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Panchkula News: दो दिन हड़ताल के बीते, अब अनिश्चितकालीन हड़ताल से बिगड़ेंगे हालात
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पंचकूला सेक्टर 6 अस्पताल में डॉक्टर के हड़ताल के चलते मेडिसिन ओपीडी के बाहर मरीज अपनी बारी का इ
इलाज के लिए मरीजों को करनी पड़ी मशक्कत, अन्य दिनों की तुलना में ओपीडी में करीब 800 मरीज कम आए
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस कारण कालका, पिंजौर, बरवाला, मोरनी और रायपुररानी के पीएचसी और सीएचसी केंद्रों में इलाज के लिए आए मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं अब अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा से हालात बिगड़ने की संभावना है।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डाॅ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि हमारी मांग थी कि सीधे एसएमओ की भर्ती बंद की जाए। मांग पूरी न होने पर गठित एक्शन कमेटी ने निर्णय लिया है यह हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी गई है। मरीजों किसी भी तरह की परेशानी के लिए राज्य का स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार होगा। पंचकूला स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल के प्रभाव को कम करने के लिए मुलाना मेडिकल कॉलेज से अतिरिक्त डॉक्टर उपलब्ध करवाए।
हड़ताल के कारण जनरल सर्जरी विभाग में कोई ऑपरेशन नहीं हो सका जबकि 5 निर्धारित ऑपरेशन टाल दिए गए। ईएनटी, नेत्र, गायनेकोलाजी और आर्थोपेडिक विभाग में 15 ऑपरेशन किए गए। डाॅक्टरों की कमी और इलाज में देरी के कारण ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ रही, जिससे अव्यवस्था बढ़ गई और मरीजों को 2-3 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हालात को काबू में करने के लिए विभाग ने पुलिस प्रशासन से पुलिस कर्मियों की भी तैनाती करवाई। ओपीडी में मंगलवार को कुल 3,200 मरीजों को इलाज किया गया। सामान्य दिनों की तुलना में देखा जाए तो हड़ताल के देखते हुए करीब 800 मरीज सिविल अस्पताल में इलाज के लिए नहीं आए।
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व्यवस्था संभालने में कोई कमी नहीं छोड़ी
पंचकूला सिविल अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि हमने व्यवस्था संभालने में कोई कमी नहीं छोड़ी।मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती की गई थी। मुलाना मेडिकल कॉलेज से 23 डॉक्टर, 21 कंसलटेंट और 40 डीएनबी डॉक्टर, ईएसआई अस्पताल से 3 डॉक्टर, डेंटल कैडर के 33 चिकित्सक, नेशनल हेल्थ मिशन के 21 डॉक्टर विभिन्न विभागों में तैनात किए गए। पोस्टमार्टम कार्य के लिए अलग स्टाफ लगाया गया। हड़ताल के दौरान मरीजों ने इलाज में देरी और व्यवधान की शिकायतें कीं।
एक सप्ताह से बुखार है।
एक सप्ताह से बुखार है। सुबह इलाज के लिए आ गया था। डॉक्टर ने एक्सरे लिखा था। एक्सरे होने के दो घंटे तक एक्सरे अपलोड नहीं किया गया। इस कारण इलाज मिलने में देरी हुई।
-शहीन, निवासी मौलीजागरां
कोट--
पर्चे पर पूरी जांचें नहीं लिखीं
मुझे बुखार के साथ खांसी की समस्या है। डॉक्टर ने कई जांचें कराने को कहा है। पर्चे पर पूरी जांचें नहीं लिखने से परेशानी हुई। खाली पेट होने वाले टेस्ट नहीं हो पाए। अब इलाज के लिए दोबारा आना पड़ेगा।
-शौकीन, निवासी खड़क मंगोली
कोट--
डॉक्टर ने नहीं देखा
मेरे हाथ में फ्रैक्चर है। डॉक्टर ने इलाज के लिए बुलाया था। तीन घंटे से इंतजार कर रही हूं। डॉक्टर ने नहीं देखा है। भीड़ अधिक होने के कारण ये हालात बने हैं। ओपीडी में केवल दो डॉक्टर हैं। इस कारण नंबर आने में समय लग रहा है।
-दर्शना, निवासी बुढ़नपुर
अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ
मुझे पेट में दर्द है। इसके साथ बुखार आ रहा है। मुझे एमडी मेडिसिन के डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा। अल्ट्रासाउंड न होने से परेशानी हुई। अब दोबारा खाली पेट अल्ट्रासाउंड कराने आना पड़ेगा।
-शबनम, निवासी मौलीजागरां
कोट--
तीन घंटे इंतजार करना पड़ा
आज पैर का ऑपरेशन होना था। इसके लिए तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। ऑपरेशन डे होने के बावजूद हड्डी के डॉक्टर कम हैं।
-राजकुमार, निवासी सकेतड़ी
कोट--
सभी ओपीडी चालू रखी गई हैं। आंख और हड्डी के ऑपरेशन किए गए हैं। जिन डॉक्टरों ने हड़ताल की उनके विभाग के ऑपरेशन फिलहाल नहीं रखे गए थे। सभी को ड्यूटी पर वापस आने का वार्निंग लेटर भेजा है। आवश्यक सुविधाओं को बाहरी डॉक्टरों से चलाया जा रहा है। व्यवस्थाएं लगातार चेक की जा रही हैं और सभी ओपीडी में डॉक्टरों को इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस कारण कालका, पिंजौर, बरवाला, मोरनी और रायपुररानी के पीएचसी और सीएचसी केंद्रों में इलाज के लिए आए मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं अब अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा से हालात बिगड़ने की संभावना है।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डाॅ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि हमारी मांग थी कि सीधे एसएमओ की भर्ती बंद की जाए। मांग पूरी न होने पर गठित एक्शन कमेटी ने निर्णय लिया है यह हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी गई है। मरीजों किसी भी तरह की परेशानी के लिए राज्य का स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार होगा। पंचकूला स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल के प्रभाव को कम करने के लिए मुलाना मेडिकल कॉलेज से अतिरिक्त डॉक्टर उपलब्ध करवाए।
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हड़ताल के कारण जनरल सर्जरी विभाग में कोई ऑपरेशन नहीं हो सका जबकि 5 निर्धारित ऑपरेशन टाल दिए गए। ईएनटी, नेत्र, गायनेकोलाजी और आर्थोपेडिक विभाग में 15 ऑपरेशन किए गए। डाॅक्टरों की कमी और इलाज में देरी के कारण ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ रही, जिससे अव्यवस्था बढ़ गई और मरीजों को 2-3 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हालात को काबू में करने के लिए विभाग ने पुलिस प्रशासन से पुलिस कर्मियों की भी तैनाती करवाई। ओपीडी में मंगलवार को कुल 3,200 मरीजों को इलाज किया गया। सामान्य दिनों की तुलना में देखा जाए तो हड़ताल के देखते हुए करीब 800 मरीज सिविल अस्पताल में इलाज के लिए नहीं आए।
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व्यवस्था संभालने में कोई कमी नहीं छोड़ी
पंचकूला सिविल अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि हमने व्यवस्था संभालने में कोई कमी नहीं छोड़ी।मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती की गई थी। मुलाना मेडिकल कॉलेज से 23 डॉक्टर, 21 कंसलटेंट और 40 डीएनबी डॉक्टर, ईएसआई अस्पताल से 3 डॉक्टर, डेंटल कैडर के 33 चिकित्सक, नेशनल हेल्थ मिशन के 21 डॉक्टर विभिन्न विभागों में तैनात किए गए। पोस्टमार्टम कार्य के लिए अलग स्टाफ लगाया गया। हड़ताल के दौरान मरीजों ने इलाज में देरी और व्यवधान की शिकायतें कीं।
एक सप्ताह से बुखार है।
एक सप्ताह से बुखार है। सुबह इलाज के लिए आ गया था। डॉक्टर ने एक्सरे लिखा था। एक्सरे होने के दो घंटे तक एक्सरे अपलोड नहीं किया गया। इस कारण इलाज मिलने में देरी हुई।
-शहीन, निवासी मौलीजागरां
कोट
पर्चे पर पूरी जांचें नहीं लिखीं
मुझे बुखार के साथ खांसी की समस्या है। डॉक्टर ने कई जांचें कराने को कहा है। पर्चे पर पूरी जांचें नहीं लिखने से परेशानी हुई। खाली पेट होने वाले टेस्ट नहीं हो पाए। अब इलाज के लिए दोबारा आना पड़ेगा।
-शौकीन, निवासी खड़क मंगोली
कोट
डॉक्टर ने नहीं देखा
मेरे हाथ में फ्रैक्चर है। डॉक्टर ने इलाज के लिए बुलाया था। तीन घंटे से इंतजार कर रही हूं। डॉक्टर ने नहीं देखा है। भीड़ अधिक होने के कारण ये हालात बने हैं। ओपीडी में केवल दो डॉक्टर हैं। इस कारण नंबर आने में समय लग रहा है।
-दर्शना, निवासी बुढ़नपुर
अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ
मुझे पेट में दर्द है। इसके साथ बुखार आ रहा है। मुझे एमडी मेडिसिन के डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा। अल्ट्रासाउंड न होने से परेशानी हुई। अब दोबारा खाली पेट अल्ट्रासाउंड कराने आना पड़ेगा।
-शबनम, निवासी मौलीजागरां
कोट
तीन घंटे इंतजार करना पड़ा
आज पैर का ऑपरेशन होना था। इसके लिए तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। ऑपरेशन डे होने के बावजूद हड्डी के डॉक्टर कम हैं।
-राजकुमार, निवासी सकेतड़ी
कोट
सभी ओपीडी चालू रखी गई हैं। आंख और हड्डी के ऑपरेशन किए गए हैं। जिन डॉक्टरों ने हड़ताल की उनके विभाग के ऑपरेशन फिलहाल नहीं रखे गए थे। सभी को ड्यूटी पर वापस आने का वार्निंग लेटर भेजा है। आवश्यक सुविधाओं को बाहरी डॉक्टरों से चलाया जा रहा है। व्यवस्थाएं लगातार चेक की जा रही हैं और सभी ओपीडी में डॉक्टरों को इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ