झेला है, उनका दर्द सरकार को दिखाई नहीं दिया है। दरारें देखकर लोगों को अपने ही घर में चैन की नींद नहीं आती है। डर सताता है कि पता नहीं कब मकान ढह जाएगा। परिवार की जान जोखिम में नजर आती है। कुछ लोगों ने तो अपना मकान तोड़कर नए सिरे से बनाना भी शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि सरकार को भी उन लोगों के बारे में सोचना चाहिए। उनकी आर्थिक रूप से मदद की जानी चाहिए, ताकि वे अपने घरों की अच्छी तरह से मरम्मत करा सकें।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पास अब तक 60 से ज्यादा ऐसी शिकायतें पहुंची हैं, जिन्होंने मकान क्षतिग्रस्त होने की बात कही है। उन शिकायतों पर भी विभागीय कार्रवाई के नाम पर केवल नुकसान का आकलन और नोटिस जारी करने की कार्रवाई ही हो सकी है। न तो भवनों का निर्माण रुक रहा है और न ही पीड़ितों को आर्थिक रूप से कोई भरपाई की गई है।
50 लाख से बना था मकान, अब दोबारा बना रहे
एमडीसी सेक्टर-4 निवासी विजय वढ़ेरा ने बताया कि करीब 50 लाख रुपये खर्च कर मकान बनाया था। पड़ोस में बन रहे स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन के कारण मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। नुकसान इतना ज्यादा था कि मरम्मत नहीं करवाई जा सकती थी। एचएसवीपी को भी शिकायत दी गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक हारकर यही फैसला लिया कि मकान को तोड़कर नए सिरे से निर्माण करवाया जाए। फिलहाल किराये पर रहे रहे हैं। हर माह 50 हजार से ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।
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हर सप्ताह नई दरार देखकर लगता है डर
सेक्टर-10 निवासी प्रोमिला मुदगिल ने बताया कि पिछले साल मार्च में वे बेंगलुरू गए थे। इस दौरान पड़ोस में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया। अप्रैल में जब वे वापस आए तो छत और दीवारों में काफी दरार आई हुई थीं। उसके बाद जैसे-जैसे निर्माण होता रहा है, हर सप्ताह कोई न कोई नई दरार आ जाती थी। अब घर में रहने से भी डर लगता है। एचएसवीपी को शिकायत दी गई है, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
घर की 17 दीवारों में आई हैं दरारें
सेक्टर-10 निवासी शीशबाला ने बताया कि पिछले साल मार्च में उनके मकान में पहली दरार आई थी। निर्माण के दौरान इतनी लापरवाही बरती गई कि छत और 17 दीवारों में दरार आ गई है। हर बीतने वाले दिन के साथ दरारों की मोटाई बढ़ती जा रही है। नुकसान के आकलन के नाम पर एचएसवीपी ने 3.38 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाया है, जबकि हालात यह है कि मकान को तोड़कर ही दोबारा बनाना पड़ेगा। सरकार को उन लोगों का भी दर्द देखना चाहिए जो नुकसान भुगत रहे हैं।
कार्रवाई के नाम पर केवल रिमांइडर भेजे
सेक्टर-10 निवासी एमएस जैन ने बताया कि डेढ़ साल पहले उनके पड़ोस में निर्माण शुरू हुआ और फरवरी में उन्होंने एचएसवीपी को शिकायत दी। अब तक एक साल बीत चुका है, मगर एचएसवीपी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। प्राधिकरण ने कार्रवाई के नाम पर पहले नोटिस भेजा और बाद में केवल उसके रिमांइडर ही भेजते रहे। सीएम विंडो पर भी मामले की की शिकायत दर्ज करवाई गई है।
बिल्डिंग कोड को लिया जाए वापस: बल्हारा पंचकूला। हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कन्फेडरेशन के जिला कन्वीनर महेंद्र सिंह बल्हारा ने कहा कि यह समस्या पूरे प्रदेश से जुड़ी हुई है। केवल पंचकूला में प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को बिल्डिंग कोड में किया गया यह संशोधन तुरंत वापस लेना चाहिए। ढाई मंजिल तक का ही प्रावधान रखा जाना चाहिए। जब तक यह पूरे प्रदेश में लागू नहीं होता तब तक हमारा आंदोलन समाप्त नहीं होगा। वहीं एचएसवीपी को पानी की दर भी पब्लिक हेल्थ के समांतर ही करनी होंगी।
कंज्यूमर्स एसोसिएशन ने बांटी मिठाई
पंचकूला। कंज्यूमर्स एसोसिएशन ने स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण पर प्रतिबंध लगाए जाने के फैसले का स्वागत किया। इस खुशी में एसोसिएशन ने बुधवार को मिठाई बांटी। प्रधान एनसी राणा व महासचिव वीके शर्मा ने बताया कि एसोसिएशन ने इस प्रणाली के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया था। लोगों की समस्या का समाधान कराने के लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता का आभार भी प्रकट किया। इस अवसर पर वरिष्ठ उपप्रधान कर्नल पीएस गोपाल, उपप्रधान राकेश कपूर, वरिष्ठ बीजेपी नेता संजय आहूजा, सचिव रोशन खंडूजा, वरिष्ठ सदस्य जीडी बत्रा, तरसेम गर्ग, केएल खुराना, विजय कमल जुनेजा, एसके मेहरा आदि उपस्थित रहे।- संवाद
प्रॉपर्टी कारोबारियों ने जताई नाराजगी, सीए से मिले
पंचकूला। हरियाणा सरकार द्वारा पंचकूला में स्टिलट प्लस चार मंजिला भवन के लिए किए जाने वाले निर्माण पर पाबंदी लगाए जाने के बाद प्रापर्टी कारोबारियों की एक बैठक सेक्टर-6 में हुई। प्रापर्टी डीलर एसोसिएशन के फाउंडर प्रधान जगदीप अत्री ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के प्रधान सुरेश अग्रवाल, प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन पंचकूला के प्रधान राजेश ढांडा, महासचिव अभय जैन सहित अन्य उपस्थित थे। बैठक में सुरेश अग्रवाल ने बताया कि मुख्य प्रशासक ने एक सवाल के जवाब में बताया कि ट्राइसिटी के लिए कोई अलग नीति नहीं होगी। पूरे हरियाणा प्रदेश के लिए एक ही नीति होगी, इसमें पंचकूला भी शामिल है। सुरेश अग्रवाल ने साथ ही ऑक्शन में जिन लोगों को 264 एफएआर के तहत प्लाट आवंटित किए गए हैं, उनके बारे में पूछा, तो अजीत बालाजी जोशी ने कहा कि सभी अलॉटिज के हित का ध्यान रखा जाएगा। सुरेश अग्रवाल ने मुख्य प्रशासक के समक्ष लोगों की मांग रखते हुए जानना चाहा कि जिन लोगों के मकानों के नक्शे पास हो रखे हैं और काम शुरू कर रहे हैं उनका क्या होगा, तो निष्कर्ष निकल कर आया कि फिलहाल नए मकानों के निर्माण पर रोक लग जाएगी, लेकिन जिनके लेंटर पड़ चुके हैं, उनको नहीं रोका जाएगा।राजेश ढांडा और महासचिव अभय जैन ने कहा कि सरकार का यह फैसला उसे कानूनी अड़चनों में उलझा सकता है। क्योंकि गुरुग्राम में इसकी इजाजत है और पंचकूला में इस पर रोक लगाई जा रही है। ऐसे में जबकि दोनों शहर हरियाणा का हिस्सा है और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एक ही सरकारी संस्था संस्थान है। ऐसे में 2 शहरों में अलग-अलग नियम लागू किए जाने को कोर्ट में चुनौती देने के मामले बढ़ेंगे। अत: सरकार को पंचकूला के संबंध में लिए गए अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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पंचकूला। सरकार ने भले ही शहर में नए स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण पर रोक लगा दी है, मगर जिन लोगों ने इसका नुकसान झेला है, उनका दर्द सरकार को दिखाई नहीं दिया है। दरारें देखकर लोगों को अपने ही घर में चैन की नींद नहीं आती है। डर सताता है कि पता नहीं कब मकान ढह जाएगा। परिवार की जान जोखिम में नजर आती है। कुछ लोगों ने तो अपना मकान तोड़कर नए सिरे से बनाना भी शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि सरकार को भी उन लोगों के बारे में सोचना चाहिए। उनकी आर्थिक रूप से मदद की जानी चाहिए, ताकि वे अपने घरों की अच्छी तरह से मरम्मत करा सकें।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पास अब तक 60 से ज्यादा ऐसी शिकायतें पहुंची हैं, जिन्होंने मकान क्षतिग्रस्त होने की बात कही है। उन शिकायतों पर भी विभागीय कार्रवाई के नाम पर केवल नुकसान का आकलन और नोटिस जारी करने की कार्रवाई ही हो सकी है। न तो भवनों का निर्माण रुक रहा है और न ही पीड़ितों को आर्थिक रूप से कोई भरपाई की गई है।
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50 लाख से बना था मकान, अब दोबारा बना रहे
एमडीसी सेक्टर-4 निवासी विजय वढ़ेरा ने बताया कि करीब 50 लाख रुपये खर्च कर मकान बनाया था। पड़ोस में बन रहे स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन के कारण मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। नुकसान इतना ज्यादा था कि मरम्मत नहीं करवाई जा सकती थी। एचएसवीपी को भी शिकायत दी गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक हारकर यही फैसला लिया कि मकान को तोड़कर नए सिरे से निर्माण करवाया जाए। फिलहाल किराये पर रहे रहे हैं। हर माह 50 हजार से ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।
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हर सप्ताह नई दरार देखकर लगता है डर
सेक्टर-10 निवासी प्रोमिला मुदगिल ने बताया कि पिछले साल मार्च में वे बेंगलुरू गए थे। इस दौरान पड़ोस में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया। अप्रैल में जब वे वापस आए तो छत और दीवारों में काफी दरार आई हुई थीं। उसके बाद जैसे-जैसे निर्माण होता रहा है, हर सप्ताह कोई न कोई नई दरार आ जाती थी। अब घर में रहने से भी डर लगता है। एचएसवीपी को शिकायत दी गई है, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
घर की 17 दीवारों में आई हैं दरारें
सेक्टर-10 निवासी शीशबाला ने बताया कि पिछले साल मार्च में उनके मकान में पहली दरार आई थी। निर्माण के दौरान इतनी लापरवाही बरती गई कि छत और 17 दीवारों में दरार आ गई है। हर बीतने वाले दिन के साथ दरारों की मोटाई बढ़ती जा रही है। नुकसान के आकलन के नाम पर एचएसवीपी ने 3.38 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाया है, जबकि हालात यह है कि मकान को तोड़कर ही दोबारा बनाना पड़ेगा। सरकार को उन लोगों का भी दर्द देखना चाहिए जो नुकसान भुगत रहे हैं।
कार्रवाई के नाम पर केवल रिमांइडर भेजे
सेक्टर-10 निवासी एमएस जैन ने बताया कि डेढ़ साल पहले उनके पड़ोस में निर्माण शुरू हुआ और फरवरी में उन्होंने एचएसवीपी को शिकायत दी। अब तक एक साल बीत चुका है, मगर एचएसवीपी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। प्राधिकरण ने कार्रवाई के नाम पर पहले नोटिस भेजा और बाद में केवल उसके रिमांइडर ही भेजते रहे। सीएम विंडो पर भी मामले की की शिकायत दर्ज करवाई गई है।
बिल्डिंग कोड को लिया जाए वापस: बल्हारा पंचकूला। हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कन्फेडरेशन के जिला कन्वीनर महेंद्र सिंह बल्हारा ने कहा कि यह समस्या पूरे प्रदेश से जुड़ी हुई है। केवल पंचकूला में प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को बिल्डिंग कोड में किया गया यह संशोधन तुरंत वापस लेना चाहिए। ढाई मंजिल तक का ही प्रावधान रखा जाना चाहिए। जब तक यह पूरे प्रदेश में लागू नहीं होता तब तक हमारा आंदोलन समाप्त नहीं होगा। वहीं एचएसवीपी को पानी की दर भी पब्लिक हेल्थ के समांतर ही करनी होंगी।
कंज्यूमर्स एसोसिएशन ने बांटी मिठाई
पंचकूला। कंज्यूमर्स एसोसिएशन ने स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण पर प्रतिबंध लगाए जाने के फैसले का स्वागत किया। इस खुशी में एसोसिएशन ने बुधवार को मिठाई बांटी। प्रधान एनसी राणा व महासचिव वीके शर्मा ने बताया कि एसोसिएशन ने इस प्रणाली के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया था। लोगों की समस्या का समाधान कराने के लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता का आभार भी प्रकट किया। इस अवसर पर वरिष्ठ उपप्रधान कर्नल पीएस गोपाल, उपप्रधान राकेश कपूर, वरिष्ठ बीजेपी नेता संजय आहूजा, सचिव रोशन खंडूजा, वरिष्ठ सदस्य जीडी बत्रा, तरसेम गर्ग, केएल खुराना, विजय कमल जुनेजा, एसके मेहरा आदि उपस्थित रहे।- संवाद
प्रॉपर्टी कारोबारियों ने जताई नाराजगी, सीए से मिले
पंचकूला। हरियाणा सरकार द्वारा पंचकूला में स्टिलट प्लस चार मंजिला भवन के लिए किए जाने वाले निर्माण पर पाबंदी लगाए जाने के बाद प्रापर्टी कारोबारियों की एक बैठक सेक्टर-6 में हुई। प्रापर्टी डीलर एसोसिएशन के फाउंडर प्रधान जगदीप अत्री ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के प्रधान सुरेश अग्रवाल, प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन पंचकूला के प्रधान राजेश ढांडा, महासचिव अभय जैन सहित अन्य उपस्थित थे। बैठक में सुरेश अग्रवाल ने बताया कि मुख्य प्रशासक ने एक सवाल के जवाब में बताया कि ट्राइसिटी के लिए कोई अलग नीति नहीं होगी। पूरे हरियाणा प्रदेश के लिए एक ही नीति होगी, इसमें पंचकूला भी शामिल है। सुरेश अग्रवाल ने साथ ही ऑक्शन में जिन लोगों को 264 एफएआर के तहत प्लाट आवंटित किए गए हैं, उनके बारे में पूछा, तो अजीत बालाजी जोशी ने कहा कि सभी अलॉटिज के हित का ध्यान रखा जाएगा। सुरेश अग्रवाल ने मुख्य प्रशासक के समक्ष लोगों की मांग रखते हुए जानना चाहा कि जिन लोगों के मकानों के नक्शे पास हो रखे हैं और काम शुरू कर रहे हैं उनका क्या होगा, तो निष्कर्ष निकल कर आया कि फिलहाल नए मकानों के निर्माण पर रोक लग जाएगी, लेकिन जिनके लेंटर पड़ चुके हैं, उनको नहीं रोका जाएगा।राजेश ढांडा और महासचिव अभय जैन ने कहा कि सरकार का यह फैसला उसे कानूनी अड़चनों में उलझा सकता है। क्योंकि गुरुग्राम में इसकी इजाजत है और पंचकूला में इस पर रोक लगाई जा रही है। ऐसे में जबकि दोनों शहर हरियाणा का हिस्सा है और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एक ही सरकारी संस्था संस्थान है। ऐसे में 2 शहरों में अलग-अलग नियम लागू किए जाने को कोर्ट में चुनौती देने के मामले बढ़ेंगे। अत: सरकार को पंचकूला के संबंध में लिए गए अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।