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अनुकंपा आधार पर नौकरी पाने वाले आवेदन के नहीं नियुक्ति के दिन से वरिष्ठता के पात्र: हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने वाले की वरिष्ठता आवेदन के दिन से नहीं बल्कि नियुक्ति की तिथि से मानी जाएगी। हाईकोर्ट ने नायब तहसीलदारों की वरिष्ठता सूची खारिज करने के सिंगल बेंच के फैसले पर मुहर लगाते हुए यह आदेश जारी किया है। बठिंडा निवासी जसपाल सिंह बराड़ और अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उनकी नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर की गई थी। नायब तहसीलदारों की वरिष्ठता सूची में उनको आवेदन की तिथि से सेवा में मानकर वरिष्ठता दी गई थी, जिसे सिंगल बेंच के समक्ष चुनौती दी गई थी। सिंगल बेंच ने 17 फरवरी, 2023 को वरिष्ठता सूची को खारिज करते हुए नियमों के अनुसार नए सिरे से तैयार करने का आदेश दिया था।
इसे चुनौती देते हुए खंडपीठ को बताया गया कि उनको उनके आवेदन की तिथि से वरिष्ठता देने का पंजाब सरकार का निर्णय सही है, क्योंकि नियुक्ति में देरी के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। साथ ही हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया गया कि अदालत ने ही अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की वरिष्ठता सूची तैयार करने का आदेश दिया था।
सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि आवेदन करने वालों की वरिष्ठता सूची तैयार करने का आदेश उन्हें नियुक्ति के उद्देश्य से दिया गया था। नियुक्ति के बाद आवेदन की तिथि से वरिष्ठता का लाभ देने के लिए नहीं। यदि आवेदन की तिथि से वरिष्ठता का लाभ दिया गया तो नियमित भर्ती से आने वाले लोग अनुकंपा आधार पर नौकरी पाने वालों से जूनियर हो जाएंगे। ऐसे में हाईकोर्ट ने वरिष्ठता सूची खारिज करने के आदेश पर मुहर लगाते हुए सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।
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इसे चुनौती देते हुए खंडपीठ को बताया गया कि उनको उनके आवेदन की तिथि से वरिष्ठता देने का पंजाब सरकार का निर्णय सही है, क्योंकि नियुक्ति में देरी के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। साथ ही हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया गया कि अदालत ने ही अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की वरिष्ठता सूची तैयार करने का आदेश दिया था।
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सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि आवेदन करने वालों की वरिष्ठता सूची तैयार करने का आदेश उन्हें नियुक्ति के उद्देश्य से दिया गया था। नियुक्ति के बाद आवेदन की तिथि से वरिष्ठता का लाभ देने के लिए नहीं। यदि आवेदन की तिथि से वरिष्ठता का लाभ दिया गया तो नियमित भर्ती से आने वाले लोग अनुकंपा आधार पर नौकरी पाने वालों से जूनियर हो जाएंगे। ऐसे में हाईकोर्ट ने वरिष्ठता सूची खारिज करने के आदेश पर मुहर लगाते हुए सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।
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