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हरियाणा : प्रदेश के 40 हजार निकाय कर्मियों की 23 मई से दो दिवसीय हड़ताल, सफाई व्यवस्था चरमराने की आशंका
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चंडीगढ़। हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के 40 हजार कर्मचारी 23 मई से दो दिवसीय टूल, पेन डाउन हड़ताल पर रहेंगे। इसमें अग्निशमन के कर्मचारी भी शामिल होंगे। जलापूर्ति कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे, लेकिन भीषण गर्मी को देखते पेयजल आपूर्ति सुचारू रखेंगे। कर्मियों के काम न करने से सफाई व्यवस्था चरमराने के आसार हैं।
हड़ताल का आह्वान नगरपालिका कर्मचारी संघ ने किया है। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि हड़ताल का पुरजोर समर्थन करेंगे। सभी जिला कमेटियों और विभागीय संगठनों के राज्य प्रधान व महासचिव को सर्कुलर भेजकर हड़ताल में बढ़-चढ़कर शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर बातचीत से मांगों का समाधान करने की बजाय दमनात्मक कार्रवाई कर हड़ताल को कमजोर करने का प्रयास किया गया, तो अन्य विभागों के कर्मचारी सड़कों पर उतरकर माकूल जवाब देंगे। नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि 23-24 मई की हड़ताल में 11 नगर निगमों, 21 परिषदों व 58 नगर पालिकाओं के करीब 40 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अनुसूचित जाति के कर्मियों की लंबित मांगों एवं समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। लंबे आंदोलन के बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉक्टर कमल गुप्ता ने 10 मई 2022 को वार्ता तो की, मगर मांग पत्र में शामिल 19 में से केवल 8 मांगों पर ही चर्चा की। वार्ता में मांगों का समाधान नहीं हुआ और बैठक बेनतीजा रही। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकारी विभागों, लघु एवं भारी उद्योगों, सोसायटी, निजी कालोनियों में सीवर सेफ्टी टैंक, सीवर सफाई का कार्य बिना सेफ्टी उपकरणों के मैनुअल तौर पर करवाया जा रहा है। दर्जनों मौतों के बावजूद सरकार ने आज तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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हड़ताल का आह्वान नगरपालिका कर्मचारी संघ ने किया है। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि हड़ताल का पुरजोर समर्थन करेंगे। सभी जिला कमेटियों और विभागीय संगठनों के राज्य प्रधान व महासचिव को सर्कुलर भेजकर हड़ताल में बढ़-चढ़कर शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर बातचीत से मांगों का समाधान करने की बजाय दमनात्मक कार्रवाई कर हड़ताल को कमजोर करने का प्रयास किया गया, तो अन्य विभागों के कर्मचारी सड़कों पर उतरकर माकूल जवाब देंगे। नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि 23-24 मई की हड़ताल में 11 नगर निगमों, 21 परिषदों व 58 नगर पालिकाओं के करीब 40 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अनुसूचित जाति के कर्मियों की लंबित मांगों एवं समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। लंबे आंदोलन के बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉक्टर कमल गुप्ता ने 10 मई 2022 को वार्ता तो की, मगर मांग पत्र में शामिल 19 में से केवल 8 मांगों पर ही चर्चा की। वार्ता में मांगों का समाधान नहीं हुआ और बैठक बेनतीजा रही। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकारी विभागों, लघु एवं भारी उद्योगों, सोसायटी, निजी कालोनियों में सीवर सेफ्टी टैंक, सीवर सफाई का कार्य बिना सेफ्टी उपकरणों के मैनुअल तौर पर करवाया जा रहा है। दर्जनों मौतों के बावजूद सरकार ने आज तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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