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Panchkula News: सरकार और डाॅक्टरों में खींचतान जारी, मरीजों पर भारी पड़ रही बीमारी
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पंचकूला सेक्टर 6 डीजी हेल्थ के दफ्तर के सामने अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे डॉक्टरों को उठात
चार दिन में ओपीडी रह गई आधी, ड्यूटी पर लाैटने वाले डाॅक्टर भी मरीजों को नहीं जांच रहे
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला जिले में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल वीरवार को भी जारी रही। समान्य दिनों 4000 तक होने वाली ओपीडी चार दिनों की हड़ताल के कारण लगभग आधी 2500 तक रह गई है। इस तरह अस्पताल में करीब 1500 मरीजों की भारी गिरावट देखी जा रही है। वहीं सरकार के दबाव में ड्यूटी पर लाैटे 72 डॉक्टर ओपीडी में आकर हाजिरी लगाकर एसोसिएशन के दबाव में हड़ताल पर निकल जाते हैं। ऐसे में मरीज डाॅक्टर के आने का इंतजार करते रहते हैं। उनकी सुनने वाला कोई नही हैं। पिछले चार दिनों से मरीजों की आफत कम होने का नाम नहीं ले रही है। यही कारण है कि सिविल अस्पताल में मरीज घटते जा रहे हैं। ऐसे में जो मरीज आ रहे हैं उन्हें भी अस्पताल सही इलाज देने में लाचार और बेबस नजर आ रहा है। पिछले चार दिनों से हालात जस के तस बने हैं। सरकार और हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के बीच मांगों की रस्साकशी जारी है। मरीजों की परवाह किसी को नहीं है। वीरवार को अधिकतर ओपीडी के बाहर मरीज इलाज के लिए तरसते दिखाई दिए। मरीजों को इलाज के लिए तीन से चार घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर ड्यूटी पर लाैटने वाले डाॅक्टर भी हड़ताल का समर्थन करते हुए मरीजों को नहीं देख रहे हैं।
वीरवार को सिविल अस्पताल में मुलाना मेडिकल कॉलेज के 23 डॉक्टर, 21 कंसलटेंट, 40 डीएनबी डॉक्टर, ईएसआई से 3 डॉक्टर, डेंटल कैंडर के 33 डॉक्टर और नेशनल हेल्थ मिशन के 21 डॉक्टरों ने सेवाएं जारी रखीं।
डॉक्टर और पुलिस में हुई बहस
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान राजेश ख्यालिया सहित अन्य डॉक्टर सेक्टर-6 के हरियाणा डीजी हेल्थ दफ्तर पर पहुंचे। वहां पहले से माैजूद पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठने वाले डॉक्टरों को रोक दिया। इस दौरान एसोसिएशन और पुलिस के बीच जमकर बहस हुई। राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार हमारी मांगें नहीं मान रही और डॉक्टरों को पुलिस का डर दिखाकर जबरन ड्यूटी पर बुलाया जा रहा है।
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मरीजों की परेशानियां
नहीं मिला इलाज
मैं हड्डी की ओपीडी में आई थी। नंबर लगाने के तीन घंटे बाद भी डॉक्टर नहीं थे। इलाज नहीं मिला अब एक्सरे और इलाज के लिए दोबारा आना पड़ेगा। - पूजा, राजीव कॉलोनी
इलाज देरी से मिला
मेरे पैर की हड्डी टूट गई थी। ओपीडी में डॉक्टर नहीं बैठे थे। इसलिए इलाज में देरी हुई। -उमेश, पीरमुछल्ला
ओपीडी में नहीं थे, इलाज नहीं हुआ
टीबी ओपीडी में सांस और सीने में दर्द की समस्या के कारण आया था। डॉक्टर दो घंटे से नहीं हैं। इलाज चार घंटे बाद मिला। ये परेशानी कब खत्म होगी। - शुभम, यमुनानगर
ऑपरेशन के लिए तीन दिन से खा रहे धक्के
मेरे पैर का कूल्हा टूट गया। तीन घंटे लाइन में लगने के बाद नंबर आया। ऑपरेशन में भीड़ अधिक थी इसलिए परेशानी हुई। - सबरीन, कालाअंब
अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया
डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ पंचकूला ने बताया कि सभी ओपीडी और ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। हड़ताल करने वाले डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। बाहर से डॉक्टर बुलाकर सभी सुविधाएं जारी रखी जा रही हैं।
मरीजों की कुल ओपीडी-- 2500
सर्जरी हुई-- -- -- -- -- 23
एमएलआर-- -- -7
कुल डिलीवरी हुई-- -12
सिजेरियन डिलीवरी-- -- -4
डायलिसिस-- -- 32
एमएलआर-- -- 8
अल्ट्रासाउंड-- -- 19
एक्सरे-- -- 117
लैब टेस्ट-- -1600
पोस्टमार्टम-- 2
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला जिले में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल वीरवार को भी जारी रही। समान्य दिनों 4000 तक होने वाली ओपीडी चार दिनों की हड़ताल के कारण लगभग आधी 2500 तक रह गई है। इस तरह अस्पताल में करीब 1500 मरीजों की भारी गिरावट देखी जा रही है। वहीं सरकार के दबाव में ड्यूटी पर लाैटे 72 डॉक्टर ओपीडी में आकर हाजिरी लगाकर एसोसिएशन के दबाव में हड़ताल पर निकल जाते हैं। ऐसे में मरीज डाॅक्टर के आने का इंतजार करते रहते हैं। उनकी सुनने वाला कोई नही हैं। पिछले चार दिनों से मरीजों की आफत कम होने का नाम नहीं ले रही है। यही कारण है कि सिविल अस्पताल में मरीज घटते जा रहे हैं। ऐसे में जो मरीज आ रहे हैं उन्हें भी अस्पताल सही इलाज देने में लाचार और बेबस नजर आ रहा है। पिछले चार दिनों से हालात जस के तस बने हैं। सरकार और हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के बीच मांगों की रस्साकशी जारी है। मरीजों की परवाह किसी को नहीं है। वीरवार को अधिकतर ओपीडी के बाहर मरीज इलाज के लिए तरसते दिखाई दिए। मरीजों को इलाज के लिए तीन से चार घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर ड्यूटी पर लाैटने वाले डाॅक्टर भी हड़ताल का समर्थन करते हुए मरीजों को नहीं देख रहे हैं।
वीरवार को सिविल अस्पताल में मुलाना मेडिकल कॉलेज के 23 डॉक्टर, 21 कंसलटेंट, 40 डीएनबी डॉक्टर, ईएसआई से 3 डॉक्टर, डेंटल कैंडर के 33 डॉक्टर और नेशनल हेल्थ मिशन के 21 डॉक्टरों ने सेवाएं जारी रखीं।
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डॉक्टर और पुलिस में हुई बहस
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान राजेश ख्यालिया सहित अन्य डॉक्टर सेक्टर-6 के हरियाणा डीजी हेल्थ दफ्तर पर पहुंचे। वहां पहले से माैजूद पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठने वाले डॉक्टरों को रोक दिया। इस दौरान एसोसिएशन और पुलिस के बीच जमकर बहस हुई। राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार हमारी मांगें नहीं मान रही और डॉक्टरों को पुलिस का डर दिखाकर जबरन ड्यूटी पर बुलाया जा रहा है।
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मरीजों की परेशानियां
नहीं मिला इलाज
मैं हड्डी की ओपीडी में आई थी। नंबर लगाने के तीन घंटे बाद भी डॉक्टर नहीं थे। इलाज नहीं मिला अब एक्सरे और इलाज के लिए दोबारा आना पड़ेगा। - पूजा, राजीव कॉलोनी
इलाज देरी से मिला
मेरे पैर की हड्डी टूट गई थी। ओपीडी में डॉक्टर नहीं बैठे थे। इसलिए इलाज में देरी हुई। -उमेश, पीरमुछल्ला
ओपीडी में नहीं थे, इलाज नहीं हुआ
टीबी ओपीडी में सांस और सीने में दर्द की समस्या के कारण आया था। डॉक्टर दो घंटे से नहीं हैं। इलाज चार घंटे बाद मिला। ये परेशानी कब खत्म होगी। - शुभम, यमुनानगर
ऑपरेशन के लिए तीन दिन से खा रहे धक्के
मेरे पैर का कूल्हा टूट गया। तीन घंटे लाइन में लगने के बाद नंबर आया। ऑपरेशन में भीड़ अधिक थी इसलिए परेशानी हुई। - सबरीन, कालाअंब
अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया
डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ पंचकूला ने बताया कि सभी ओपीडी और ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। हड़ताल करने वाले डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। बाहर से डॉक्टर बुलाकर सभी सुविधाएं जारी रखी जा रही हैं।
मरीजों की कुल ओपीडी
सर्जरी हुई
एमएलआर
कुल डिलीवरी हुई
सिजेरियन डिलीवरी
डायलिसिस
एमएलआर
अल्ट्रासाउंड
एक्सरे
लैब टेस्ट
पोस्टमार्टम