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वाहनों से कूड़ा एकत्रित करने की नीति से पीछे हटने को तैयार नहीं यूटी प्रशासन
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चंडीगढ़। शहर में वाहनों के जरिए घर-घर जाकर कूड़ा उठाने की नीति के खिलाफ दाखिल याचिका पर चंडीगढ़ प्रशासन ने दो टूक कहा है कि किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया गया है। प्रशासन ने याचिकाकर्ताओं को ही सवालों के घेरे में लेते हुए कहा कि तथ्यों को छुपाते हुए यह याचिका दाखिल की गई है। जहां एक ओर प्रशासन इस मामले में पीछे हटने को तैयार नहीं है वहीं याचिकाकर्ताओं के वकील ने प्रशासन से जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए समय मांग लिया।
घर घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करने वाले 72 लोगों ने एडवोकेट एपीएस शेरगिल के माध्यम से याचिका दाखिल की थी। इस नई व्यवस्था के खिलाफ दायर याचिका में बताया है कि नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज में संशोधन कर 18 सितंबर, 2019 में रूल्स नोटिफाई किए थे, जबकि यह रूल्स सीधे तौर पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 का उल्लंघन कर बनाए गए हैं। इसमें यह तय किया गया था कि पुराने और नए सिस्टम दोनों को शामिल किया जाएगा। यह कहीं तय नहीं किया गया कि अलग से वाहन चलाए जाएंगे। इसके अलावा यह तय किया गया था कि पहले से कूड़ा इकट्ठा करने वालों को इसमें शामिल किया जाएगा, लेकिन अब नगर निगम ने नई व्यवस्था शुरू कर दी है। नगर निगम की ओर से शहर से सूखा और गीला कचरा उठाने के लिए सेग्रीगेशन सिस्टम शुरू किया जा चुका है। इसके तहत शहर के लोगों को अपने घर से ही सूखा और गीला कचरा देना होगा और निगम ने इन दोनों तरह के कूड़े को इकट्ठा करने के लिए गाड़ियां भी शुरू कर दी हैं।
याचिकाकर्ताओं ने बताया है कि इस नई व्यवस्था के शुरू होने से डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्शन के शुल्क भी पानी के बिल में जोड़कर चार्ज करने शुरू कर दिए जाएंगे। इस व्यवस्था को शुरू करने से पहले उनसे चर्चा तक नहीं की गई, जबकि वह इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
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घर घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करने वाले 72 लोगों ने एडवोकेट एपीएस शेरगिल के माध्यम से याचिका दाखिल की थी। इस नई व्यवस्था के खिलाफ दायर याचिका में बताया है कि नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज में संशोधन कर 18 सितंबर, 2019 में रूल्स नोटिफाई किए थे, जबकि यह रूल्स सीधे तौर पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 का उल्लंघन कर बनाए गए हैं। इसमें यह तय किया गया था कि पुराने और नए सिस्टम दोनों को शामिल किया जाएगा। यह कहीं तय नहीं किया गया कि अलग से वाहन चलाए जाएंगे। इसके अलावा यह तय किया गया था कि पहले से कूड़ा इकट्ठा करने वालों को इसमें शामिल किया जाएगा, लेकिन अब नगर निगम ने नई व्यवस्था शुरू कर दी है। नगर निगम की ओर से शहर से सूखा और गीला कचरा उठाने के लिए सेग्रीगेशन सिस्टम शुरू किया जा चुका है। इसके तहत शहर के लोगों को अपने घर से ही सूखा और गीला कचरा देना होगा और निगम ने इन दोनों तरह के कूड़े को इकट्ठा करने के लिए गाड़ियां भी शुरू कर दी हैं।
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याचिकाकर्ताओं ने बताया है कि इस नई व्यवस्था के शुरू होने से डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्शन के शुल्क भी पानी के बिल में जोड़कर चार्ज करने शुरू कर दिए जाएंगे। इस व्यवस्था को शुरू करने से पहले उनसे चर्चा तक नहीं की गई, जबकि वह इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
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