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Panchkula News: नर्स की मौत के 27 दिन बाद लॉकर से मिले दो मोबाइल
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नागरिक अस्पताल के आईसीयू वार्ड में मिले फोन, अब पुलिस खंगालेगी डाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नागरिक अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स प्रीति बेनीवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। प्रीति की मौत के 27 दिन बाद उनके दो मोबाइल फोन अस्पताल के आईसीयू वार्ड में बने एक लॉकर से बरामद हुए हैं। मोबाइल मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई। बाद में दोनों फोन पुलिस को सौंप दिए गए।
19 अप्रैल को हुई थी संदिग्ध मौत
जानकारी के अनुसार, प्रीति बेनीवाल की 19 अप्रैल को आईसीयू वार्ड में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। घटना के बाद से उनके मोबाइल फोन गायब बताए जा रहे थे। परिवार और पुलिस लगातार फोन की तलाश कर रहे थे, क्योंकि जांच में इन्हें अहम कड़ी माना जा रहा था। शनिवार सुबह अस्पताल में सफाई के दौरान कर्मचारियों ने वार्ड में बने एक लॉकर की जांच की तो उसमें दो मोबाइल फोन पड़े मिले। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचना दी गई।
तीन चाबियों वाला था लॉकर
बताया जा रहा है कि जिस लॉकर से मोबाइल मिले हैं, उसकी तीन चाबियां थीं और उसे संयुक्त रूप से इस्तेमाल किया जाता था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि फोन इतने दिनों तक लॉकर में कैसे पड़े रहे और किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि मोबाइल मिलने की सूचना के बाद दोनों फोन पुलिस को सौंप दिए गए हैं, ताकि उनकी तकनीकी जांच कराई जा सके। अब पुलिस मोबाइल फोन का डाटा खंगालकर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि मौत से पहले प्रीति की किससे बातचीत हुई थी और क्या फोन से मामले से जुड़ा कोई अहम सुराग मिल सकता है। पुलिस ने मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नागरिक अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स प्रीति बेनीवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। प्रीति की मौत के 27 दिन बाद उनके दो मोबाइल फोन अस्पताल के आईसीयू वार्ड में बने एक लॉकर से बरामद हुए हैं। मोबाइल मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई। बाद में दोनों फोन पुलिस को सौंप दिए गए।
19 अप्रैल को हुई थी संदिग्ध मौत
जानकारी के अनुसार, प्रीति बेनीवाल की 19 अप्रैल को आईसीयू वार्ड में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। घटना के बाद से उनके मोबाइल फोन गायब बताए जा रहे थे। परिवार और पुलिस लगातार फोन की तलाश कर रहे थे, क्योंकि जांच में इन्हें अहम कड़ी माना जा रहा था। शनिवार सुबह अस्पताल में सफाई के दौरान कर्मचारियों ने वार्ड में बने एक लॉकर की जांच की तो उसमें दो मोबाइल फोन पड़े मिले। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचना दी गई।
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तीन चाबियों वाला था लॉकर
बताया जा रहा है कि जिस लॉकर से मोबाइल मिले हैं, उसकी तीन चाबियां थीं और उसे संयुक्त रूप से इस्तेमाल किया जाता था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि फोन इतने दिनों तक लॉकर में कैसे पड़े रहे और किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि मोबाइल मिलने की सूचना के बाद दोनों फोन पुलिस को सौंप दिए गए हैं, ताकि उनकी तकनीकी जांच कराई जा सके। अब पुलिस मोबाइल फोन का डाटा खंगालकर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि मौत से पहले प्रीति की किससे बातचीत हुई थी और क्या फोन से मामले से जुड़ा कोई अहम सुराग मिल सकता है। पुलिस ने मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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