फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   United Kisan Morcha challenged senior BJP leaders for an open debate, fixed the date on 23rd

Panchkula News: संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को खुली बहस की दी चुनौती, 23 को तारीख तय की

Wed, 17 Apr 2024 05:35 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Apr 2024 05:35 AM IST
विज्ञापन
United Kisan Morcha challenged senior BJP leaders for an open debate, fixed the date on 23rd
चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा ने दिल्ली में बैठे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को खुली बहस की चुनौती दी है और इसके लिए 23 अप्रैल की तारीख भी तय कर दी है। मोर्चा के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों से सवाल पूछने का फैसला लिया था, लेकिन भाजपा उम्मीदवार ये कहते हुए उनके सवालों से भाग रहे हैं कि इनका जवाब दिल्ली में बैठे वरिष्ठ नेता ही दे सकते हैं। यही कारण है कि उन्होंने भाजपा के इन नेताओं को खुली बहस की चुनौती दी है। डल्लेवाल मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान अन्य किसान नेता भी मौजूद थे। साथ ही उन्होंने बुधवार से शंभू बॉर्डर पर रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि नवदीप सिंह, अनीश खटकड़, गुरकीरत सिंह की रिहाई नहीं हुई तो वह बुधवार को शंभू बॉर्डर पर रेलवे ट्रैक जाम करेंगे। पिछले 28 दिन से अनीश खटकड़ जेल में आमरण अनशन पर हैं और उनकी स्थिति नाजुक है। अगर उनकी सेहत बिगड़ती है तो उसके लिए हरियाणा सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा दोनों मोर्चों पर बिजली, पानी, सफाई, फायर ब्रिगेड जैसी मूलभूत सुविधाएं भी आंदोलनकारियों को नहीं दी जा रही हैं जिस से किसानों में भारी नाराजगी है।
विज्ञापन

डल्लेवाल ने बताया कि आने वाले समय में हरियाणा-पंजाब में यात्राओं का आयोजन कर के बड़ी जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई हिंसा व नौजवान किसान शुभकरण सिंह की हत्या की हाईकोर्ट के आदेश पर जांच के लिए बनाई गई कमेटी में हरियाणा पुलिस के अधिकारी को शामिल करना उचित नहीं है, क्योंकि इस मामले में हरियाणा पुलिस स्वयं आरोपी है। उन्होंने कहा कि पीड़ित किसानों को हरियाणा पुलिस की जांच से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। शांतिपूर्ण आंदोलन करना सभी का लोकतांत्रिक व मौलिक अधिकार है। उन्होंने कोर्ट से अपील की कि कौमी इंसाफ मोर्चे को जबरदस्ती उठाने के फैसले पर पुनर्विचार करे और प्रशासन भी आंदोलनकारियों के साथ किसी भी तरह की तानाशाही न करे।
विज्ञापन

इस मौके पर अमरजीत सिंह मोहड़ी, अभिमन्यु कोहाड़, मंजीत सिंह घुमाना, सुखजीत सिंह, लखविंदर सिंह औलख, जंगसिंह भटेडी, बलदेव सिंह सिरसा, चमकौर सिंह, सतनाम बहरू, तेजवीर सिंह, कुलविंदर सिंह पंजोला आदि किसान नेता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed