फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Victims of violence after Ram Rahim's conviction may have to wait for compensation

Panchkula News: राम रहीम को सजा के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों को मुआवजे के लिए करना पड़ सकता है और इंतजार

Thu, 02 Mar 2023 01:33 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Mar 2023 01:33 AM IST
विज्ञापन
Victims of violence after Ram Rahim's conviction may have to wait for compensation
चंडीगढ़। साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार देने के बाद हुई हिंसा में कुल 288 करोड़ के नुकसान के मुआवजे के लिए पीड़ितों को अभी इंतजार करना पड़ सकता है। मुआवजे को लेकर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी और तीन जजों की फुल बेंच में से जस्टिस तेजिंदर सिंह ढींढसा शुक्रवार को रिटायर होने जा रहे हैं। ऐसे में अब इस फुल बेंच को पूरा करने के लिए किसी अन्य वरिष्ठ जज को इसमें शामिल किया जाएगा। इसके बाद फुल बेंच तय करेगी कि मुआवजे के क्लेम का निपटारा करने के लिए ट्रिब्यूनल बनाया जाए या हाईकोर्ट के रिटायर जज को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाए।
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर कहा था कि पहले यह तय कर लिया जाए कि पंजाब और हरियाणा में हुए इन दंगों के दौरान कितनी सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ है और नुकसान की भरपाई के लिए कितने क्लेम आए हैं। हाईकोर्ट को बताया गया था कि संपत्ति को हुए नुकसान के मामले में सरकार के पास 216 क्लेम आवेदन आए हैं। सबसे अधिक 123 क्लेम पंचकूला से आए हैं, इसके बाद सिरसा से 70, कैथल से 17, पानीपत से 4 और फरीदाबाद व सोनीपत से 1-1 क्लेम आया है। इसके अलावा राजस्व को हुए नुकसान के 87 और अन्य क्षेत्र के 67 क्लेम आए हैं। जहां तक सार्वजनिक और निजी संपत्तियों हुए नुकसान का मामला है तो पंचकूला जिले में 10,48,01,283 रुपये का नुकसान हुआ था। निजी संपत्ति का 10,10,56,387 रुपयेे और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान के लिए 37,44,896 रुपये शामिल हैं। सिरसा जिला जहां डेरा का मुख्यालय है वहां लगभग 13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। कोर्ट को सुझाव दिया गया था कि जिन जिलों में नुकसान हुआ है वहां के सेशन जजों को इसका आकलन कर मुआवजा राशि तय करने का आदेश दिया जाए।
विज्ञापन

इसके अतिरिक्त हाईकोर्ट के रिटायर जज को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। अब इस मामले में मुख्य न्यायाधीश के बाद तीन वरिष्ठतम जजों की फुल बेंच सुनवाई कर रही थी। केस की सुनवाई बुधवार को नहीं हो सकी और जस्टिस तेजिंदर ढींढसा शुक्रवार को रिटायर होने जा रहे हैं। केस की सुनवाई 29 मार्च को तय है ऐसे में फुल बेंच में किसी अन्य वरिष्ठ जज का नाम जोड़ा जाएगा। ऐसे में मुआवजे का इंतजार कर रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed