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Panchkula News: सरकारी पॉलिटेक्निक-इंजीनियरिंग कॉलेजों का सिलेबस होगा इंडस्ट्री-ओरिएंटेड
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बदलेगा तकनीकी शिक्षा का चेहरा, आईआईटी रोपड़ से हुआ एमओयू
एआई, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा में तकनीकी शिक्षा का चेहरा बदलने की तैयारी है। सरकारी पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों का सिलेबस अब सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसे इंडस्ट्री-ओरिएंटेड बनाया जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और रिन्यूएबल एनर्जी समेत आठ उभरती तकनीकों पर फोकस रहेगा। इसके लिए शुक्रवार को सेक्टर-3 स्थित स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग और आईआईटी रोपड़ के बीच एमओयू हुआ। आईआईटी रोपड़ प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में तकनीकी मार्गदर्शन देगा।
एमओयू का उद्देश्य राज्य में तकनीकी शिक्षा को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप बनाना और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना है। अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा का लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार और इनोवेशन आधारित तकनीकी शिक्षा का इकोसिस्टम तैयार करना है।
फैकल्टी डेवलपमेंट से एक्सपोजर विजिट तक
एमओयू के तहत फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, सर्टिफिकेट कोर्स और वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे। छात्रों के लिए एक्सपोजर विजिट भी करवाई जाएंगी। पाठ्यक्रम में आउटकम-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी नौकरी के साथ अपना स्टार्टअप शुरू करने में भी सक्षम बनें।
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इस पहल में ग्रामीण युवाओं पर विशेष फोकस रहेगा। डिप्लोमा और डिग्रीधारकों को नई तकनीकों में दक्ष कर स्वरोजगार से जोड़ने की योजना है। विभाग के अनुसार, यह समझौता पांच साल के लिए किया गया है और आपसी सहमति से इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकेगी। इसके लिए नोडल अधिकारी और संयुक्त समन्वय समिति बनाई जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एमओयू से किसी भी पक्ष पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
इन आठ तकनीकों पर रहेगा फोकस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स
साइबर सिक्योरिटी
रिन्यूएबल एनर्जी
इलेक्ट्रिक व्हीकल और बैटरी टेक्नोलॉजी
रोबोटिक्स और ऑटोमेशन
ड्रोन टेक्नोलॉजी
एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग
3डी प्रिंटिंग
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एआई, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा में तकनीकी शिक्षा का चेहरा बदलने की तैयारी है। सरकारी पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों का सिलेबस अब सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसे इंडस्ट्री-ओरिएंटेड बनाया जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और रिन्यूएबल एनर्जी समेत आठ उभरती तकनीकों पर फोकस रहेगा। इसके लिए शुक्रवार को सेक्टर-3 स्थित स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग और आईआईटी रोपड़ के बीच एमओयू हुआ। आईआईटी रोपड़ प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में तकनीकी मार्गदर्शन देगा।
एमओयू का उद्देश्य राज्य में तकनीकी शिक्षा को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप बनाना और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना है। अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा का लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार और इनोवेशन आधारित तकनीकी शिक्षा का इकोसिस्टम तैयार करना है।
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फैकल्टी डेवलपमेंट से एक्सपोजर विजिट तक
एमओयू के तहत फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, सर्टिफिकेट कोर्स और वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे। छात्रों के लिए एक्सपोजर विजिट भी करवाई जाएंगी। पाठ्यक्रम में आउटकम-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी नौकरी के साथ अपना स्टार्टअप शुरू करने में भी सक्षम बनें।
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इस पहल में ग्रामीण युवाओं पर विशेष फोकस रहेगा। डिप्लोमा और डिग्रीधारकों को नई तकनीकों में दक्ष कर स्वरोजगार से जोड़ने की योजना है। विभाग के अनुसार, यह समझौता पांच साल के लिए किया गया है और आपसी सहमति से इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकेगी। इसके लिए नोडल अधिकारी और संयुक्त समन्वय समिति बनाई जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एमओयू से किसी भी पक्ष पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
इन आठ तकनीकों पर रहेगा फोकस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स
साइबर सिक्योरिटी
रिन्यूएबल एनर्जी
इलेक्ट्रिक व्हीकल और बैटरी टेक्नोलॉजी
रोबोटिक्स और ऑटोमेशन
ड्रोन टेक्नोलॉजी
एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग
3डी प्रिंटिंग