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Panchkula News: सेक्टर-12ए सार्थक स्कूल की केमिस्ट्री लैब में हादसा, तीन छात्र झुलसे

Tue, 11 Nov 2025 12:30 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:30 AM IST
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Three students sustained burn injuries in the chemistry lab of Sector 12A Sarthak School.
पंचकूला। सेक्टर-12ए स्थित सार्थक स्कूल की केमिस्ट्री लैब में सोमवार सुबह हादसा हो गया। प्रयोग के दौरान फिनाल और नाइट्रिक एसिड को मिलाते ही अचानक रासायनिक प्रतिक्रिया हुई और धमाका हो गया। इससे तीनों छात्रों के चेहरे पर रासायनिक छींटे पड़ गए और उन्हें चोटें आईं। इस घटना में 12वीं कक्षा के विद्यार्थी अनिशा, तनवी और आतिश झुलस गए।
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घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने तत्काल बच्चों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल सेक्टर- 6 पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। हालांकि छात्र आतिश की हालत देखकर उसके पिता उसे चंडीगढ़ पीजीआई ले गए हैं ताकि आगे का उपचार कराया जा सके। पीजीआई में इलाज के बाद छात्र को डिस्चार्ज कर दिया गया है। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में आई तनवी की मां दीपशिखा ने बताया कि हादसे के समय लैब में रसायन विज्ञान के शिक्षक सुनील अरोड़ा की मौजूदगी में प्रयोग किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि शिक्षक की निगरानी में ऐसा हादसा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अनिशा की मां ने बताया कि बच्चों ने घर में बताया कि यह दुर्घटना उनकी गलती से हुई। उन्होंने कहा भगवान का शुक्र है कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। सभी बच्चे सुरक्षित हैं हालांकि उनके चेहरों पर रासायनिक छींटों के कारण नुकसान हुआ है जो समय के साथ ही ठीक हो पाएंगे। स्कूल प्रशासन ने इस घटना को एक दुर्घटना बताया है और कहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया लेकिन रासायनिक प्रतिक्रिया उम्मीद से तेज हो गई। हादसे के बाद स्कूल में सुरक्षा उपायों की दोबारा समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
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यह कहा स्कूल की प्रिंसिपल ने
स्कूल प्रिंसिपल रेणु बाला ने बताया कि कैमिस्ट्री लैब में 12वीं कक्षा का प्रैक्टिकल चल रहा था। विद्यार्थियों को एक्सपेरिमेंट करना था। केमिकल लैब में अलमारी में बंद होते हैं। बच्चों को केमिकल टीचर ने ही निकालकर दिया। एक्सपेरिमेंट के लिए अभी टीचर सुनील अरोड़ा ने आदेश देना था लेकिन आतिश उस समय साथ साथ किताब भी खोलकर पढ़ रहा था। उसने टीचर के आदेश से पहले ही केमिकल ज्यादा मात्रा में डाल दिया जिससे विस्फोट हो गया। वहीं दो अन्य छात्राएं भी इसकी चपेट में आ गईं। बताया जा रहा है कि छात्र आतिश होनहार छात्र है और पढ़ाई में अच्छा है। पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए उसे हरियाणा के मुख्यमंत्री सम्मानित भी कर चुके हैं।
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इस तरह से करें बचाव
सेक्टर -1 पीजी कॉलेज के रसायन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परवेज गुप्ता ने बताया कि बच्चों को किसी भी रसायन या प्रयोगशाला उपकरण को छूने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जबतक कि उन्हें ऐसा करने का निर्देश न दिया जाए। विद्यार्थियों को कभी भी अपने शिक्षकों की अनुपस्थिति में प्रयोगशाला में काम नहीं करना चाहिए। विद्यार्थियों को प्रयोग करते समय सभी लिखित और मौखिक निर्देशों का पालन करना चाहिए। अगर वे किसी बात का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें पहले उसे स्पष्ट करना होगा। प्रयोगशाला में सतर्क और सावधान रहना जरूरी है। खाना-पीना, शरारतें करना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना या संगीत सुनने पर सख्ती होनी चाहिए। किसी भी रसायन का इस्तेमाल करने से पहले, लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए। रसायन मिलाते समय या प्रयोग करते समय रसायन वाली परखनली को अपने चेहरे, मुंह और शरीर से दूर रखना चाहिए। बचे हुए रसायनों को कभी भी मूल बोतल में वापस नहीं डालना चाहिए। प्रयोगशाला सहायक या विज्ञान शिक्षक द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार उनका निपटान किया जाना चाहिए। छात्रों को विज्ञान प्रयोगशाला में सुरक्षा चश्मा, लैब कोट और जूते पहनने चाहिए। स्कूल की विज्ञान प्रयोगशालाओं में ढीले कपड़े, सैंडल और खुले बाल रखने की मनाही होनी चाहिए। इस्तेमाल से पहले कांच के बर्तनों की जांच कर लें। टूटी या टूटी हुई टेस्ट ट्यूब या बीकर का इस्तेमाल न करें। गर्म उपकरणों को ठंडा होने में समय लगता है। इसके लिए समय दें और फिर उन्हें उठाने के लिए चिमटे या गर्मी से बचाव वाले दस्तानों का इस्तेमाल करें। अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो घबराएं नहीं तुरंत किसी वरिष्ठ शिक्षक या लैब सहायक को सूचित करें।



कोट्
स्कूल के बच्चों को सुबह इलाज के लिए इमरजेंसी लाया गया था। जरूरी उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
-डाक्टर मनदीप सिंह, इमरजेंसी इंचार्ज, सेक्टर-6 सिविल अस्पताल
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