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Panchkula News: रोजाना 6000 मरीजों की भीड़ से टोकन सिस्टम भी हुआ फेल
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल और एमसीएच में मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। भीड़ नियंत्रित करने के लिए डेढ़ महीने पहले शुरू किया गया टोकन सिस्टम भी फेल हो गया है।
अस्पताल में रोजाना करीब छह हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 600 से अधिक नए मरीज ओपीडी में आते हैं। गायनी, बाल रोग, मेडिसिन और हड्डी रोग विभाग में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है।
एमसीएच में गायनी और पीडियाट्रिक वार्ड शिफ्ट होने के बाद से मरीजों का दबाव दोगुना हो गया है। पीएचसी और यूएचसी से भी मरीज सीधे यहां भेजे जा रहे हैं, जबकि कर्मचारियों की संख्या पहले जितनी ही है।
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पहले एंट्री पास, अब टोकन सिस्टम फेल : पीएमओ कार्यालय ने तीन महीने पहले नागरिक अस्पताल और एमसीएच में मरीजों की संख्या नियंत्रित करने और प्रत्येक मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को प्रवेश देने की योजना बनाई थी। इसके तहत एंट्री पास भी जारी किए गए, लेकिन यह व्यवस्था कारगर साबित नहीं हुई। इसके बाद एडीसी विवेक आर्य ने अस्पताल पहुंचकर प्रबंधन को ओपीडी कार्ड के साथ मरीजों को टोकन जारी करने और उसका ब्योरा ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों की भीड़ संभालना मुश्किल हो रहा है।
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पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल और एमसीएच में मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। भीड़ नियंत्रित करने के लिए डेढ़ महीने पहले शुरू किया गया टोकन सिस्टम भी फेल हो गया है।
अस्पताल में रोजाना करीब छह हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 600 से अधिक नए मरीज ओपीडी में आते हैं। गायनी, बाल रोग, मेडिसिन और हड्डी रोग विभाग में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है।
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एमसीएच में गायनी और पीडियाट्रिक वार्ड शिफ्ट होने के बाद से मरीजों का दबाव दोगुना हो गया है। पीएचसी और यूएचसी से भी मरीज सीधे यहां भेजे जा रहे हैं, जबकि कर्मचारियों की संख्या पहले जितनी ही है।
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पहले एंट्री पास, अब टोकन सिस्टम फेल : पीएमओ कार्यालय ने तीन महीने पहले नागरिक अस्पताल और एमसीएच में मरीजों की संख्या नियंत्रित करने और प्रत्येक मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को प्रवेश देने की योजना बनाई थी। इसके तहत एंट्री पास भी जारी किए गए, लेकिन यह व्यवस्था कारगर साबित नहीं हुई। इसके बाद एडीसी विवेक आर्य ने अस्पताल पहुंचकर प्रबंधन को ओपीडी कार्ड के साथ मरीजों को टोकन जारी करने और उसका ब्योरा ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों की भीड़ संभालना मुश्किल हो रहा है।