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वीआईपी मोबाइल नंबर देने का झांसा देकर 36 हजार ठगने के दो आरोपी गिरफ्तार
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पंचकूला। मोबाइल का वीआईपी नंबर देने का झांसा देकर 36 हजार रुपये ठगने वाले दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच-26 की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गुरइबाल सिंह अमृतसर और दीपक बत्रा अमृतसर निवासी के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच ने आरोपियों से दस हजार रुपये भी बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया है। वहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपी दीपक बत्रा ने अंबाला, चंडीगढ़ और मोहाली में वीआईपी नंबर देने का झांसा देकर कई लोगों से ठगी की है।
इंस्टाग्राम पर देखा था वीआईपी नंबर का पेज
सेक्टर-7 निवासी विक्रमादित्य ने सेक्टर-7 पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने कुछ समय पहले इंस्टाग्राम पर वीआईपी नंबर फॉर पंजाब के नाम से एक पेज देखा था। इस पर कई वीआईपी नंबर दिख रहे थे। शिकायतकर्ता ने 1-2 नंबर के रेट 18 जुलाई 2021 को पूछे थे, कुछ दिनों के बाद शिकायतकर्ता को एक व्हाट्स एप ग्रुप वीआईपी नंबर फॉर पंजाब पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने एड कर लिया था। ग्रुप में शिकायतकर्ता को अलग-अलग वीआईपी नंबर आने लगे। शिकायतकर्ता ने एक नंबर के बारे में पूछा तो उसे 28000 रुपये बताए। इसके बाद आरोपी ने डील करने के लिए अपना मोबाइल नंबर दिया।
25 हजार रुपये में एक नंबर की हुई डील
जब शिकायतकर्ता ने फोन कर वीआईपी नंबर लेने के लिए उसकी कीमत 25 हजार रुपये बताई तो उसे नंबर के लिए पोर्टिंग कोड भेजने के लिए एक अकाउंट नंबर दिया गया। शिकायतकर्ता ने 15 हजार रुपये 5 अगस्त को आरोपी के अकाउंट में भेजा। इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक पोर्टिंग कोड दिया और सिम इश्यू हो गया। अगले दिन शिकायतकर्ता ने 10 हजार रुपये उसी अकाउंट में और डलवा दिए, लेकिन सिम अगले दिन तक एक्टिवेट नहीं हुआ।
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आरोपी ने पोर्टिंग कोड निरस्त करवा दिया
शिकायतकर्ता ने कंपनी से पता किया तो पोर्टिंग कोड निरस्त हो गया है। इसके बाद आरोपी से पूछा तो उसने दोबारा से 11000 रुपये और सिक्योरिटी जमा करवाने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने 11 हजार रुपये और जमा करवा दिए। शिकायतकर्ता ने आरोपी से इस बारे में पूछताछ की तो उसने उसको ग्रुप से हटा दिया और पैसे मांगने पर फोन उठाना बंद कर दिया। पैसे मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी भी देने लगा।
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इंस्टाग्राम पर देखा था वीआईपी नंबर का पेज
सेक्टर-7 निवासी विक्रमादित्य ने सेक्टर-7 पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने कुछ समय पहले इंस्टाग्राम पर वीआईपी नंबर फॉर पंजाब के नाम से एक पेज देखा था। इस पर कई वीआईपी नंबर दिख रहे थे। शिकायतकर्ता ने 1-2 नंबर के रेट 18 जुलाई 2021 को पूछे थे, कुछ दिनों के बाद शिकायतकर्ता को एक व्हाट्स एप ग्रुप वीआईपी नंबर फॉर पंजाब पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने एड कर लिया था। ग्रुप में शिकायतकर्ता को अलग-अलग वीआईपी नंबर आने लगे। शिकायतकर्ता ने एक नंबर के बारे में पूछा तो उसे 28000 रुपये बताए। इसके बाद आरोपी ने डील करने के लिए अपना मोबाइल नंबर दिया।
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25 हजार रुपये में एक नंबर की हुई डील
जब शिकायतकर्ता ने फोन कर वीआईपी नंबर लेने के लिए उसकी कीमत 25 हजार रुपये बताई तो उसे नंबर के लिए पोर्टिंग कोड भेजने के लिए एक अकाउंट नंबर दिया गया। शिकायतकर्ता ने 15 हजार रुपये 5 अगस्त को आरोपी के अकाउंट में भेजा। इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक पोर्टिंग कोड दिया और सिम इश्यू हो गया। अगले दिन शिकायतकर्ता ने 10 हजार रुपये उसी अकाउंट में और डलवा दिए, लेकिन सिम अगले दिन तक एक्टिवेट नहीं हुआ।
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आरोपी ने पोर्टिंग कोड निरस्त करवा दिया
शिकायतकर्ता ने कंपनी से पता किया तो पोर्टिंग कोड निरस्त हो गया है। इसके बाद आरोपी से पूछा तो उसने दोबारा से 11000 रुपये और सिक्योरिटी जमा करवाने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने 11 हजार रुपये और जमा करवा दिए। शिकायतकर्ता ने आरोपी से इस बारे में पूछताछ की तो उसने उसको ग्रुप से हटा दिया और पैसे मांगने पर फोन उठाना बंद कर दिया। पैसे मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी भी देने लगा।