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Panchkula News: एक ही बेड पर दो-दो मरीज, व्हीलचेयर भी नहीं मिल रही
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सिविल अस्पताल में रात के समय अच्छे इलाज की व्यवस्था के दावे भले ही किए जा रहो हो लेकिन हकीकत में मरीजों को व्हील चेयर और स्ट्रेचर तक नहीं मिल रहा है। इसके लिए तीमारदार भटक रहे हैं। एक ही बेड पर दो-दो मरीज लेट रहे हैं।
वहीं, वार्ड में सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात नहीं हैं। अस्पताल के वार्ड में रिपेयर के कारण महिला और पुरुष मरीज और तीमारदार एक ही शौचालय का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस कारण सभी को परेशानी हो रही है। वार्डों में सिक्योरिटी गार्ड की व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण काम करने वाले स्टाफ में दहशत का माहौल बना रहता है। अस्पताल में सोमवार को रात को नौ बजे से 12 बजे तक हाल जाना तो इस दौरान यह बात सामने आई है।
किसी भी वार्ड में रात को गार्ड तैनात नहीं
मुझे रात के समय इमरजेंसी के अलावा किसी भी वार्ड में गार्ड की तैनाती नहीं दिखी। मैं सर्जरी वार्ड में इलाज के लिए आया हूं। वार्ड में कई बार मरीजों के साथ तीमारदार के अलावा आउटसाइडर्स भी प्रवेश कर जाते हैं। कई बार उन्हें बाहर जाने के लिए कहने पर विवाद की स्थिति बन जाती है। इस हालात से परेशानी हो रही है। -रामकुमार, निवासी खड़क मंगोली
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पैर में इंफेक्शन, चार घंटे स्ट्रेचर नहीं मिला, परेशानी हुई
मुझे पैर में इंफेक्शन था। शाम को छह बजे इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड में आया था। इलाज के बाद डॉक्टरों की ओर से पैर में पट्टी बांध दी गई। पट्टी बांधने के बाद भी पैर से ब्लीडिंग हुई। चार घंटे तक स्ट्रेचर नहीं मिला। अस्पताल के बाहर भी स्ट्रेचर नहीं मिला। वहीं, लगाई गई अधिकतर व्हील चेयर टूटी हुई हैं। -अजय कुमार, मरीज, निवासी कालका
शाैचालय में सफाई
नहीं, आ रही बदबू
मेरी बेटे तबीयत ठीक नहीं है। इस कारण बच्चों के वार्ड में इलाज कराने आए हैं। वार्ड में एक ही शौचालय मेंं महिला, पुरुष मरीज और तीमारदार जा रहे हैं। यहां सफाई भी नहीं है। इइस वजह से बदबू आ रही है। -नसीमउद्दीन निवासी मौलीजागरां, तीमारदार
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पंचकूला। सिविल अस्पताल में रात के समय अच्छे इलाज की व्यवस्था के दावे भले ही किए जा रहो हो लेकिन हकीकत में मरीजों को व्हील चेयर और स्ट्रेचर तक नहीं मिल रहा है। इसके लिए तीमारदार भटक रहे हैं। एक ही बेड पर दो-दो मरीज लेट रहे हैं।
वहीं, वार्ड में सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात नहीं हैं। अस्पताल के वार्ड में रिपेयर के कारण महिला और पुरुष मरीज और तीमारदार एक ही शौचालय का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस कारण सभी को परेशानी हो रही है। वार्डों में सिक्योरिटी गार्ड की व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण काम करने वाले स्टाफ में दहशत का माहौल बना रहता है। अस्पताल में सोमवार को रात को नौ बजे से 12 बजे तक हाल जाना तो इस दौरान यह बात सामने आई है।
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किसी भी वार्ड में रात को गार्ड तैनात नहीं
मुझे रात के समय इमरजेंसी के अलावा किसी भी वार्ड में गार्ड की तैनाती नहीं दिखी। मैं सर्जरी वार्ड में इलाज के लिए आया हूं। वार्ड में कई बार मरीजों के साथ तीमारदार के अलावा आउटसाइडर्स भी प्रवेश कर जाते हैं। कई बार उन्हें बाहर जाने के लिए कहने पर विवाद की स्थिति बन जाती है। इस हालात से परेशानी हो रही है। -रामकुमार, निवासी खड़क मंगोली
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पैर में इंफेक्शन, चार घंटे स्ट्रेचर नहीं मिला, परेशानी हुई
मुझे पैर में इंफेक्शन था। शाम को छह बजे इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड में आया था। इलाज के बाद डॉक्टरों की ओर से पैर में पट्टी बांध दी गई। पट्टी बांधने के बाद भी पैर से ब्लीडिंग हुई। चार घंटे तक स्ट्रेचर नहीं मिला। अस्पताल के बाहर भी स्ट्रेचर नहीं मिला। वहीं, लगाई गई अधिकतर व्हील चेयर टूटी हुई हैं। -अजय कुमार, मरीज, निवासी कालका
शाैचालय में सफाई
नहीं, आ रही बदबू
मेरी बेटे तबीयत ठीक नहीं है। इस कारण बच्चों के वार्ड में इलाज कराने आए हैं। वार्ड में एक ही शौचालय मेंं महिला, पुरुष मरीज और तीमारदार जा रहे हैं। यहां सफाई भी नहीं है। इइस वजह से बदबू आ रही है। -नसीमउद्दीन निवासी मौलीजागरां, तीमारदार