{"_id":"68ed2c5a54ee1d0f90064428","slug":"to-save-punjab-from-floods-work-of-removing-silt-from-rivers-will-start-panchkula-news-c-16-1-pkl1082-844488-2025-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: पंजाब को बाढ़ से बचाने के लिए नदियों से गाद निकालने का काम होगा शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: पंजाब को बाढ़ से बचाने के लिए नदियों से गाद निकालने का काम होगा शुरू
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार प्रदेश को बाढ़ से बचाने के लिए नदियों से गाद निकालने का काम शुरू करेगी जिसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। सरकार ने सतलुज व ब्यास की 85 साइटों को चिह्नित किया है जहां गाद निकालना अब जरूरी है।
ब्यास के 28 स्थलों से गाद निकालने की मंजूरी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, क्योंकि ब्यास से गाद निकालने की इजाजत नहीं है। वर्ष 2017 में ब्यास के 260 किलोमीटर लंबे हिस्से को रामसर साइट घोषित कर दिया गया था। सीएम भगवंत मान की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है। कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि बाढ़ के पानी के साथ ही नदियों में रेत व गादी आई है जिसे निकालने के टेंडर फाइनल लिए गए हैं। अब 21 दिन के टेंडर को घटाकर 14 दिन का कर दिया है ताकि जल्दी इसका काम अलॉट हो सके। अगले मानसून सीजन से पहले इसे पूरा करना है।
थानों के क्षेत्राधिकार में होगा बदला, गांवों को नजदीकी थानों के साथ जोड़ा जाएगा :
सरकार थानों के क्षेत्राधिकार में भी बदलाव करने जा रही है। गांवों को अब अपने पास के थानों के साथ ही जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को शिकायतें दर्ज करवाने के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में सरकार ने सभी थानों को लेकर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। चीमा ने बताया कि अभी फिलहाल कई गांवों की यह स्थिति है कि वे अपने 10 किलोमीटर के दायरे में पड़ते थाने के पास नहीं, बल्कि 40 किलोमीटर दूर थाने के साथ लिंक हैं। इससे लोगों को एक बड़ी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
10 से 15 प्रतिशत कम होगा संपत्तियों को आरक्षित मूल्य, नीति में संशोधन को मंजूरी
बैठक में विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों के आरक्षित मूल्य को निर्धारित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने प्लॉटों की आरक्षित कीमत तय करने की नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी है। संशोधित ई-नीलामी नीति के अनुसार साइट की आरक्षित कीमत राष्ट्रीय बैंकों में सूचीबद्ध तीन स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं के मूल्यांकन के आधार पर निर्धारित की जाएगी। एक बार नीलामी के लिए निर्धारित की गई आरक्षित कीमत एक कैलेंडर वर्ष के लिए मान्य रहेगी। पहली बार नीलामी न होने पर दूसरी बार 10 प्रतिशत आरक्षित मूल्य कम किया जाएगा जबकि तीसरी बार आरक्षित मूल्य को 5 प्रतिशत घटाया जाएगा।
माइनर मिनरल रूल्स-2013 में संशोधन को मंजूरी, लगाया जाएगा शुल्क :
कैबिनेट ने पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसमें राज्य में प्रवेश करने वाले उन वाहनों पर शुल्क लगाया जाएगा जो प्रोसेस्ड या बिना प्रोसेस्ड छोटे खनिज पदार्थ (माइनर मिनरल्स) ले जाते हैं। इससे अंतरराज्यीय चेक पोस्टों पर होने वाले संचालन लागत को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही इन चेक पोस्टों के सिस्टम को और मजबूत व प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी जिससे उनकी देखभाल और रखरखाव में मदद मिलेगी। यहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम जाएगी।
जेलों में स्निफर डॉग किए जाएंगे तैनात, नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना मकसद :
चीमा ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए कैबिनेट ने पंजाब ट्रांसपेरेंसी इन प्रोक्योरमेंट एक्ट के तहत स्निफर डॉग खरीदने के लिए छूट दी है। जेलों के भीतर आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए जेलों की सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए बीएसएफ, सीआरपीएफ से छह स्निफर डॉग खरीदे जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना क्षेत्र की रोलिंग मिलों को कोयले से पीएनजी में परिवर्तित करने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी के गठन को कार्योत्तर मंजूरी दे दी। कोयले पर ही इन मिलों को चलाने के लिए भी एनजीटी में मजबूती से पक्ष रखा जाएगा।
फसल नुकसान के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपये मुआवजे को भी मंजूरी
कैबिनेट में बाढ़ से नुकसान की भरपाई के लिए राज्य के बजट से मुआवजा देने की संशोधित राहत राशि की दरों को भी मंजूरी दे दी। फैसले के तहत 26 से 75 प्रतिशत तक फसल नुकसान के लिए प्रति एकड़ 10,000 रुपये और 76 से 100 प्रतिशत तक नुकसान के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए प्रति घर 40,000 दिए जाएंगे जबकि पहले यह राशि केवल 6,500 रुपये प्रति एकड़ थी। केंद्र सरकार की तरफ से एसडीआरएफ से दी जाने वाली राशि में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी इसलिए अतिरिक्त मुआवजा राशि राज्य सरकार अपने खजाने से वहन करेगी।
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब सरकार प्रदेश को बाढ़ से बचाने के लिए नदियों से गाद निकालने का काम शुरू करेगी जिसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। सरकार ने सतलुज व ब्यास की 85 साइटों को चिह्नित किया है जहां गाद निकालना अब जरूरी है।
ब्यास के 28 स्थलों से गाद निकालने की मंजूरी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, क्योंकि ब्यास से गाद निकालने की इजाजत नहीं है। वर्ष 2017 में ब्यास के 260 किलोमीटर लंबे हिस्से को रामसर साइट घोषित कर दिया गया था। सीएम भगवंत मान की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है। कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि बाढ़ के पानी के साथ ही नदियों में रेत व गादी आई है जिसे निकालने के टेंडर फाइनल लिए गए हैं। अब 21 दिन के टेंडर को घटाकर 14 दिन का कर दिया है ताकि जल्दी इसका काम अलॉट हो सके। अगले मानसून सीजन से पहले इसे पूरा करना है।
विज्ञापन
थानों के क्षेत्राधिकार में होगा बदला, गांवों को नजदीकी थानों के साथ जोड़ा जाएगा :
सरकार थानों के क्षेत्राधिकार में भी बदलाव करने जा रही है। गांवों को अब अपने पास के थानों के साथ ही जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को शिकायतें दर्ज करवाने के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में सरकार ने सभी थानों को लेकर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। चीमा ने बताया कि अभी फिलहाल कई गांवों की यह स्थिति है कि वे अपने 10 किलोमीटर के दायरे में पड़ते थाने के पास नहीं, बल्कि 40 किलोमीटर दूर थाने के साथ लिंक हैं। इससे लोगों को एक बड़ी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
10 से 15 प्रतिशत कम होगा संपत्तियों को आरक्षित मूल्य, नीति में संशोधन को मंजूरी
बैठक में विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों के आरक्षित मूल्य को निर्धारित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने प्लॉटों की आरक्षित कीमत तय करने की नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी है। संशोधित ई-नीलामी नीति के अनुसार साइट की आरक्षित कीमत राष्ट्रीय बैंकों में सूचीबद्ध तीन स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं के मूल्यांकन के आधार पर निर्धारित की जाएगी। एक बार नीलामी के लिए निर्धारित की गई आरक्षित कीमत एक कैलेंडर वर्ष के लिए मान्य रहेगी। पहली बार नीलामी न होने पर दूसरी बार 10 प्रतिशत आरक्षित मूल्य कम किया जाएगा जबकि तीसरी बार आरक्षित मूल्य को 5 प्रतिशत घटाया जाएगा।
माइनर मिनरल रूल्स-2013 में संशोधन को मंजूरी, लगाया जाएगा शुल्क :
कैबिनेट ने पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसमें राज्य में प्रवेश करने वाले उन वाहनों पर शुल्क लगाया जाएगा जो प्रोसेस्ड या बिना प्रोसेस्ड छोटे खनिज पदार्थ (माइनर मिनरल्स) ले जाते हैं। इससे अंतरराज्यीय चेक पोस्टों पर होने वाले संचालन लागत को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही इन चेक पोस्टों के सिस्टम को और मजबूत व प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी जिससे उनकी देखभाल और रखरखाव में मदद मिलेगी। यहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम जाएगी।
जेलों में स्निफर डॉग किए जाएंगे तैनात, नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना मकसद :
चीमा ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए कैबिनेट ने पंजाब ट्रांसपेरेंसी इन प्रोक्योरमेंट एक्ट के तहत स्निफर डॉग खरीदने के लिए छूट दी है। जेलों के भीतर आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए जेलों की सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए बीएसएफ, सीआरपीएफ से छह स्निफर डॉग खरीदे जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना क्षेत्र की रोलिंग मिलों को कोयले से पीएनजी में परिवर्तित करने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी के गठन को कार्योत्तर मंजूरी दे दी। कोयले पर ही इन मिलों को चलाने के लिए भी एनजीटी में मजबूती से पक्ष रखा जाएगा।
फसल नुकसान के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपये मुआवजे को भी मंजूरी
कैबिनेट में बाढ़ से नुकसान की भरपाई के लिए राज्य के बजट से मुआवजा देने की संशोधित राहत राशि की दरों को भी मंजूरी दे दी। फैसले के तहत 26 से 75 प्रतिशत तक फसल नुकसान के लिए प्रति एकड़ 10,000 रुपये और 76 से 100 प्रतिशत तक नुकसान के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए प्रति घर 40,000 दिए जाएंगे जबकि पहले यह राशि केवल 6,500 रुपये प्रति एकड़ थी। केंद्र सरकार की तरफ से एसडीआरएफ से दी जाने वाली राशि में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी इसलिए अतिरिक्त मुआवजा राशि राज्य सरकार अपने खजाने से वहन करेगी।