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अंतिम तिथि के दो दिन पहले भेजा पानी का बिल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2016 12:55 AM IST
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water meter
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पंचकूला के पानी का बिल जमा करवाने में रेजीडेंट्स का पसीना निकल गया। कंपनी ने पानी के बिल को अंतिम तिथि 21 जून से दो दिन 19 जून को भेजा। रेजीडेंट्स बिल जमा कराने पहुंचे तो सर्वर डाउन हो गया। ऐसे में पंचकूला के रेजीडेंट्स करीब तीन घंटे तक परेशान रहे। गर्मी के कारण 12 वर्षीय बच्चा बेहोश होकर गिर गया।
रेजीडेंट्स का कहना था कि एक दिन पहले पानी का बिल भेजने का कोई मतलब नहीं है। लोग सिर्फ बिल के देरी से मिलने के कारण ही परेशान नहीं थे, बल्कि उनकी परेशानी इस कारण भी रही कि बिल में कई गड़बड़ियां थीं। जिसे ठीक करवाने के लिए भी उनको घंटो इंतजार करना पड़ा।
सेक्टर 10 स्थित हुडा ऑफिस में पानी की बिल जमा करने की अंतिम तिथि 21 जून होने की वजह से शहर के तमाम उपभोक्ता बिल जमा कराने पहुंचे। हालात यह थे कि ऑफिस के दोनों ओर करीब आधी किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी थी। सभी लोग गर्मी की वजह से परेशान हो रहे थे और अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
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लोग जब बिजली का बिल जमा करवाने के लिए पहुंचे तो हुडा का सर्वर डाउन था। इसके कारण भारी उमस और गर्मी के बीच बच्चे, बुजुर्ग व महिलाओं के साथ हर आयुवर्ग के लोग आधा किलोमीटर की लंबी लाइन बिल जमा कराने के लिए लगे रहे। कुछ लोग तो सर्वर डाउन होने के कारण वापस घर चले गए।
यहां गर्मी से बेहाल एक बच्चा बेहोश होकर गिर पड़ा। जिसकी उम्र महज 12 साल थी। आनन फानन में बच्चे के दादा सुरमुख सिंह उसे लेकर जनरल अस्पताल गए जहां उसे डॉक्टरों ने चेक कर दवाई दी और बाद में घर भेज दिया।
जून में 416 गलतियां आईं सामने
उपभोक्ताओं के पानी के बिल को प्राइवेट कंपनी ने तैयार किया था। अभी तक हुडा ने 416 बिल को गलत पाया है। किसी बिल में गलत मीटर रीडिंग, ओवर चार्ज, गलत केलकुलेशन सहित कई तरह की गलतियां थीं। जिसे वापस हुडा ने कंपनी को ठीक करने के लिए भेजा है। इनमें से 116 बिल को वापस लोगों तक भेजा गया।
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रेजीडेंट्स का कहना था कि एक दिन पहले पानी का बिल भेजने का कोई मतलब नहीं है। लोग सिर्फ बिल के देरी से मिलने के कारण ही परेशान नहीं थे, बल्कि उनकी परेशानी इस कारण भी रही कि बिल में कई गड़बड़ियां थीं। जिसे ठीक करवाने के लिए भी उनको घंटो इंतजार करना पड़ा।
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सेक्टर 10 स्थित हुडा ऑफिस में पानी की बिल जमा करने की अंतिम तिथि 21 जून होने की वजह से शहर के तमाम उपभोक्ता बिल जमा कराने पहुंचे। हालात यह थे कि ऑफिस के दोनों ओर करीब आधी किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी थी। सभी लोग गर्मी की वजह से परेशान हो रहे थे और अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
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लोग जब बिजली का बिल जमा करवाने के लिए पहुंचे तो हुडा का सर्वर डाउन था। इसके कारण भारी उमस और गर्मी के बीच बच्चे, बुजुर्ग व महिलाओं के साथ हर आयुवर्ग के लोग आधा किलोमीटर की लंबी लाइन बिल जमा कराने के लिए लगे रहे। कुछ लोग तो सर्वर डाउन होने के कारण वापस घर चले गए।
यहां गर्मी से बेहाल एक बच्चा बेहोश होकर गिर पड़ा। जिसकी उम्र महज 12 साल थी। आनन फानन में बच्चे के दादा सुरमुख सिंह उसे लेकर जनरल अस्पताल गए जहां उसे डॉक्टरों ने चेक कर दवाई दी और बाद में घर भेज दिया।
जून में 416 गलतियां आईं सामने
उपभोक्ताओं के पानी के बिल को प्राइवेट कंपनी ने तैयार किया था। अभी तक हुडा ने 416 बिल को गलत पाया है। किसी बिल में गलत मीटर रीडिंग, ओवर चार्ज, गलत केलकुलेशन सहित कई तरह की गलतियां थीं। जिसे वापस हुडा ने कंपनी को ठीक करने के लिए भेजा है। इनमें से 116 बिल को वापस लोगों तक भेजा गया।