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Panchkula News: अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के तीन तस्कर काबू
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सीमा पार सिंडिकेट से जुड़े बड़े नार्को-टेरर फंडिंग मामले में आरोपियों की दूसरी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से साफ है कि पाकिस्तान से तस्करी कर लाई गई हेरोइन और हथियारों की बिक्री से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था और आरोपी पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर इस नेटवर्क में सक्रिय थे।
अदालत के अनुसार आरोपी हरमेश सिंह, दरवेश सिंह और गुरमेज सिंह तस्करी की खेप में से अलग किए गए ड्रग पैकेटों, हथियारों और विस्फोटकों की खेप को खेतों या घरों में छिपाने के बाद उसकी तस्वीरें खींचकर व्हाट्सएप के जरिये लखबीर सिंह रोडे तक भेजते थे। दो पिस्टल, दो टिफिन बम, चार ग्रेनेड, मैगजीन, डेटोनेटर बॉक्स और 3 लाख रुपये की आतंकी फंडिंग की खेप गुरमुख सिंह और गगनदीप सिंह ने उठाई और इसे अलग-अलग जगहों पर छिपाया।
कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया दोनों अपीलकर्ता राष्ट्र-विरोधी नेटवर्क का हिस्सा दिखते हैं, जो नार्को-आतंकवाद जैसी खतरनाक गतिविधियों में शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के मुताबिक गुरमेज सिंह ने हरमेश के निर्देश पर दरवेश से 8 लाख रुपये की आतंकी फंडिंग ली थी, जो पाकिस्तान स्थित लखबीर सिंह रोडे के नेटवर्क द्वारा मादक पदार्थों की बिक्री से जुटाई गई थी और यह रकम बाद में सरपंच सारज सिंह के एक कर्मचारी को सौंप दी गई।
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यह मामला 2021 में थाना ममदोट में दर्ज एफआईआर से शुरू हुआ था, जिसे बाद में एनआईए ने संभाल लिया। अंत में अदालत ने ट्रायल में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि गवाहों की जांच का तय कार्यक्रम बनाया जाए, विशेष दूत तैनात किए जाएं और संबंधित एसएसपी के माध्यम से गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि मामले का निपटारा जल्द हो सके। ब्यूरो
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अदालत के अनुसार आरोपी हरमेश सिंह, दरवेश सिंह और गुरमेज सिंह तस्करी की खेप में से अलग किए गए ड्रग पैकेटों, हथियारों और विस्फोटकों की खेप को खेतों या घरों में छिपाने के बाद उसकी तस्वीरें खींचकर व्हाट्सएप के जरिये लखबीर सिंह रोडे तक भेजते थे। दो पिस्टल, दो टिफिन बम, चार ग्रेनेड, मैगजीन, डेटोनेटर बॉक्स और 3 लाख रुपये की आतंकी फंडिंग की खेप गुरमुख सिंह और गगनदीप सिंह ने उठाई और इसे अलग-अलग जगहों पर छिपाया।
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कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया दोनों अपीलकर्ता राष्ट्र-विरोधी नेटवर्क का हिस्सा दिखते हैं, जो नार्को-आतंकवाद जैसी खतरनाक गतिविधियों में शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के मुताबिक गुरमेज सिंह ने हरमेश के निर्देश पर दरवेश से 8 लाख रुपये की आतंकी फंडिंग ली थी, जो पाकिस्तान स्थित लखबीर सिंह रोडे के नेटवर्क द्वारा मादक पदार्थों की बिक्री से जुटाई गई थी और यह रकम बाद में सरपंच सारज सिंह के एक कर्मचारी को सौंप दी गई।
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यह मामला 2021 में थाना ममदोट में दर्ज एफआईआर से शुरू हुआ था, जिसे बाद में एनआईए ने संभाल लिया। अंत में अदालत ने ट्रायल में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि गवाहों की जांच का तय कार्यक्रम बनाया जाए, विशेष दूत तैनात किए जाएं और संबंधित एसएसपी के माध्यम से गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि मामले का निपटारा जल्द हो सके। ब्यूरो